सोनीपत में विजय दशमी के अवसर पर सोनीपत और गोहाना क्षेत्र में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित कर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया। सोनीपत के कामी रोड स्थित रामलीला मैदान में रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों का दहन किया गया। वहीं, गोहाना के गांव कासंडी में ग्रामीणों, आर्य समाजियों और रक्षक सेना ने पाखंडवाद के खिलाफ जागृति जुलूस निकालकर रामपाल का पुतला फूंका। एक ओर दशहरे के पारंपरिक आयोजन में धर्म, मर्यादा और नैतिक मूल्यों का संदेश दिया गया, तो दूसरी ओर कासंडी में लोगों से अंधविश्वास छोड़कर वैज्ञानिक सोच अपनाने और वैदिक धर्म की ओर लौटने की अपील की गई। कामी रोड पर रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों का दहन सोनीपत के कामी रोड स्थित रामलीला मैदान में रामलीला सभा की ओर से दशहरा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें पूर्व कैबिनेट मंत्री कविता जैन ने शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों का दहन किया गया। इस अवसर पर उन्होंने लोगों को दशहरे की शुभकामनाएं देते हुए पर्व के महत्व पर प्रकाश डाला। कविता जैन बोलीं- भारत विश्व गुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा पूर्व कैबिनेट मंत्री कविता जैन ने अपने संबोधन में कहा कि दशहरा बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक है। आज पूरा विश्व भारत की ओर देख रहा है और देश विश्व गुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने लोगों से सकारात्मक विचार अपनाने और नैतिक मूल्यों को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। अपने भीतर की बुराइयों को खत्म करने का संदेश कविता जैन ने कहा कि दशहरे का संदेश केवल रावण के पुतले का दहन करने तक सीमित नहीं है। इस पर्व से प्रेरणा लेकर प्रत्येक व्यक्ति को अपने भीतर मौजूद अहंकार, क्रोध, लालच और द्वेष जैसी बुराइयों को दूर करने का प्रयास करना चाहिए। भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, मर्यादा, कर्तव्य और आदर्शों का प्रतीक है। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर समाज में सद्भाव और सकारात्मकता को बढ़ावा दिया जा सकता है। कासंडी में पाखंडवाद के खिलाफ निकाला जागृति जुलूस गोहाना के गांव कासंडी में विजय दशमी पर ग्रामीणों, आर्य समाजियों और रक्षक सेना के संयुक्त प्रयास से जागृति जुलूस निकाला गया। इसमें सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। ग्रामीण हाथों में भगवा और ॐ लिखे झंडे लेकर गांव की मुख्य गलियों से गुजरे। इस दौरान पाखंडवाद बंद करने के नारे लगाए गए। जुलूस गांव के मुख्य द्वार पर पहुंचा, जहां जनसभा आयोजित की गई। इसके बाद रामपाल का पुतला फूंका गया। वक्ताओं ने वैज्ञानिक सोच अपनाने की अपील की जनसभा में वक्ताओं ने कहा कि विजय दशमी बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। उन्होंने पाखंड को समाज की एक बड़ी बुराई बताते हुए लोगों से अंधविश्वास से दूर रहने, वैज्ञानिक सोच अपनाने और वैदिक धर्म की ओर लौटने की अपील की। विचार-गोष्ठी के बाद उपस्थित लोगों की सहमति से रामपाल का पुतला दहन किया गया। आयोजकों ने कहा कि समाज में जागरूकता बढ़ाने और लोगों को रूढ़ियों से दूर करने के लिए ऐसे कार्यक्रम महत्वपूर्ण हैं। सरपंच संदीप आर्य का अभियान जारी रखने की अपील कार्यक्रम में गांव के सरपंच संदीप आर्य ने अपने विचार रखते हुए जागरूकता गतिविधियों को लगातार जारी रखने की अपील की। उन्होंने सामाजिक जागरूकता के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत पर जोर दिया। सुरेश आर्य ने मंच संचालन किया और अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से संपन्न हुआ। रक्षक सेना प्रमुख सहित सैकड़ों लोग रहे मौजूद कार्यक्रम में रक्षक सेना प्रमुख मनजीत तिहाड़ा वक्ता के रूप में शामिल हुए। इनके अलावा डॉ. धर्मपाल आर्य, जिला प्रधान सोनीपत, स्वामी ठंडाराम जुआ गुरुकुल, आचार्य वेदनिष्ठ विजेंद्र शास्त्री, मनजीत आर्य कोच, प्रवीण आर्य, सरपंच संदीप आर्य, सुरेश आर्य, अनिल आर्य, मास्टर संदीप आर्य, विनय आर्य, सतीश जांगड़ा, राजेश आर्य, नरेश आर्य और वीरेंद्र आर्य सहित सैकड़ों ग्रामीण, युवा, बुजुर्ग और बच्चे मौजूद रहे।

