सुल्तानपुर के कादीपुर और दोस्तपुर तहसील क्षेत्रों में तैनात पूर्ति निरीक्षक जितेंद्र बहादुर सिंह पर भ्रष्टाचार, पक्षपात और पदीय दायित्वों के निर्वहन में अनियमितता के गंभीर आरोप लगे हैं। बहुजन अधिकार सेना ने इस मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। संगठन के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव अशोक कुमार तिलकाधारी गौतम ने गुरुवार को डीएम को संबोधित एक मांगपत्र अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा। ज्ञापन में बताया गया है कि पूर्ति निरीक्षक जितेंद्र बहादुर सिंह कादीपुर तहसील क्षेत्र में लगभग तीन वर्ष और दोस्तपुर तहसील क्षेत्र में करीब दो वर्ष से लगातार एक ही स्थान पर तैनात हैं। बहुजन अधिकार सेना का आरोप है कि इतने लंबे समय तक एक ही संवेदनशील विभाग में पदस्थ रहने से पारदर्शिता प्रभावित हो रही है। यह स्थिति शासन की स्थानांतरण नीति का उल्लंघन मानी जा रही है। संगठन ने दुकानों के आवंटन में धांधली का भी आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, नियमों का उल्लंघन करते हुए मनपसंद और चहेते व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से दुकानें आवंटित की जा रही हैं। बहुजन अधिकार सेना ने राशन कार्डों की भी विस्तृत जांच की मांग की है। इसमें फर्जी नाम हटाने या जोड़ने, निरस्तीकरण, स्टॉक सत्यापन और ई-पॉस मशीन के रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच शामिल है, ताकि पात्र लाभार्थियों को उनका हक मिल सके। इसके अतिरिक्त, संगठन ने पूर्ति निरीक्षक द्वारा अपने या परिजनों के नाम पर अर्जित की गई आय से अधिक संपत्ति और विभागीय नियमों के विरुद्ध किए गए कार्यों की भी पारदर्शी जांच की मांग की है। संगठन ने जांच की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारी को वर्तमान तैनाती स्थल से तत्काल हटाने की मांग की है। साथ ही, यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि शिकायत की जांच के दौरान सरकारी अभिलेखों और डिजिटल रिकॉर्ड से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न हो।

