सालिक ग्रुप के डायरेक्टर उमेश कुमार सिन्हा से 1.13 करोड़ रुपए की ठगी के मामले में रायपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मास्टरमाइंड समेत गिरोह के कई सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने करीब 18 दिन की जांच के बाद ठगी के इस नेटवर्क का खुलासा किया। जांच में उत्तर प्रदेश के आरोपियों के भी शामिल होने की जानकारी सामने आई है। इस मामले में दो युवतियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पूरे मामलें का खुलासा रायपुर पुलिस के अधिकारी आज करेंगे। अलग-अलग कारण बताकर वसूलते थे रकम पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने कारोबारी को बड़ा निवेश और विदेशी फंड दिलाने का झांसा दिया था। इसके लिए खुद को प्रभावशाली लोगों और विदेशी निवेशकों से जुड़ा बताया गया। आरोपियों ने कारोबारी को भरोसे में लेने के लिए कई तरह के दस्तावेज और प्रक्रियाओं का हवाला दिया। इसके बाद अलग-अलग कारण बताकर उससे रकम वसूलते रहे। 45 करोड़ के निवेश का दिया था झांसा सालिक ग्रीन रिन्यूेबल एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर उमेश कुमार सिन्हा ने कंपनी विस्तार के लिए करीब 45 करोड़ रुपए के निवेश की जरूरत होने की बात बताई थी। इसी दौरान आरोपियों से उनका संपर्क हुआ। आरोपियों ने निवेश दिलाने का दावा किया और फाइल प्रोसेसिंग, सुरक्षा मंजूरी, विदेशी जांच और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर पैसे लिए। ठगी के दौरान आरोपियों ने कारोबारी को चेन्नई और नागपुर भी बुलाया। यहां केमिकल के जरिए काले नोटों को असली नोट में बदलने का कथित प्रदर्शन किया गया। इससे कारोबारी को विश्वास में लेकर कुल 1.13 करोड़ रुपए अलग-अलग किश्तों में लिए गए। 18 दिन में आरोपियों तक पहुंची पुलिस शिकायत मिलने के बाद एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और तेलीबांधा थाना पुलिस ने मोबाइल नंबर, बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच शुरू की। जांच के दौरान गिरोह के सदस्यों की पहचान हुई। पुलिस ने मास्टरमाइंड और उसके सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले मामले में दो युवतियां भी पकड़ी जा चुकी हैं। पुलिस के अनुसार, गिरोह के तार दूसरे राज्यों से भी जुड़े हैं। आरोपियों से पूछताछ कर ठगी में शामिल अन्य लोगों और उनके नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। कारोबारी के सामने करते थे मारपीट का नाटक पुलिस की जांच में सामने आया है, कि आरोपी कारोबारी उमेश कुमार सिन्हा को झांसे में लेने के लिए नाटक करते थे। मास्टर माइंड कारोबारी को मिलने के लिए बुलाता था और नकली नोट, केमिकल और मशीन खरीदने का झांसा देते। कई बार आरोपियों ने कारोबारी को विश्वास दिलाने के लिए अपने कर्मचारियों से गड़बड़ी करवाकर उनके साथ नाटकीय मारपीट भी की। बहरहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ करके गिरोह द्वारा की गई वारदातों का पता लगा रही है।

