सुल्तानपुर में अखिल भारतीय क्षत्रिय कल्याण परिषद की जनपद शाखा ने शुक्रवार दोपहर 2 बजे कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। संगठन ने डीएम के माध्यम से भारत की राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें विभिन्न सामाजिक और कानूनी सुधारों की मांग की गई है। यह ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को दिया गया। ज्ञापन में परिषद ने वर्तमान सामाजिक, प्रशासनिक और शैक्षणिक नीतियों और कानूनों में संशोधन व समीक्षा की मांग उठाई है। परिषद की प्रमुख मांगों में ‘सवर्ण आयोग’ का गठन शामिल है। संगठन का तर्क है कि अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग, अल्पसंख्यक आयोग और पिछड़ा वर्ग आयोग की तर्ज पर समानता और न्याय के हित में सवर्ण आयोग भी बनाया जाना चाहिए। एक अन्य महत्वपूर्ण मांग एससी/एसटी एक्ट की समाप्ति है। परिषद ने इस अधिनियम को दुर्भावनापूर्ण और प्राकृतिक न्याय के विपरीत बताया है। उनका आरोप है कि एफआईआर पर प्रोत्साहन राशि के प्रावधान से फर्जी मामले दर्ज करने को बढ़ावा मिलता है, जिससे समाज में विषमता बढ़ रही है। संगठन ने आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा करने और पदोन्नति (प्रमोशन) में आरक्षण समाप्त करने की भी मांग की है। इसके बजाय, सभी जातियों/वर्गों को आर्थिक आधार पर आरक्षण का लाभ देने की बात कही गई है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के संबंधित नियमों को समाप्त या संशोधित करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। अखिल भारतीय क्षत्रिय कल्याण परिषद ने ज्ञापन के अंत में कहा है कि वह समान विचारधारा वाले संगठनों के साथ मिलकर इन मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखेगी। संगठन ने राष्ट्रपति से इन मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक सकारात्मक निर्णय लेने का अनुरोध किया है। ज्ञापन सौंपने वालों में जिलाध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद सिंह और वरिष्ठ महासचिव रजनीश कुमार सिंह प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

