शाहकुंड की अंचलाधिकारी (सीओ) हर्षा कोमल से प्रभार वापस ले लिया गया है। उन पर जनशिकायतों की अनदेखी और राजस्व वसूली में सुस्ती जैसे गंभीर आरोप हैं। जिलाधिकारी ने राजस्व अधिकारी उज्ज्वल कुमार को शाहकुंड अंचल की जिम्मेदारी दी है। हर्षा कोमल तब सुर्खियों में आई थी जब बाढ़ के दौरान वह ट्रैक्टर पर सवार होकर पीड़ितों तक पहुंची थी। अब उन्हें अंचल का प्रभार छोड़कर भागलपुर जिला मुख्यालय में योगदान देने का निर्देश मिला है। भागलपुर समाहरणालय की जिला राजस्व शाखा ने यह आदेश जारी किया है। 24 घंटे के अंदर प्रभार सौंपना होगा आदेश में कहा गया है कि उन्होंने राजस्व के कामों में ढिलाई की, जनशिकायतों पर ध्यान नहीं दिया। अंचल न्यायालय के मामले समय पर नहीं निपटाए और अतिक्रमण पर कार्रवाई नहीं की। राजस्व वसूली के लक्ष्य को पूरा करने में भी सुस्ती बरती। उन्हें 24 घंटे में प्रभार सौंपने को कहा गया है। जनशिकायतों से अतिक्रमण तक, कई मोर्चों पर उठे सवाल अंचल कार्यालय आम लोगों के लिए जमीन संबंधी विवादों, राजस्व मामलों, अतिक्रमण और अन्य प्रशासनिक समस्याओं के समाधान का महत्वपूर्ण केंद्र होता है। ऐसे में इन कामों में शिथिलता के आरोप सीधे आम जनता से जुड़े सवाल खड़े करते हैं। जिलाधिकारी के आदेश में इन बिंदुओं का स्पष्ट उल्लेख किया गया है। इसी आधार पर हर्षा कोमल को शाहकुंड अंचल का प्रभार छोड़ने और जिला मुख्यालय में योगदान देने का निर्देश दिया गया है। उज्ज्वल कुमार को तत्काल जिम्मेदारी आदेश के अनुसार, राजस्व अधिकारी उज्ज्वल कुमार को तत्काल प्रभाव से शाहकुंड अंचल का प्रभार ग्रहण करना है। प्रभार हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसकी लिखित सूचना भी उपलब्ध कराने को कहा गया है। हर्षा कोमल को पत्र प्राप्त होने के 24 घंटे के भीतर वित्तीय प्रभार सहित अंचल का संपूर्ण प्रभार सौंपने का निर्देश दिया गया है। इसके बाद उन्हें अपर समाहर्ता, भागलपुर के समक्ष जिला राजस्व शाखा में योगदान देना होगा और अगले आदेश तक जिला मुख्यालय में उपस्थित रहना होगा। शाहकुंड की अंचलाधिकारी (सीओ) हर्षा कोमल से प्रभार वापस ले लिया गया है। उन पर जनशिकायतों की अनदेखी और राजस्व वसूली में सुस्ती जैसे गंभीर आरोप हैं। जिलाधिकारी ने राजस्व अधिकारी उज्ज्वल कुमार को शाहकुंड अंचल की जिम्मेदारी दी है। हर्षा कोमल तब सुर्खियों में आई थी जब बाढ़ के दौरान वह ट्रैक्टर पर सवार होकर पीड़ितों तक पहुंची थी। अब उन्हें अंचल का प्रभार छोड़कर भागलपुर जिला मुख्यालय में योगदान देने का निर्देश मिला है। भागलपुर समाहरणालय की जिला राजस्व शाखा ने यह आदेश जारी किया है। 24 घंटे के अंदर प्रभार सौंपना होगा आदेश में कहा गया है कि उन्होंने राजस्व के कामों में ढिलाई की, जनशिकायतों पर ध्यान नहीं दिया। अंचल न्यायालय के मामले समय पर नहीं निपटाए और अतिक्रमण पर कार्रवाई नहीं की। राजस्व वसूली के लक्ष्य को पूरा करने में भी सुस्ती बरती। उन्हें 24 घंटे में प्रभार सौंपने को कहा गया है। जनशिकायतों से अतिक्रमण तक, कई मोर्चों पर उठे सवाल अंचल कार्यालय आम लोगों के लिए जमीन संबंधी विवादों, राजस्व मामलों, अतिक्रमण और अन्य प्रशासनिक समस्याओं के समाधान का महत्वपूर्ण केंद्र होता है। ऐसे में इन कामों में शिथिलता के आरोप सीधे आम जनता से जुड़े सवाल खड़े करते हैं। जिलाधिकारी के आदेश में इन बिंदुओं का स्पष्ट उल्लेख किया गया है। इसी आधार पर हर्षा कोमल को शाहकुंड अंचल का प्रभार छोड़ने और जिला मुख्यालय में योगदान देने का निर्देश दिया गया है। उज्ज्वल कुमार को तत्काल जिम्मेदारी आदेश के अनुसार, राजस्व अधिकारी उज्ज्वल कुमार को तत्काल प्रभाव से शाहकुंड अंचल का प्रभार ग्रहण करना है। प्रभार हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसकी लिखित सूचना भी उपलब्ध कराने को कहा गया है। हर्षा कोमल को पत्र प्राप्त होने के 24 घंटे के भीतर वित्तीय प्रभार सहित अंचल का संपूर्ण प्रभार सौंपने का निर्देश दिया गया है। इसके बाद उन्हें अपर समाहर्ता, भागलपुर के समक्ष जिला राजस्व शाखा में योगदान देना होगा और अगले आदेश तक जिला मुख्यालय में उपस्थित रहना होगा।

