स्टूडेंट के लिए बड़ी राहत, MPPSC की परीक्षा में शामिल स्टूडेंट देख सकेंगे आंसरशीट

स्टूडेंट के लिए बड़ी राहत, MPPSC की परीक्षा में शामिल स्टूडेंट देख सकेंगे आंसरशीट

Bhopal news: मप्र लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) की राज्य सेवा मुख्य परीक्षा के अभ्यर्थी अब उत्तरपुस्तिका देख सकेंगे। आयोग नवंबर 2026 से राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2019 से 2024 तक की उत्तरपुस्तिकाएं अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराने की व्यवस्था शुरू करने जा रहा है। इसके तहत अभ्यर्थी अपने लिखे जवाब, प्रत्येक प्रश्न पर मिले अंक और मूल्यांकन की स्थिति को स्क्रीन पर देख सकेंगे।

आयोग ने यह व्यवस्था मूल्यांकन को लेकरलगातार उठते सवालों और न्यायालय में पहुंच रहे मामलों को देखते हुए शुरू करने का निर्णय लिया है। अब तक परिणाम जारी होने के बाद अभ्यर्थियों के सामने यह स्पष्ट नहीं होता था कि किस उत्तर पर कितने अंक मिले और किस प्रश्न में अपेक्षित अंक नहीं मिले। उत्तरपुस्तिका देखने की सुविधा शुरू होने के बाद वे अपने उत्तर और मिले अंकों का मिलान कर सकेंगे।

पहले ऑनलाइन आवेदन, फिर मिलेगा स्लॉट

उत्तरपुस्तिका देखने के लिए अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। एमपीपीएससी के ओएससी आर. पंचभाई के अनुसार, आवेदन के बाद आयोग उपलब्ध तारीख और समय के अनुसार अभ्यर्थी को स्लॉट उपलब्ध कराएगा। अभ्यर्थी उपलब्ध स्लॉट में अपनी सुविधा के अनुसार समय चुन सकेंगे। आवेदन प्रक्रिया, शुल्क और अन्य नियमों की विस्तृत जानकारी -आयोग की वेबसाइट पर जारी की जाएगी।

चुन सकेंगे विकल्प

अभ्यर्थी एक से लेकर सभी छह प्रश्नपत्रों की उत्तरपुस्तिका देखने का विकल्प चुन सकेंगे। मौजूदा व्यवस्था के अनुसार उत्तरपुस्तिका की प्रति कंप्यूटर स्क्रीन पर दिखाई जाएगी। यानी अभ्यर्थी अपनी पूरी कॉपी डिजिटल माध्यम से देख सकेंगे। इससे उन्हें अपनी तैयारी और उत्तर लेखन की कमियों का भी आकलन करने में मदद मिलेगी। आयोग का मानना है कि इससे मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और मूल्यांकन संबंधी शिकायतों में कमी आएगी।

मूल्यांकन पर लगातार उठते रहे सवाल

2019 की परीक्षाओं में 49 तो 2024 में दो दर्जन से अधिक याचिकाएं परीक्षा परिणामों के खिलाफ कोर्ट पहुंची। इनमें राज्य सेवा परीक्षाओं में मूल्यांकन, प्रश्नों के उत्तर और परिणाम पर सवाल उठते रहे हैं। विधानसभा में भी आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा में अभ्यर्थियों को उत्तरपुस्तिका और अंकसूची दिखाने की व्यवस्था करने को लेकर सवाल उठ चुके हैं। सरकार ने कोर्ट में लंबित मामलों के कारण प्रक्रिया प्रभावित होने की जानकारी दी थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *