सुपौल में दुर्गा पूजा पर DJ कम्प्लीट बैन:SDM ने कहा- भाईचारे के साथ मनाएं पर्व; SDPO बोले- गाइडलाइन तोड़ी तो होगी कार्रवाई

सुपौल में दुर्गा पूजा पर DJ कम्प्लीट बैन:SDM ने कहा- भाईचारे के साथ मनाएं पर्व; SDPO बोले- गाइडलाइन तोड़ी तो होगी कार्रवाई

सुपौल जिले के निर्मली अनुमंडल कार्यालय में गुरुवार को दुर्गापूजा को लेकर शांति समिति की बैठक हुई। अध्यक्षता एसडीएम धीरज कुमार सिन्हा ने की। बैठक में पुलिस-प्रशासन के पदाधिकारियों के साथ विभिन्न पूजा समितियों के सदस्य शामिल हुए। अधिकारियों ने पूजा और विसर्जन जुलूस को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं भाईचारे के माहौल में संपन्न कराने के लिए लाइसेंस की शर्तों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया। एसडीएम धीरज कुमार सिन्हा ने कहा कि पर्व को लेकर प्रशासन का पूरा सहयोग रहेगा। पूजा समितियां प्रशासन और पुलिस के साथ समन्वय बनाकर आयोजन करें। जुलूस के निर्धारित मार्ग, तिथि और समय का पालन करना होगा। साथ ही यातायात व्यवस्था बाधित नहीं हो, इसका विशेष ध्यान रखना होगा। जुलूस में DJ पर पूरी तरह रोक लाइसेंस की शर्तों के अनुसार दुर्गापूजा जुलूस और शोभायात्रा में DJ का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। ध्वनि विस्तारक यंत्र की आवाज 75 डेसीबल से अधिक नहीं होनी चाहिए। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर या अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। जुलूस में बजने वाले गीतों का सत्यापन थानाध्यक्ष और SDPO से कराने की जिम्मेदारी लाइसेंसधारी की होगी। भड़काऊ नारे और राजनीतिक प्रचार पर रोक जुलूस में किसी धर्म या समुदाय की भावना को ठेस पहुंचाने वाले भड़काऊ भाषण, नारे, अश्लील गीत या आपत्तिजनक प्रदर्शन पर रोक रहेगी। धार्मिक उन्माद फैलाने वाली सामग्री के साथ राजनीतिक दल या किसी व्यक्ति विशेष के प्रचार-प्रसार अथवा विरोध से संबंधित बैनर, फोटो, कार्टून या वीडियो भी प्रदर्शित नहीं किए जा सकेंगे। सोशल मीडिया पर अफवाह या भड़काऊ सामग्री प्रसारित करने से भी बचने की हिदायत दी गई। हथियार, शराब और आतिशबाजी भी प्रतिबंधित जुलूस में अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन नहीं किया जाएगा। जुलूस में शामिल सदस्य शराब या मादक पदार्थ का सेवन नहीं करेंगे। जुलूस के आसपास आतिशबाजी पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। आयोजकों को जुलूस के दौरान अग्निशामक की व्यवस्था रखने का निर्देश दिया गया है। CCTV और वॉलेंटियर रहेंगे तैनात पूजा पंडाल के मुख्य प्रवेश द्वार सहित आवश्यक स्थानों पर CCTV कैमरे लगाने को कहा गया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पहचान पत्र वाले पर्याप्त स्वयंसेवक तैनात करने का निर्देश दिया गया। प्रतिमा स्थल पर आने-जाने के लिए सुगम रास्ता, पर्याप्त रोशनी, साफ-सफाई और बिजली तारों की सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। पंडाल का निर्माण भी मजबूत तरीके से कराने को कहा गया। तय संख्या से अधिक लोग नहीं होंगे जुलूस में लाइसेंस में निर्धारित संख्या से अधिक लोगों को शामिल नहीं किया जाएगा। दो जुलूसों के बीच करीब 200 गज की दूरी रखने का निर्देश है। जुलूस सड़क के बाईं ओर से गुजरेगा और आवागमन बाधित नहीं करेगा। SDPO अनुपेश नारायण ने कहा कि सभी पूजा समितियों को गाइडलाइन का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। अफवाह फैलाने, भड़काऊ सामग्री प्रसारित करने, शांति व्यवस्था बिगाड़ने या लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी। आयोजकों की जिम्मेदारी होगी कि जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो। अधिकारियों ने सभी समितियों से दुर्गापूजा आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाने की अपील की। सुपौल जिले के निर्मली अनुमंडल कार्यालय में गुरुवार को दुर्गापूजा को लेकर शांति समिति की बैठक हुई। अध्यक्षता एसडीएम धीरज कुमार सिन्हा ने की। बैठक में पुलिस-प्रशासन के पदाधिकारियों के साथ विभिन्न पूजा समितियों के सदस्य शामिल हुए। अधिकारियों ने पूजा और विसर्जन जुलूस को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं भाईचारे के माहौल में संपन्न कराने के लिए लाइसेंस की शर्तों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया। एसडीएम धीरज कुमार सिन्हा ने कहा कि पर्व को लेकर प्रशासन का पूरा सहयोग रहेगा। पूजा समितियां प्रशासन और पुलिस के साथ समन्वय बनाकर आयोजन करें। जुलूस के निर्धारित मार्ग, तिथि और समय का पालन करना होगा। साथ ही यातायात व्यवस्था बाधित नहीं हो, इसका विशेष ध्यान रखना होगा। जुलूस में DJ पर पूरी तरह रोक लाइसेंस की शर्तों के अनुसार दुर्गापूजा जुलूस और शोभायात्रा में DJ का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। ध्वनि विस्तारक यंत्र की आवाज 75 डेसीबल से अधिक नहीं होनी चाहिए। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर या अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। जुलूस में बजने वाले गीतों का सत्यापन थानाध्यक्ष और SDPO से कराने की जिम्मेदारी लाइसेंसधारी की होगी। भड़काऊ नारे और राजनीतिक प्रचार पर रोक जुलूस में किसी धर्म या समुदाय की भावना को ठेस पहुंचाने वाले भड़काऊ भाषण, नारे, अश्लील गीत या आपत्तिजनक प्रदर्शन पर रोक रहेगी। धार्मिक उन्माद फैलाने वाली सामग्री के साथ राजनीतिक दल या किसी व्यक्ति विशेष के प्रचार-प्रसार अथवा विरोध से संबंधित बैनर, फोटो, कार्टून या वीडियो भी प्रदर्शित नहीं किए जा सकेंगे। सोशल मीडिया पर अफवाह या भड़काऊ सामग्री प्रसारित करने से भी बचने की हिदायत दी गई। हथियार, शराब और आतिशबाजी भी प्रतिबंधित जुलूस में अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन नहीं किया जाएगा। जुलूस में शामिल सदस्य शराब या मादक पदार्थ का सेवन नहीं करेंगे। जुलूस के आसपास आतिशबाजी पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। आयोजकों को जुलूस के दौरान अग्निशामक की व्यवस्था रखने का निर्देश दिया गया है। CCTV और वॉलेंटियर रहेंगे तैनात पूजा पंडाल के मुख्य प्रवेश द्वार सहित आवश्यक स्थानों पर CCTV कैमरे लगाने को कहा गया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पहचान पत्र वाले पर्याप्त स्वयंसेवक तैनात करने का निर्देश दिया गया। प्रतिमा स्थल पर आने-जाने के लिए सुगम रास्ता, पर्याप्त रोशनी, साफ-सफाई और बिजली तारों की सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। पंडाल का निर्माण भी मजबूत तरीके से कराने को कहा गया। तय संख्या से अधिक लोग नहीं होंगे जुलूस में लाइसेंस में निर्धारित संख्या से अधिक लोगों को शामिल नहीं किया जाएगा। दो जुलूसों के बीच करीब 200 गज की दूरी रखने का निर्देश है। जुलूस सड़क के बाईं ओर से गुजरेगा और आवागमन बाधित नहीं करेगा। SDPO अनुपेश नारायण ने कहा कि सभी पूजा समितियों को गाइडलाइन का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। अफवाह फैलाने, भड़काऊ सामग्री प्रसारित करने, शांति व्यवस्था बिगाड़ने या लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी। आयोजकों की जिम्मेदारी होगी कि जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो। अधिकारियों ने सभी समितियों से दुर्गापूजा आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाने की अपील की।  

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