सीवान के बसंतपुर थाना क्षेत्र में 42 साल की महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि बेटी को कथित तौर पर जबरन बाइक पर बैठाकर ले जाने का विरोध करने के अगले दिन महिला की तबीयत बिगड़ी और इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतका की पहचान श्यामपुर निवासी विनोद तिवारी की पत्नी शीला देवी के रूप में हुई है। परिजनों के हाथ मौत से पहले लिखा हुआ एक कथित नोट भी लगा है। इसमें मुन्ना मांझी, शैलेश मांझी और उनकी बहन पर धमकी देने और महिला की तलाश करने का आरोप लगाया गया है। परिजनों का दावा है कि शीला देवी ने नोट में बेटी को लेकर जाने की घटना और उसके बाद मिल रही धमकियों का जिक्र किया है। हालांकि, महिला की मौत की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि मौत किस कारण हुई। कथित नोट और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की भी पुलिस जांच करेगी। मंदिर जाते समय बेटी को बाइक पर बैठाकर ले जाने का आरोप मृतका के पति विनोद तिवारी के अनुसार, उनकी बेटी का पिछले करीब दो वर्षों से खेड़वा निवासी शैलेश मांझी के बेटे मुन्ना मांझी से प्रेम संबंध था। परिजनों का आरोप है कि पिछले महीने भी मुन्ना उनकी बेटी को लेकर फरार हो गया था। इस मामले में शिकायत के बाद पुलिस ने बेटी को बरामद किया था और उसे परिजनों को सौंप दिया था। इसके बाद परिवार को उम्मीद थी कि मामला शांत हो जाएगा। परिजनों के अनुसार, मंगलवार शाम शीला देवी अपनी बेटी के साथ मंदिर जा रही थीं। इसी दौरान मुन्ना मांझी बाइक से वहां पहुंचा और कथित तौर पर बेटी को जबरन बाइक पर बैठाकर अपने साथ ले गया। शीला देवी ने उसे रोकने की कोशिश की और कुछ दूर तक उसका पीछा भी किया, लेकिन मुन्ना बाइक लेकर वहां से निकल गया। परिवार का आरोप है कि इसके बाद शीला देवी शिकायत लेकर थाना पहुंचीं, लेकिन तत्काल कार्रवाई नहीं हुई। ‘मुन्ना और उसके परिजन मुझे धमका रहे हैं’ परिजनों के अनुसार, बुधवार को शीला देवी ने अपने पति को फोन किया। उन्होंने बताया कि बेटी को ले जाने के बाद मुन्ना और उसके कुछ परिजन उन्हें धमका रहे हैं। महिला ने यह भी बताया कि कुछ लोग उनके घर पहुंचकर उनकी तलाश कर रहे हैं। इसी दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। पति के मुताबिक, शीला देवी ने फोन पर बताया कि मुन्ना ने उन्हें किसी गलत दवा का इंजेक्शन दिया है और उनकी तबीयत खराब हो रही है। फोन आने के बाद परिवार के लोग उन्हें लेकर तत्काल बसंतपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। वहां उनकी हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें सदर अस्पताल रेफर कर दिया। सदर अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित किया परिजन शीला देवी को लेकर सदर अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अचानक हुई मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। मौत की जानकारी मिलने के बाद परिजनों ने पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई की गई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिजनों का कहना है कि बेटी को लेकर जाने के बाद शीला देवी लगातार तनाव में थीं और उन्हें धमकियां मिल रही थीं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मौत से पहले लिखे कथित नोट ने खड़े किए सवाल महिला की मौत के बाद परिजनों के हाथ एक कथित नोट लगा। परिवार इसे शीला देवी द्वारा मौत से पहले लिखा गया नोट बता रहा है। कथित नोट में मुन्ना मांझी, शैलेश मांझी और उनकी बहन पर धमकी देने और महिला को तलाशने का आरोप लगाया गया है। इसमें बेटी को लेकर जाने की घटना के बाद खुद को मिल रही धमकियों का भी जिक्र होने की बात कही जा रही है। परिजनों का दावा है कि नोट में शीला देवी ने अपनी परेशानी और आरोपित लोगों का उल्लेख किया है। अब पुलिस के सामने यह जांच का विषय है कि नोट वास्तव में शीला देवी ने ही लिखा था या नहीं और इसे किस परिस्थिति में लिखा गया। सदर अस्पताल टीओपी प्रभारी शैलेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि महिला की मौत की सूचना मिलने के बाद शव को कब्जे में लिया गया। पंचनामा तैयार कराने के बाद पोस्टमार्टम कराया गया और शव परिजनों को सौंप दिया गया। उन्होंने बताया कि मामले में आवेदन बसंतपुर थाना में देने के लिए कहा गया है। आवेदन मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच करेगी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगी मौत की वजह फिलहाल इस पूरे मामले में महिला की मौत को लेकर कई सवाल हैं। परिजन जहां धमकी और कथित गलत इंजेक्शन को मौत से जोड़ रहे हैं, वहीं इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस के लिए महिला की मौत की वजह, कथित नोट की सत्यता, बेटी को जबरन ले जाने के आरोप और धमकी दिए जाने के दावे की जांच महत्वपूर्ण होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू करने की बात कही है। परिजनों की ओर से बसंतपुर थाना में आवेदन दिए जाने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। सीवान के बसंतपुर थाना क्षेत्र में 42 साल की महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि बेटी को कथित तौर पर जबरन बाइक पर बैठाकर ले जाने का विरोध करने के अगले दिन महिला की तबीयत बिगड़ी और इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतका की पहचान श्यामपुर निवासी विनोद तिवारी की पत्नी शीला देवी के रूप में हुई है। परिजनों के हाथ मौत से पहले लिखा हुआ एक कथित नोट भी लगा है। इसमें मुन्ना मांझी, शैलेश मांझी और उनकी बहन पर धमकी देने और महिला की तलाश करने का आरोप लगाया गया है। परिजनों का दावा है कि शीला देवी ने नोट में बेटी को लेकर जाने की घटना और उसके बाद मिल रही धमकियों का जिक्र किया है। हालांकि, महिला की मौत की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि मौत किस कारण हुई। कथित नोट और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की भी पुलिस जांच करेगी। मंदिर जाते समय बेटी को बाइक पर बैठाकर ले जाने का आरोप मृतका के पति विनोद तिवारी के अनुसार, उनकी बेटी का पिछले करीब दो वर्षों से खेड़वा निवासी शैलेश मांझी के बेटे मुन्ना मांझी से प्रेम संबंध था। परिजनों का आरोप है कि पिछले महीने भी मुन्ना उनकी बेटी को लेकर फरार हो गया था। इस मामले में शिकायत के बाद पुलिस ने बेटी को बरामद किया था और उसे परिजनों को सौंप दिया था। इसके बाद परिवार को उम्मीद थी कि मामला शांत हो जाएगा। परिजनों के अनुसार, मंगलवार शाम शीला देवी अपनी बेटी के साथ मंदिर जा रही थीं। इसी दौरान मुन्ना मांझी बाइक से वहां पहुंचा और कथित तौर पर बेटी को जबरन बाइक पर बैठाकर अपने साथ ले गया। शीला देवी ने उसे रोकने की कोशिश की और कुछ दूर तक उसका पीछा भी किया, लेकिन मुन्ना बाइक लेकर वहां से निकल गया। परिवार का आरोप है कि इसके बाद शीला देवी शिकायत लेकर थाना पहुंचीं, लेकिन तत्काल कार्रवाई नहीं हुई। ‘मुन्ना और उसके परिजन मुझे धमका रहे हैं’ परिजनों के अनुसार, बुधवार को शीला देवी ने अपने पति को फोन किया। उन्होंने बताया कि बेटी को ले जाने के बाद मुन्ना और उसके कुछ परिजन उन्हें धमका रहे हैं। महिला ने यह भी बताया कि कुछ लोग उनके घर पहुंचकर उनकी तलाश कर रहे हैं। इसी दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। पति के मुताबिक, शीला देवी ने फोन पर बताया कि मुन्ना ने उन्हें किसी गलत दवा का इंजेक्शन दिया है और उनकी तबीयत खराब हो रही है। फोन आने के बाद परिवार के लोग उन्हें लेकर तत्काल बसंतपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। वहां उनकी हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें सदर अस्पताल रेफर कर दिया। सदर अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित किया परिजन शीला देवी को लेकर सदर अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अचानक हुई मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। मौत की जानकारी मिलने के बाद परिजनों ने पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई की गई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिजनों का कहना है कि बेटी को लेकर जाने के बाद शीला देवी लगातार तनाव में थीं और उन्हें धमकियां मिल रही थीं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मौत से पहले लिखे कथित नोट ने खड़े किए सवाल महिला की मौत के बाद परिजनों के हाथ एक कथित नोट लगा। परिवार इसे शीला देवी द्वारा मौत से पहले लिखा गया नोट बता रहा है। कथित नोट में मुन्ना मांझी, शैलेश मांझी और उनकी बहन पर धमकी देने और महिला को तलाशने का आरोप लगाया गया है। इसमें बेटी को लेकर जाने की घटना के बाद खुद को मिल रही धमकियों का भी जिक्र होने की बात कही जा रही है। परिजनों का दावा है कि नोट में शीला देवी ने अपनी परेशानी और आरोपित लोगों का उल्लेख किया है। अब पुलिस के सामने यह जांच का विषय है कि नोट वास्तव में शीला देवी ने ही लिखा था या नहीं और इसे किस परिस्थिति में लिखा गया। सदर अस्पताल टीओपी प्रभारी शैलेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि महिला की मौत की सूचना मिलने के बाद शव को कब्जे में लिया गया। पंचनामा तैयार कराने के बाद पोस्टमार्टम कराया गया और शव परिजनों को सौंप दिया गया। उन्होंने बताया कि मामले में आवेदन बसंतपुर थाना में देने के लिए कहा गया है। आवेदन मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच करेगी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगी मौत की वजह फिलहाल इस पूरे मामले में महिला की मौत को लेकर कई सवाल हैं। परिजन जहां धमकी और कथित गलत इंजेक्शन को मौत से जोड़ रहे हैं, वहीं इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस के लिए महिला की मौत की वजह, कथित नोट की सत्यता, बेटी को जबरन ले जाने के आरोप और धमकी दिए जाने के दावे की जांच महत्वपूर्ण होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू करने की बात कही है। परिजनों की ओर से बसंतपुर थाना में आवेदन दिए जाने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

