जबलपुर हाईकोर्ट की युगलपीठ ने स्पष्ट किया है कि रिटायरमेंट के सालों बाद वेतन विसंगति या गलत वेतनवृद्धि का हवाला देकर पेंशन से राशि की वसूली नहीं की जा सकती। कोर्ट ने राज्य सरकार की पुनर्विचार याचिकाएं भी खारिज कर दीं। मामला भोपाल के सेवानिवृत्त सब इंस्पेक्टर रामराव भौटे और रामायण सिंह तिवारी से जुड़ा है। दोनों वर्ष 2017 में सेवानिवृत्त हुए थे। 26 सितंबर 2024 को डीआईजी भोपाल ने उनके सेवाकाल में दी गई वेतनवृद्धि को गलत बताते हुए अतिरिक्त राशि पेंशन से वसूलने का आदेश जारी किया था। हाई कोर्ट की युगलपीठ ने इस मामले में स्पष्ट किया कि रिटायरमेंट के सालों बाद वेतन विसंगति या गलत वेतनवृद्धि का हवाला देकर पेंशन से राशि की वसूली नहीं की जा सकती। कोर्ट ने राज्य सरकार की पुनर्विचार याचिकाएं भी खारिज कर दीं।

