सीहोर का मुक्तिधाम 5 हजार पौधों से बना महकता उपवन:रिटायर्ड कर्मचारी 17 साल से रोज 3-4 घंटे दे रहे समय, आधा एकड़ में गुलाब का बगीचा

सीहोर का मुक्तिधाम 5 हजार पौधों से बना महकता उपवन:रिटायर्ड कर्मचारी 17 साल से रोज 3-4 घंटे दे रहे समय, आधा एकड़ में गुलाब का बगीचा

सीहोर के मंडी मुक्तिधाम को राठौर परिवार ने एक महकते उपवन में बदल दिया है। हेल्थ डिपार्टमेंट से रिटायर्ड राजेंद्र राठौर ने अपने पुरखों की याद में यहां 5 हजार से ज्यादा पौधे लगाए हैं। एक दशक पहले तक वीरान दिखने वाला यह श्मशान अब फूलों की खुशबू से महक रहा है। राजेंद्र राठौर पिछले 17 सालों से मुक्तिधाम में हर दिन 3 से 4 घंटे देते हैं। वे पेड़-पौधों की देखभाल करते हैं, उन्हें पानी और खाद देते हैं। उनके माता-पिता को प्रकृति से लगाव था, इसलिए राजेंद्र उनकी स्मृति में लगातार पौधे लगा रहे हैं। परिवार ने मुक्तिधाम के सुधार के लिए 1 लाख रुपए भी दान किए। 20 प्रजाति के फलदार और छायादार पेड़ लगाए
मुक्तिधाम की 10 एकड़ भूमि पर अब अलग-अलग किस्म के पेड़-पौधे लगे हैं। इसमें आधा एकड़ में गुलाब का बगीचा है। आम, जामुन, पपीता, चीकू, नासपाती, सीताफल, बेल सहित 20 प्रजाति के फलदार और छायादार पेड़ हैं। गुलाब, चंपा, रातरानी, चमेली, मधुकामनी, गुलमोहर जैसे खुशबूदार पौधे भी हैं। दान से कुर्सियां, दो मंदिर, लकड़ी गोदाम, मुंडन कक्ष, पानी की टंकियां और वाटर कूलर जैसी सुविधाएं भी बनी हैं। नगरपालिका और सामाजिक संस्थाओं ने भी सहयोग किया है।

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