स्वामित्व योजना में पटवारियों को निष्पादक (रजिस्ट्रार) की जिम्मेदारी दिए जाने के विरोध में पटवारियों में आक्रोश है। मंगलवार को जिलेभर के पटवारियों ने प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपा। पटवारियों ने मांग की कि उन्हें स्वामित्व योजना के निष्पादन, ई-केवाईसी, पंजीयन और इससे जुड़े व्यक्तिगत दायित्व वाले कार्यों से तुरंत अलग किया जाए। पटवारियों का कहना है कि वे काम करने से नहीं डरते, लेकिन ऐसी जिम्मेदारी के साथ भविष्य में कार्रवाई होने की आशंका से चिंतित हैं। स्वामित्व योजना में निष्पादक की जिम्मेदारी पर आपत्ति पटवारियों ने ज्ञापन में कहा कि स्वामित्व योजना का उद्देश्य ग्रामीण नागरिकों को उनकी संपत्ति का अधिकार अभिलेख उपलब्ध कराना और उसका निष्पादन एवं पंजीयन करना है। इसी योजना में पटवारी संवर्ग को निष्पादक की जिम्मेदारी दी गई है। पटवारियों का कहना है कि इस भूमिका से उन्हें अलग रखा जाना चाहिए। ज्ञापन में कहा गया कि ग्रामीण आबादी क्षेत्र की भूमि का स्वरूप सामान्य राजस्व कृषि भूमि से अलग है। स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी का सर्वेक्षण और मानचित्रण पंचायत राज व्यवस्था के मार्गदर्शन में किया गया है। आवश्यक नक्शा, नाप और तकनीकी कार्यों में राजस्व विभाग के पटवारियों का सहयोग लिया गया था। पटवारी बोले- हमारी भूमिका सहयोग तक रही पटवारियों ने कहा कि इस कार्य में उनकी भूमिका सहयोगात्मक रही है। इसके लिए संबंधित कार्य का मानदेय भी पंचायत विभाग की ओर से दिया जा रहा है। संघ के मुताबिक पटवारियों की भूमिका मूल रूप से सहयोग और अभिलेखीय एवं मैदानी सहायता तक रही है, न कि योजना के मूल निष्पादन की। पटवारी संघ का कहना है कि ग्रामीण आबादी से जुड़े इस काम की मूल प्रशासनिक और क्रियान्वयन व्यवस्था विभागीय ढांचे के तहत रही है। इसलिए स्वामित्व योजना के निष्पादन और पंजीयन की जिम्मेदारी पटवारी संवर्ग को देना उचित नहीं है। नई योजनाओं का अतिरिक्त कार्यभार नहीं देने की मांग ज्ञापन के जरिए पटवारियों ने कहा कि जब तक पटवारी संवर्ग की लंबित वेतन विसंगति, ग्रेड-पे और कैडर रिव्यू सहित प्रमुख सेवा संबंधी समस्याओं का स्थायी निराकरण नहीं किया जाता, तब तक नई योजनाओं का अतिरिक्त तकनीकी और प्रशासनिक कार्यभार नहीं दिया जाए। संघ ने कहा कि पटवारी शासन की पहले से संचालित योजनाओं में अपने दायित्वों का निर्वहन करते रहे हैं। लेकिन मूल सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान किए बिना लगातार नई योजनाओं में अतिरिक्त जिम्मेदारियां दी जा रही हैं। इसलिए पटवारियों को नई योजनाओं के अतिरिक्त कार्य से अलग रखा जाए। दबाव बढ़ा तो कलमबंद आंदोलन की चेतावनी पटवारियों ने चेतावनी दी कि यदि उन पर अत्यधिक दबाव बनाया गया और उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया तो प्रदेश स्तर पर कलमबंद आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। संघ ने कहा कि आंदोलन के कारण आम लोगों को होने वाली कठिनाई के लिए शासन स्वयं जिम्मेदार होगा।

