सिद्धार्थनगर में तीन पुलिसकर्मी लाइनहाजिर:बंद कराए गए हॉस्पिटल की सील तोड़ने के वीडियो सामने आने के बाद एक्शन

सिद्धार्थनगर में तीन पुलिसकर्मी लाइनहाजिर:बंद कराए गए हॉस्पिटल की सील तोड़ने के वीडियो सामने आने के बाद एक्शन

सिद्धार्थनगर के इटवा स्थित जनता सेवा हॉस्पिटल में सरकारी सील टूटने और कथित तौर पर सील काटने के वीडियो सामने आने के बाद मामला अब पुलिसकर्मियों पर लगे आरोपों तक पहुंच गया है। इस प्रकरण में तीन पुलिसकर्मियों को लाइनहाजिर कर दिया गया है। राकेश यादव के भाई राजेश कुमार यादव ने इटवा थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें पुलिसकर्मियों पर मारपीट, जबरन थाने ले जाने और वाहन में रखे रुपयों को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के बाद पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एलआईयू के सिपाही आकाश चौरसिया, कंप्यूटर ऑपरेटर विपुल राय और कांस्टेबल नरेंद्र देव चौहान को लाइनहाजिर कर दिया है। स्थानीय रिपोर्टों ने भी इस कार्रवाई की पुष्टि की है। राजेश यादव द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, 24 अगस्त की रात राकेश यादव अपनी बीमार मामी के लिए दवा लेने जनता सेवा हॉस्पिटल परिसर में संचालित एमए फार्मा मेडिकल एजेंसी पर गए थे। आरोप है कि इसी दौरान पुलिसकर्मियों ने स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी को मौके पर बुलाया। नोडल अधिकारी के जांच के बाद चले जाने पर एलआईयू सिपाही आकाश चौरसिया, कंप्यूटर ऑपरेटर विपुल राय और कांस्टेबल नरेंद्र देव चौहान ने राकेश से पूछताछ की, जिससे विवाद बढ़ गया। शिकायत में राकेश यादव के साथ मारपीट, गाली-गलौज और गले पर चोट पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं। यह भी कहा गया है कि उन्हें जबरन थाने ले जाया गया और रात करीब 12 बजे से थाने में बैठाए रखा गया। इन आरोपों की पुलिस द्वारा जांच की जा रही है। राजेश यादव ने यह भी आरोप लगाया है कि राकेश के चारपहिया वाहन को थाने लाया गया और वाहन में रखे दो लाख रुपये की रकम को लेकर सवाल उठाए गए। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, शिकायत में 85 हजार रुपये वापस मिलने का आरोप है, जबकि गाड़ी में दो लाख रुपये थे। राजेश यादव ने घटना स्थल और थाने के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कराने, वाहन की जांच कराने और रकम की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *