औरैया जिले में बारिश के कारण सेंगुर नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ गया है। इससे किसानों की परेशानी बढ़ गई है। विकास खंड अछल्दा के महेवा मार्ग से चिमकुनी गांव के पास सेंगुर नदी उफान पर है। नदी का जलस्तर बढ़ने से किनारे के खेतों में खड़ी धान और बाजरा की फसलें जलमग्न हो रही हैं। सैकड़ों बीघा फसल पानी में डूबने से किसान चिंतित हैं। ग्रामीणों ने बताया कि 4 सितंबर को जलस्तर घटने से किसानों को थोड़ी राहत मिली थी। लेकिन शुक्रवार को दोबारा जलस्तर बढ़ने से खेतों में खड़ी फसलें फिर से डूब गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो पूरी फसल बर्बाद हो सकती है। अधिकारियों को निगरानी के निर्देश दिए नदी के किनारे बना शवदाह गृह भी पानी की चपेट में आ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर कोई अप्रिय घटना होती है, तो अंतिम संस्कार में दिक्कत होगी। इसके अलावा, नदी के बगल में बने मंदिर के आसपास की जमीन और मेला मैदान भी धीरे-धीरे पानी में डूब रहा है। सूचना मिलने पर उपजिलाधिकारी बिधूना कमल कुमार शुक्रवार शाम को मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को निगरानी के निर्देश दिए। निगरानी कर रही टीम के नवीन कुमार ने बताया कि अभी सेंगुर नदी का जलस्तर 135.85 सेंटीमीटर चल रहा है।

