राजस्थान स्टेट माइन्स लेबर यूनियन ने डीडवाना में सिलिकोसिस पीड़ितों और खान श्रमिकों की समस्याओं के समाधान के लिए जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष सुखाराम चौधरी के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में नवगठित डीडवाना-कुचामन जिले से जुड़ी तकनीकी और प्रशासनिक दिक्कतों को दूर करने की मांग की गई। यूनियन अध्यक्ष सुखाराम चौधरी ने बताया कि खनन और पत्थर तराशने वाले श्रमिक सिलिकोसिस जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। ई-मित्र पोर्टल पर सिलिकोसिस पेंशन का विकल्प उपलब्ध नहीं होने के कारण पात्र श्रमिकों की पेंशन शुरू नहीं हो पा रही है। इससे पीड़ित परिवारों के बच्चों को मिलने वाली पालनहार योजना का लाभ भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि जन आधार पोर्टल पर सिलिकोसिस प्रमाण पत्र अपडेट करने की सुविधा नहीं है, जिससे पेंशन सत्यापन में बाधा आ रही है। इसके अतिरिक्त सिलिकोसिस पीड़ित की मृत्यु के बाद आश्रितों द्वारा आवेदन करने पर “जन आधार में डेटा का मिलान सही नहीं है” का संदेश आता है, जिससे सरकारी आर्थिक सहायता और पेंशन का लाभ समय पर नहीं मिल पाता। ज्ञापन में डीडवाना-कुचामन जिले की सिलिकोसिस पोर्टल पर जल्द आईटी मैपिंग और पोर्टल आईडी की व्यवस्था करने की मांग की गई। यह सुनिश्चित करेगा कि 31 मार्च 2025 के बाद की स्वीकृतियां नए जिले की आईडी से बिना किसी रुकावट के जारी हो सकें। यूनियन ने मांग की कि जन आधार और सिलिकोसिस पेंशन से संबंधित समस्याओं के निस्तारण और सत्यापन की सुविधा जिला मुख्यालय पर ही उपलब्ध कराई जाए। इससे पीड़ितों और उनके परिजनों को दूर-दराज के कार्यालयों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी। अन्य जिलों की तर्ज पर यूनियन ने डीडवाना-कुचामन में भी सिलिकोसिस पीड़ितों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन द्वारा नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करने की मांग की। यूनियन ने जिला प्रशासन से इन तकनीकी और प्रशासनिक समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने का आग्रह किया, ताकि सिलिकोसिस से पीड़ित जीवित श्रमिकों और दिवंगत श्रमिकों के आश्रित परिवारों को समय पर राहत मिल सके।


