सूर्यघर स्कीम के 63 घरों में सोलर पैनल नहीं लगे:प्रशासन ने रफ्तार बढ़ाने बैंक और बिजली विभाग के साथ की मीटिंग

सूर्यघर स्कीम के 63 घरों में सोलर पैनल नहीं लगे:प्रशासन ने रफ्तार बढ़ाने बैंक और बिजली विभाग के साथ की मीटिंग

जिला प्रशासन ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को जिले में तेजी से लागू करने के लिए कदम उठाए हैं। जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में बिजली विभाग के इंजीनियरों और बैंक अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक हुई। इसमें लंबित आवेदनों, सोलर पैनल लगाने और लोन की मंजूरी व वितरण की स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक में पता चला कि लोन मंजूर होने और पैसे मिलने के बाद भी 63 लाभार्थियों के घरों में सोलर पैनल लगाने का काम रुका हुआ है। 57 आवेदकों के लोन मंजूर हो चुके जिला पदाधिकारी ने संबंधित कार्यपालक इंजीनियर को निर्देश दिया कि जिन आवेदकों को मंजूरी मिल चुकी है, उनके घरों में वेंडरों के जरिए जल्द से जल्द सोलर पैनल लगवाए जाएं। उन्होंने साफ किया कि रुके हुए कामों में बेवजह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन ने संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर तय समय में सभी रुके हुए इंस्टॉलेशन पूरे करने और उनकी लगातार निगरानी करने पर जोर दिया। बैंक स्तर पर योजना की समीक्षा में बताया गया कि 254 आवेदन अभी प्रक्रिया में हैं। वहीं, 57 आवेदकों के लोन मंजूर हो चुके हैं और उन्हें पैसे दिए जा रहे हैं। जिला पदाधिकारी ने बैंक अधिकारियों और संबंधित पदाधिकारियों को लोन मंजूरी और पैसे के वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया। तय लक्ष्य पूरा करने का भी दिया निर्देश योजना का लाभ ज्यादा से ज्यादा परिवारों तक पहुंचाने के लिए नगर परिषद के कार्यपालक अधिकारियों को सभी वार्डों में कम से कम 10-10 आवेदन सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही, लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाकर योग्य लाभार्थियों को योजना से जोड़ने और तय लक्ष्य पूरा करने का निर्देश भी दिया गया। अधिकतम 98 हजार रुपये तक की सब्सिडी बैठक में बताया गया कि इस योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को घर पर रूफटॉप सोलर लगाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की तरफ से सब्सिडी दी जा रही है। 1 किलोवाट पर 40 हजार रुपये, 2 किलोवाट पर 80 हजार रुपये तथा 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता पर अधिकतम 98 हजार रुपये तक की सब्सिडी दी जाती है। बैठक में विद्युत कार्यपालक राजेश प्रियदर्शी, सहायक अभियंता, कनीय विद्युत अभियंता, जिला प्रबंधक जीविका, सभी बैंकों के शाखा प्रबंधक व प्रतिनिधि समेत संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे। जिला प्रशासन ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को जिले में तेजी से लागू करने के लिए कदम उठाए हैं। जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में बिजली विभाग के इंजीनियरों और बैंक अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक हुई। इसमें लंबित आवेदनों, सोलर पैनल लगाने और लोन की मंजूरी व वितरण की स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक में पता चला कि लोन मंजूर होने और पैसे मिलने के बाद भी 63 लाभार्थियों के घरों में सोलर पैनल लगाने का काम रुका हुआ है। 57 आवेदकों के लोन मंजूर हो चुके जिला पदाधिकारी ने संबंधित कार्यपालक इंजीनियर को निर्देश दिया कि जिन आवेदकों को मंजूरी मिल चुकी है, उनके घरों में वेंडरों के जरिए जल्द से जल्द सोलर पैनल लगवाए जाएं। उन्होंने साफ किया कि रुके हुए कामों में बेवजह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन ने संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर तय समय में सभी रुके हुए इंस्टॉलेशन पूरे करने और उनकी लगातार निगरानी करने पर जोर दिया। बैंक स्तर पर योजना की समीक्षा में बताया गया कि 254 आवेदन अभी प्रक्रिया में हैं। वहीं, 57 आवेदकों के लोन मंजूर हो चुके हैं और उन्हें पैसे दिए जा रहे हैं। जिला पदाधिकारी ने बैंक अधिकारियों और संबंधित पदाधिकारियों को लोन मंजूरी और पैसे के वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया। तय लक्ष्य पूरा करने का भी दिया निर्देश योजना का लाभ ज्यादा से ज्यादा परिवारों तक पहुंचाने के लिए नगर परिषद के कार्यपालक अधिकारियों को सभी वार्डों में कम से कम 10-10 आवेदन सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही, लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाकर योग्य लाभार्थियों को योजना से जोड़ने और तय लक्ष्य पूरा करने का निर्देश भी दिया गया। अधिकतम 98 हजार रुपये तक की सब्सिडी बैठक में बताया गया कि इस योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को घर पर रूफटॉप सोलर लगाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की तरफ से सब्सिडी दी जा रही है। 1 किलोवाट पर 40 हजार रुपये, 2 किलोवाट पर 80 हजार रुपये तथा 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता पर अधिकतम 98 हजार रुपये तक की सब्सिडी दी जाती है। बैठक में विद्युत कार्यपालक राजेश प्रियदर्शी, सहायक अभियंता, कनीय विद्युत अभियंता, जिला प्रबंधक जीविका, सभी बैंकों के शाखा प्रबंधक व प्रतिनिधि समेत संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *