सिरसा में ट्रैफिक थाना एसएचओ को तीन युवकों ने अल्टीमेटम देते हुए 24 घंटे में देख लेने की धमकी दी है। इस पर ट्रैफिक एसएचओ ने युवकों से बोले, घणा बड़ा कामरेड बनता है। क्या 24 घंटे का अल्टीमेटम देता है। करवा बात तेरे ताऊ इंस्पेक्टर से। घणा लादेन बनता क्या है तू, कहता कि मेरा ताऊ सीआईए में लग रहा है। हम पाली लग रहे हैं यहां। जानकारी के अनुसार, यह मामला तब हुआ, जब ट्रैफिक पुलिस स्वतंत्रता दिवस के चलते शुक्रवार को चेकिंग के लिए शहीद भगत स्टेडियम में होने वाले जिला स्तरीय प्रोग्राम के चलते चेकिंग के लिए गई हुई थी। इसी दौरान बुलेट सवार तीन युवक स्टेडियम से बाहर आते मिले, जिनके पास न नंबर प्लेट थी और पटाखे वाला साइलेंसर लगवा रखा था। पुलिस ने उनको चेकिंग के लिए रूकवा लिया। उस समय युवकों के पास बुलेट के कागजात भी नहीं मिले और पुलिस से ही बहस करने लगे। एक युवक पुलिस से बोला कि उसका ताऊ सीआईए में इंस्पेक्टर है और दूसरा युवक बोला, उसका पिता नगर परिषद से रिटायर्ड कर्मचारी है और तीसरा युवक बोला-लघुसचिवालय में उसका पिता सरकारी जॉब करता है। जानिए वीडियो में कौन क्या कह रहा एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में दिख रहा है कि पुलिस ने युवकों से पहले कागजात दिखाने को कहा। कुछ देर तक युवक आना-कानी कर रहे हैं। अचानक एक युवक नीचे गर्दन करके बोला, 24 घंटे में सब कुछ मिल जाएगा। पुलिस की इस बात पर युवकों से नोंकझोंक भी हुई और फोन पर बात करवाने को कहा। पुलिस ने बुलेट का चालान करने के बाद रसीद युवकों को दी तो उन्होंने साइन करने से मना कर दिया। इस पर पुलिस ने कहा कि साइन करना है तो ये रसीद ले जाओ, वरना कोई जरूरी नहीं। बाद में पुलिस बुलेट को जब्त कर थाने ले गई। बुलेट का साइलेंसर चेंज करवाया था : एसआई ट्रैफिक थाना एसएचओ एसआई सलेंदर सिंह ने मीडिया को दिए बयान में बताया, 15 अगस्त विशेष दिन के चलते रूटीन की भांति चेकिंग के लिए आए थे। ये मेन रोड है तो रेहड़ियां हटा रहे थे। स्टेडियम के अंदर से तीन नौजवान लड़के बुलेट लेकर आए। बुलेट पर न नंबर प्लेट और पटाखा सिस्टम साइलेंसर चेंज लगवा रखा है। उनको चेकिंग के लिए रूकवाया तो उसके न आरसी तो न कागजात मिले। 24 घंटे में सब हो जाएगा कहने की धमकी दी एसआई सलेंदर सिंह बोले, कोई कागजात नहीं थे और इनका रवैया भी ठीक नहीं था। जब इनका चालान किया तो जुर्माना रसीद पर साइन करने से मना कर दिया। जब कागजात के लिए कहा तो युवक बोले-24 घंटा में आपका सब कुछ कर देंगे, 24 घंटे में सब हो जाएगा। चालान तो रूटीन प्रक्रिया है। किसी अफसर का डिपार्टमेंट का फोन नहीं आया है। एसपी के आदेशों की पालना करते हैं। किसी की सिफारिश नहीं चलती। बुलेट को 23 हजार का चालान किया ऐसा क्यों कहा, वो तो युवक ही बता सकते हैं। चालान कर सकते हैं। बुलेट का चालान भी महंगा होता है। कई वाहन चालक 40 से 50 हजार का चालान भरकर गए हैं। इस बुलेट का 23 से 24 हजार का चालान किया है। माता-पिता सुविधा दे सकते हैं, पर ये नहीं कहते कि अवारापन करो।


