स्कूली बच्चों से शौचालय साफ कराने का आरोप:डीएम के जनता दरबार पहुंचे बच्चे, टीचर कहती; लाल कलम चला देंगे तो कहीं एडमिशन नहीं होगा

स्कूली बच्चों से शौचालय साफ कराने का आरोप:डीएम के जनता दरबार पहुंचे बच्चे, टीचर कहती; लाल कलम चला देंगे तो कहीं एडमिशन नहीं होगा

समस्तीपुर में राजकीय प्राथमिक विद्यालय चक हबिर की प्रधानाध्यापिका इंदू कुमार पर बच्चों से शौचालय साफ कराने का आरोप है। करीब 6 बच्चे अपने पैरेंट्स के साथ सोमवार को डीएम रौशन कुशवाहा के जनता दरबाद में पहुंचे थे और आवेदन भी दिया। परिजन का कहना है कि इस संबंध में प्रधानाध्यापिका से सावल करने गए तो उन्होंने उल्टा हम पर केस कर दिया। कहने लगी कि बिना अनुमति स्कूल में कैसे आ गएं। वहीं, क्लास 6 की छात्रा कहती है कि हम स्कूल गए तो हमें धूप में खड़ा करा दिया। प्रधानाध्यापिका कहती हैं कि लाल कलम चला देंगे तो कहीं एडमिशन नहीं होगा। इसके बाद हम काफी डर गए। अब स्कूल जाने का मन नहीं करता है। मामला पटोरी प्रखंड का है। बच्चों ने पहले घर पर जाकर पैरेंट्स को दी जानकारी चकसाहो पंचायत निवासी भरत राम सहित कई अभिभावक अपनी बच्चियों को लेकर जनता दरबार पहुंचे। उनका आरोप है कि प्रधानाध्यापिका इंदु कुमारी स्कूल में पढ़ने वाली बच्चियों से नियमित रूप से शौचालय साफ करवाती थीं। बच्चों ने घर जाकर इसकी शिकायत की, जिसके बाद अभिभावकों ने विरोध जताने का फैसला किया। बच्चे स्कूल जाने से डर रहे हैं अभिभावकों के मुताबिक, 24 अक्टूबर को हम बच्चों और एक स्थानीय पत्रकार के साथ स्कूल पहुंचे थे। उन्होंने प्रधानाध्यापिका से बच्चों से शौचालय साफ कराने के आरोप के बारे में पूछा। आरोप है कि इस दौरान प्रधानाध्यापिका ने विवाद किया। दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। परिजन भारत राम का आरोप है कि अगले दिन, 25 अक्टूबर को हमारे खिलाफ पटोरी थाने में एससी-एसटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई। परिवारों को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद बच्चे स्कूल जाने से डर रहे हैं। शिक्षा विभाग जांच कर रहा है जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने बताया कि बच्चों के परिजनों की ओर से लिखित आवेदन प्राप्त हुआ है। आवेदन को जांच के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी के पास भेज दिया गया है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामला शिक्षा विभाग की जांच के अधीन है। समस्तीपुर में राजकीय प्राथमिक विद्यालय चक हबिर की प्रधानाध्यापिका इंदू कुमार पर बच्चों से शौचालय साफ कराने का आरोप है। करीब 6 बच्चे अपने पैरेंट्स के साथ सोमवार को डीएम रौशन कुशवाहा के जनता दरबाद में पहुंचे थे और आवेदन भी दिया। परिजन का कहना है कि इस संबंध में प्रधानाध्यापिका से सावल करने गए तो उन्होंने उल्टा हम पर केस कर दिया। कहने लगी कि बिना अनुमति स्कूल में कैसे आ गएं। वहीं, क्लास 6 की छात्रा कहती है कि हम स्कूल गए तो हमें धूप में खड़ा करा दिया। प्रधानाध्यापिका कहती हैं कि लाल कलम चला देंगे तो कहीं एडमिशन नहीं होगा। इसके बाद हम काफी डर गए। अब स्कूल जाने का मन नहीं करता है। मामला पटोरी प्रखंड का है। बच्चों ने पहले घर पर जाकर पैरेंट्स को दी जानकारी चकसाहो पंचायत निवासी भरत राम सहित कई अभिभावक अपनी बच्चियों को लेकर जनता दरबार पहुंचे। उनका आरोप है कि प्रधानाध्यापिका इंदु कुमारी स्कूल में पढ़ने वाली बच्चियों से नियमित रूप से शौचालय साफ करवाती थीं। बच्चों ने घर जाकर इसकी शिकायत की, जिसके बाद अभिभावकों ने विरोध जताने का फैसला किया। बच्चे स्कूल जाने से डर रहे हैं अभिभावकों के मुताबिक, 24 अक्टूबर को हम बच्चों और एक स्थानीय पत्रकार के साथ स्कूल पहुंचे थे। उन्होंने प्रधानाध्यापिका से बच्चों से शौचालय साफ कराने के आरोप के बारे में पूछा। आरोप है कि इस दौरान प्रधानाध्यापिका ने विवाद किया। दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। परिजन भारत राम का आरोप है कि अगले दिन, 25 अक्टूबर को हमारे खिलाफ पटोरी थाने में एससी-एसटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई। परिवारों को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद बच्चे स्कूल जाने से डर रहे हैं। शिक्षा विभाग जांच कर रहा है जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने बताया कि बच्चों के परिजनों की ओर से लिखित आवेदन प्राप्त हुआ है। आवेदन को जांच के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी के पास भेज दिया गया है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामला शिक्षा विभाग की जांच के अधीन है।  

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