सिद्धार्थनगर के इटवा नगर पंचायत क्षेत्र में रविवार रात भाजपा नेता जयवर्धन तिवारी के स्वतंत्रता दिवस की बधाई वाले पोस्टर-बैनर हटाए जाने को लेकर विवाद हो गया। पोस्टर हटाए जाने से नाराज समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने इटवा चौराहे समेत कई प्रमुख मार्गों पर करीब एक घंटे तक जाम लगा दिया। रात करीब नौ बजे शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन 10 बजे के बाद समाप्त हुआ। इस दौरान राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जयवर्धन तिवारी के बधाई संदेश वाले पोस्टर-बैनर नगर पंचायत क्षेत्र में लगाए गए थे। आरोप है कि नगर पंचायत प्रशासन ने इन पोस्टरों को हटवा दिया। समर्थकों का आरोप है कि इटवा चौराहे पर जयवर्धन तिवारी का पोस्टर हटाकर उसी स्थान पर पूर्व मंत्री डॉ. सतीश द्विवेदी और भाजपा कार्यकर्ता विकास जायसवाल के पोस्टर लगा दिए गए। पोस्टर हटाए जाने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में समर्थक और भाजपा कार्यकर्ता इटवा चौराहे पर पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने नगर पंचायत प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान ‘नगर पंचायत मुर्दाबाद’ और अधिशासी अधिकारी के खिलाफ भी नारे लगाए गए। कार्यकर्ताओं की मांग थी कि यदि जयवर्धन तिवारी के पोस्टर हटाए गए हैं तो उसी स्थान पर लगे अन्य पोस्टरों को भी हटाया जाए। उनका कहना था कि पोस्टर लगाने को लेकर सभी के साथ समान व्यवहार होना चाहिए। तीन प्रमुख मार्गों पर भी प्रभावित हुआ यातायात विरोध बढ़ने पर कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया। इसके चलते डुमरियागंज-इटवा, इटवा-बिस्कोहर और बांसी-इटवा मार्ग के तिराहों पर भी यातायात बाधित हो गया। करीब एक घंटे तक कई स्थानों पर वाहनों की कतार लगी रही। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए करीब चार से पांच स्थानों से अतिरिक्त पुलिस फोर्स बुलानी पड़ी। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया। सोमवार को पुराने स्थान पर पोस्टर लगाने का आश्वासन मामले में क्षेत्राधिकारी इटवा के निर्देश पर तय किया गया कि सोमवार को जिस स्थान पर पहले जो पोस्टर-बैनर लगा था, उसे उसी स्थान पर वापस लगवाया जाएगा। इस आश्वासन के बाद प्रदर्शन कर रहे लोगों का विरोध शांत हुआ और धीरे-धीरे जाम समाप्त हो गया। रात करीब 10 बजे के बाद इटवा में यातायात व्यवस्था सामान्य हो गई। एहतियात के तौर पर पुलिस ने मौके पर निगरानी बनाए रखी, ताकि दोबारा विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।


