पश्चिमी सिंहभूम जिले में गुरुवार से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं। बड़ाजामदा और गुवा के बाद अब सोनुआ में भी भारी बारिश का व्यापक असर देखा जा रहा है। सोनुआ बाजार से गुजरने वाली नहर का पानी ओवरफ्लो होकर बाजार और आसपास के घरों में प्रवेश कर गया है, जिससे दुकानदारों और स्थानीय निवासियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लगातार वर्षा के कारण नहर में पानी का दबाव अत्यधिक बढ़ गया, जिसके परिणामस्वरूप पानी नहर से बाहर निकलकर पूरे बाजार क्षेत्र में फैल गया। कई दुकानों और आवासीय परिसरों के आसपास जलजमाव की स्थिति बन गई है। इससे लोगों को आवाजाही में कठिनाई हो रही है। साथ ही अपने सामान को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सिंचाई विभाग द्वारा नहर की नियमित साफ-सफाई नहीं कराई जाती है। नहर में गाद और अन्य कचरा जमा होने के कारण पानी का सामान्य बहाव बाधित होता है। भारी बारिश के दौरान पानी की उचित निकासी न होने से नहर ओवरफ्लो हो गई और इसका पानी बाजार तथा घरों में घुस गया। ग्रामीणों के अनुसार, लगभग 11 करोड़ रुपए की लागत से इस पक्की नहर का निर्माण किया गया था। इसके बावजूद भारी बारिश में जल निकासी की समस्या सामने आने से लोग नहर के निर्माण की गुणवत्ता और उसकी प्रबंधन व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि यदि नहर की नियमित सफाई और पानी निकासी की उचित व्यवस्था होती, तो बाजार और घरों में पानी घुसने की यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। नहर का पानी बाजार और घरों में प्रवेश करने से स्थानीय लोगों में सिंचाई विभाग के प्रति गहरा रोष है। लोगों ने विभाग से नहर की तत्काल सफाई कराने, जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी समाधान खोजने की मांग की है। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि बारिश जारी रहती है, तो जलजमाव की समस्या और अधिक गंभीर हो सकती है। उन्होंने प्रशासन और सिंचाई विभाग से तत्काल मौके का निरीक्षण कर आवश्यक एवं प्रभावी कार्रवाई करने का आग्रह किया है। पश्चिमी सिंहभूम जिले में गुरुवार से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं। बड़ाजामदा और गुवा के बाद अब सोनुआ में भी भारी बारिश का व्यापक असर देखा जा रहा है। सोनुआ बाजार से गुजरने वाली नहर का पानी ओवरफ्लो होकर बाजार और आसपास के घरों में प्रवेश कर गया है, जिससे दुकानदारों और स्थानीय निवासियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लगातार वर्षा के कारण नहर में पानी का दबाव अत्यधिक बढ़ गया, जिसके परिणामस्वरूप पानी नहर से बाहर निकलकर पूरे बाजार क्षेत्र में फैल गया। कई दुकानों और आवासीय परिसरों के आसपास जलजमाव की स्थिति बन गई है। इससे लोगों को आवाजाही में कठिनाई हो रही है। साथ ही अपने सामान को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सिंचाई विभाग द्वारा नहर की नियमित साफ-सफाई नहीं कराई जाती है। नहर में गाद और अन्य कचरा जमा होने के कारण पानी का सामान्य बहाव बाधित होता है। भारी बारिश के दौरान पानी की उचित निकासी न होने से नहर ओवरफ्लो हो गई और इसका पानी बाजार तथा घरों में घुस गया। ग्रामीणों के अनुसार, लगभग 11 करोड़ रुपए की लागत से इस पक्की नहर का निर्माण किया गया था। इसके बावजूद भारी बारिश में जल निकासी की समस्या सामने आने से लोग नहर के निर्माण की गुणवत्ता और उसकी प्रबंधन व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि यदि नहर की नियमित सफाई और पानी निकासी की उचित व्यवस्था होती, तो बाजार और घरों में पानी घुसने की यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। नहर का पानी बाजार और घरों में प्रवेश करने से स्थानीय लोगों में सिंचाई विभाग के प्रति गहरा रोष है। लोगों ने विभाग से नहर की तत्काल सफाई कराने, जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी समाधान खोजने की मांग की है। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि बारिश जारी रहती है, तो जलजमाव की समस्या और अधिक गंभीर हो सकती है। उन्होंने प्रशासन और सिंचाई विभाग से तत्काल मौके का निरीक्षण कर आवश्यक एवं प्रभावी कार्रवाई करने का आग्रह किया है।


