सीतामढ़ी के गौशाला चौक से पुनौरा धाम जाने वाले मुख्य पथ पर जलजमाव की समस्या एक बार फिर लोगों के आक्रोश का कारण बन गई है। सड़क पर करीब तीन से चार फीट तक नाले का गंदा पानी बहने से आवागमन पूरी तरह प्रभावित है। सोमवार को आक्रोशित युवाओं ने सड़क पर ही कुर्सी-चौकी लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। युवक अमित कुमार भगत सिंह की जीवनी पर आधारित जेल डायरी लेकर पानी के बीच सड़क पर बैठ गया। जलजमाव से जुड़ी तस्वीरें देखिए… स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम नहीं अमित कुमार का कहना है कि रविवार को इसी रास्ते से गुजरने के दौरान वह कई बार हादसे का शिकार होते-होते बचा। पानी के तेज बहाव और सड़क पर बने गड्ढों के कारण उसकी चप्पल तक पानी में बह गई। उसका आरोप है कि वार्ड पार्षद से लेकर मेयर, डिप्टी मेयर, अधिकारी और जनप्रतिनिधि तक समस्या से वाकिफ हैं, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाया जा रहा है। गाड़ियों के गिरने की घटनाएं लगातार युवाओं का कहना है कि यह सड़क पुनौरा धाम और सीता मंदिर जाने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग इसी रास्ते से आवागमन करते हैं। जलजमाव के कारण ऑटो और ई-रिक्शा फंसने तथा बाइक सवारों के गिरने की घटनाएं लगातार हो रही हैं। सड़क के किनारे नाले के लिए गड्ढा खोदकर छोड़ दिए जाने से भी दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। 5 अगस्त को भी हुआ था सड़क जाम गौशाला चौक पर जलजमाव को लेकर इससे पहले 5 अगस्त को भी स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया था। उस दौरान सदर एसडीओ आनंद कुमार, सदर-2 डीएसपी आशीष आनंद, डुमरा सीओ समेत नगर थाना और पुनौरा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची थी। अधिकारियों ने लोगों की समस्याएं सुनी थीं और एक सप्ताह के अंदर जलजमाव से निजात दिलाने का आश्वासन देकर जाम समाप्त कराया था। इसके बावजूद समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई। अब युवाओं के ताजा प्रदर्शन ने एक बार फिर नगर निगम और प्रशासन के सामने जलनिकासी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि सड़क से तत्काल पानी हटाया जाए और नाले की स्थायी व्यवस्था कराकर लोगों को रोज-रोज की परेशानी से राहत दी जाए। सीतामढ़ी के गौशाला चौक से पुनौरा धाम जाने वाले मुख्य पथ पर जलजमाव की समस्या एक बार फिर लोगों के आक्रोश का कारण बन गई है। सड़क पर करीब तीन से चार फीट तक नाले का गंदा पानी बहने से आवागमन पूरी तरह प्रभावित है। सोमवार को आक्रोशित युवाओं ने सड़क पर ही कुर्सी-चौकी लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। युवक अमित कुमार भगत सिंह की जीवनी पर आधारित जेल डायरी लेकर पानी के बीच सड़क पर बैठ गया। जलजमाव से जुड़ी तस्वीरें देखिए… स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम नहीं अमित कुमार का कहना है कि रविवार को इसी रास्ते से गुजरने के दौरान वह कई बार हादसे का शिकार होते-होते बचा। पानी के तेज बहाव और सड़क पर बने गड्ढों के कारण उसकी चप्पल तक पानी में बह गई। उसका आरोप है कि वार्ड पार्षद से लेकर मेयर, डिप्टी मेयर, अधिकारी और जनप्रतिनिधि तक समस्या से वाकिफ हैं, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाया जा रहा है। गाड़ियों के गिरने की घटनाएं लगातार युवाओं का कहना है कि यह सड़क पुनौरा धाम और सीता मंदिर जाने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग इसी रास्ते से आवागमन करते हैं। जलजमाव के कारण ऑटो और ई-रिक्शा फंसने तथा बाइक सवारों के गिरने की घटनाएं लगातार हो रही हैं। सड़क के किनारे नाले के लिए गड्ढा खोदकर छोड़ दिए जाने से भी दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। 5 अगस्त को भी हुआ था सड़क जाम गौशाला चौक पर जलजमाव को लेकर इससे पहले 5 अगस्त को भी स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया था। उस दौरान सदर एसडीओ आनंद कुमार, सदर-2 डीएसपी आशीष आनंद, डुमरा सीओ समेत नगर थाना और पुनौरा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची थी। अधिकारियों ने लोगों की समस्याएं सुनी थीं और एक सप्ताह के अंदर जलजमाव से निजात दिलाने का आश्वासन देकर जाम समाप्त कराया था। इसके बावजूद समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई। अब युवाओं के ताजा प्रदर्शन ने एक बार फिर नगर निगम और प्रशासन के सामने जलनिकासी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि सड़क से तत्काल पानी हटाया जाए और नाले की स्थायी व्यवस्था कराकर लोगों को रोज-रोज की परेशानी से राहत दी जाए।

