स्कूल में सांप पकड़ने गए बुजुर्ग को डसा:अस्पताल ले जाने के बजाय कराई झाड़-फूंक, मौत के बाद अस्पताल ले गए परिजन

स्कूल में सांप पकड़ने गए बुजुर्ग को डसा:अस्पताल ले जाने के बजाय कराई झाड़-फूंक, मौत के बाद अस्पताल ले गए परिजन

पश्चिम चंपारण जिले के गौनाहा प्रखंड के धमौरा स्थित अनुसूचित जनजाति आवासीय विद्यालय में जहरीला सांप निकलने के बाद उसे पकड़ने गए 60 वर्षीय बिंदा महतो की सांप के डसने से मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के परिवार में मातम पसरा है। जानकारी के अनुसार, धमौरा के आवासीय विद्यालय के एक बाथरूम में सांप निकला था। विद्यालय प्रबंधन ने वन विभाग को सूचना देने के बजाय गांव के बिंदा महतो को सांप पकड़ने के लिए बुलाया था। विद्यालय के प्रधानाध्यापक राघवेंद्र मोहन झा ने बताया कि बिंदा महतो पहले भी सांप पकड़ने का काम करते थे। सांप पकड़ने के दौरान डसा बताया गया कि सांप पकड़ने के दौरान उसने बिंदा महतो को डस लिया। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। मृतक की पत्नी मनतुरनी देवी का कहना है कि बिंदा के विद्यालय पहुंचने से पहले ही सांप पर हमला किया गया था। इससे सांप गुस्से में था और उसने उनके पति को डस लिया। हालांकि, प्रधानाध्यापक राघवेंद्र मोहन झा ने इस बात से इनकार किया कि बिंदा की तबीयत विद्यालय में ही खराब हुई थी। उन्होंने बताया कि बिंदा ने सांप को पकड़ लिया था और सुरक्षित अपने घर चले गए थे। अस्पताल ले जाने के बजाय कराई झाड़-फूंक सांप के डसने के बाद परिजन बिंदा महतो को तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक कराने के लिए मैनाटांड़ प्रखंड के ब्रिंची गांव ले गए। वहां उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उनकी मौत हो गई। मौत के बाद परिजन उन्हें गौनाहा अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। नदी किनारे दफनाया शव मौत के बाद परिजनों ने बिंदा महतो के शव को डोहरम नदी के किनारे दफना दिया। ग्रामीणों के अनुसार, सांप के काटने से मौत होने पर शव को दफनाने की स्थानीय मान्यता है। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है। वहीं, मामले में विद्यालय प्रबंधन की ओर से वन विभाग को सूचना नहीं देने और सांप पकड़ने के लिए स्थानीय व्यक्ति को बुलाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पश्चिम चंपारण जिले के गौनाहा प्रखंड के धमौरा स्थित अनुसूचित जनजाति आवासीय विद्यालय में जहरीला सांप निकलने के बाद उसे पकड़ने गए 60 वर्षीय बिंदा महतो की सांप के डसने से मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के परिवार में मातम पसरा है। जानकारी के अनुसार, धमौरा के आवासीय विद्यालय के एक बाथरूम में सांप निकला था। विद्यालय प्रबंधन ने वन विभाग को सूचना देने के बजाय गांव के बिंदा महतो को सांप पकड़ने के लिए बुलाया था। विद्यालय के प्रधानाध्यापक राघवेंद्र मोहन झा ने बताया कि बिंदा महतो पहले भी सांप पकड़ने का काम करते थे। सांप पकड़ने के दौरान डसा बताया गया कि सांप पकड़ने के दौरान उसने बिंदा महतो को डस लिया। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। मृतक की पत्नी मनतुरनी देवी का कहना है कि बिंदा के विद्यालय पहुंचने से पहले ही सांप पर हमला किया गया था। इससे सांप गुस्से में था और उसने उनके पति को डस लिया। हालांकि, प्रधानाध्यापक राघवेंद्र मोहन झा ने इस बात से इनकार किया कि बिंदा की तबीयत विद्यालय में ही खराब हुई थी। उन्होंने बताया कि बिंदा ने सांप को पकड़ लिया था और सुरक्षित अपने घर चले गए थे। अस्पताल ले जाने के बजाय कराई झाड़-फूंक सांप के डसने के बाद परिजन बिंदा महतो को तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक कराने के लिए मैनाटांड़ प्रखंड के ब्रिंची गांव ले गए। वहां उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उनकी मौत हो गई। मौत के बाद परिजन उन्हें गौनाहा अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। नदी किनारे दफनाया शव मौत के बाद परिजनों ने बिंदा महतो के शव को डोहरम नदी के किनारे दफना दिया। ग्रामीणों के अनुसार, सांप के काटने से मौत होने पर शव को दफनाने की स्थानीय मान्यता है। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है। वहीं, मामले में विद्यालय प्रबंधन की ओर से वन विभाग को सूचना नहीं देने और सांप पकड़ने के लिए स्थानीय व्यक्ति को बुलाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *