सुबह उठते ही बच्चा लंगड़ाकर चले तो दें ध्यान, Juvenile Arthritis हो सकती है वजह 

सुबह उठते ही बच्चा लंगड़ाकर चले तो दें ध्यान, Juvenile Arthritis हो सकती है वजह 

Juvenile Arthritis in Children: बच्चों में सुबह उठते ही लंगड़ाकर चलना, जोड़ों में दर्द या अकड़न दिखाई दे तो माता-पिता को इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई बार बच्चे दर्द की शिकायत नहीं करते, लेकिन उनके चलने के तरीके में बदलाव किसी बीमारी का शुरुआती संकेत हो सकता है। इसके पीछे जुवेनाइल इडियोपैथिक आर्थराइटिस (Juvenile Idiopathic Arthritis (JIA)) यानी बच्चों में होने वाला गठिया भी एक कारण हो सकता है। ऐसे में आइए जानते हैं किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

बच्चों में जुवेनाइल आर्थराइटिस क्या है?

जुवेनाइल इडियोपैथिक आर्थराइटिस (Juvenile Idiopathic Arthritis या JIA) बच्चों में होने वाला लंबे समय तक रहने वाला गठिया है। यह 16 साल से कम उम्र के बच्चों में शुरू हो सकता है। इसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से स्वस्थ कोशिकाओं और ऊतकों पर हमला करने लगती है, जिससे जोड़ों में सूजन और दर्द हो सकता है। राष्ट्रीय गठिया एवं मस्कुलोस्केलेटल एवं त्वचा रोग संस्थान (National Institute of Arthritis and Musculoskeletal and Skin Diseases ) के अनुसार, जुवेनाइल इडियोपैथिक आर्थराइटिस में जोड़ों में दर्द, सूजन और अकड़न हो सकती है।

सुबह उठते ही लंगड़ाना क्या हो सकता है JIA का संकेत?

बच्चे में जुवेनाइल आर्थराइटिस का एक संकेत सुबह उठने के बाद लंगड़ाकर चलना हो सकता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि प्रभावित जोड़ों में अकड़न और सूजन सुबह या लंबे समय तक आराम करने के बाद ज्यादा महसूस हो सकती है। राष्ट्रीय गठिया एवं मस्कुलोस्केलेटल एवं त्वचा रोग संस्थान (NIAMS) के मुताबिक, जुवेनाइल आर्थराइटिस में जोड़ों का दर्द, सूजन और अकड़न सुबह के समय या लंबे समय तक बैठे रहने के बाद ज्यादा हो सकती है। खासतौर पर छोटे बच्चे हमेशा दर्द की शिकायत नहीं करते। ऐसे में उनके चलने के तरीके में बदलाव, जैसे सुबह लंगड़ाकर चलना, माता-पिता के लिए ध्यान देने वाला संकेत हो सकता है।

किन लक्षणों पर ध्यान दें?

अगर बच्चे में ये लक्षण बार-बार दिखाई दे रहे हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है-

  • सुबह उठने पर लंगड़ाकर चलना
  • घुटने या दूसरे जोड़ों में सूजन
  • जोड़ों में दर्द या गर्माहट
  • सुबह के समय जोड़ों में ज्यादा अकड़न
  • हाथ-पैर के जोड़ों को पूरी तरह हिलाने में परेशानी
  • बच्चे के चलने या सामान्य गतिविधियों में बदलाव
  • कुछ मामलों में बुखार, त्वचा पर चकत्ते या लसीका ग्रंथियों में सूजन

मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, जुवेनाइल इडियोपैथिक आर्थराइटिस में घुटने जैसे बड़े जोड़ों में सूजन हो सकती है। कुछ बच्चों में बुखार, लसीका ग्रंथियों में सूजन और शरीर पर चकत्ते भी दिखाई दे सकते हैं।

हर बार पैर का दर्द गठिया नहीं होता

बच्चों का लंगड़ाकर चलना हमेशा जुवेनाइल आर्थराइटिस की वजह से नहीं होता। चोट, मोच या दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं भी इसका कारण हो सकती हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा ( NHS) के अनुसार, बच्चों में लंगड़ाकर चलने के कई कारण हो सकते हैं। अगर बच्चे के लंगड़ाने की वजह स्पष्ट नहीं है या इसके साथ दूसरे लक्षण भी मौजूद हैं, तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। इसलिए केवल लंगड़ाकर चलने के आधार पर यह मान लेना सही नहीं है कि बच्चे को गठिया है। सही कारण जानने के लिए डॉक्टर की जांच जरूरी होती है।

आंखों पर भी पड़ सकता है असर

जुवेनाइल आर्थराइटिस का असर केवल जोड़ों तक सीमित नहीं रहता। कुछ बच्चों में आंखों के अंदर सूजन यानी यूवाइटिस भी हो सकती है। खास बात यह है कि कई बार आंखों में सूजन के शुरुआती चरण में कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। राष्ट्रीय गठिया एवं मस्कुलोस्केलेटल एवं त्वचा रोग संस्थान (NIAMS) के अनुसार, जुवेनाइल आर्थराइटिस से जुड़ी आंखों की सूजन का समय पर इलाज न होने पर आंखों में गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। इनमें मोतियाबिंद, आंखों का दबाव बढ़ना और नजर कमजोर होना शामिल है। इसलिए जुवेनाइल आर्थराइटिस वाले बच्चों में डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित आंखों की जांच महत्वपूर्ण है।

बच्चे की लंबाई और विकास भी हो सकता है प्रभावित

बच्चों में लंबे समय तक रहने वाली सूजन उनकी सामान्य वृद्धि और हड्डियों के विकास को प्रभावित कर सकती है। प्रभावित जोड़ के आसपास की हड्डियां सामान्य से तेज या धीमी गति से बढ़ सकती हैं। कुछ मामलों में बच्चे की पूरी शारीरिक वृद्धि भी प्रभावित हो सकती है।

कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?

अगर बच्चे के जोड़ों में लगातार सूजन, अकड़न या दर्द है, सुबह उठने पर बार-बार लंगड़ाकर चलता है या उसके चलने के तरीके में लगातार बदलाव दिखाई दे रहा है, तो डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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