साइबर ठगों ने पांच लोगों से 1.15 करोड़ रुपये ठगे:क्रिप्टो करेंसी, निवेश और बैंक अधिकारी बनकर लोगों को झांसे में लिया

साइबर ठगों ने पांच लोगों से 1.15 करोड़ रुपये ठगे:क्रिप्टो करेंसी, निवेश और बैंक अधिकारी बनकर लोगों को झांसे में लिया

साइबर ठगों ने अलग-अलग तरीकों से पांच लोगों से 1.15 करोड़ रुपये से अधिक की रकम ठग ली। किसी को क्रिप्टो करेंसी और ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का झांसा दिया गया तो किसी को अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजार में निवेश के नाम पर ठगा गया। वहीं, एक व्यक्ति को बैंक अधिकारी बनकर फोन किया गया और दूसरे को बीमा पॉलिसी के नाम पर ठगा गया।

पांचों मामलों में पीड़ितों की एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर साइबर क्राइम थाने में मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने मामलों की जांच शुरू कर दी है।

क्रिप्टो करेंसी में मोटी कमाई
योगेश गुप्ता को क्रिप्टो करेंसी में निवेश कर मोटा मुनाफा दिखाया गया। शिकायत के मुताबिक ठगों ने टेलीग्राम पर एक हैंडल बनाकर संपर्क किया। इसके बाद क्रिप्टो करेंसी से जुड़ी एक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन निवेश करने के लिए प्रेरित किया। शुरुआत में निवेश को ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म बताकर भरोसा दिलाया गया।

पीड़ित ने जब अपनी रकम निकालने का प्रयास किया तो ठगों ने फीस, टैक्स और सिक्योरिटी डिपॉजिट के नाम पर अतिरिक्त पैसे मांगने शुरू कर दिए। हर बार रकम जमा कराने के बाद नई मांग रखी गई। इस तरह पीड़ित से कुल 14 लाख 33 हजार 225 रुपये ठग लिए गए।

बैंक अधिकारी बनकर ठगी
प्रकाश चंद मिश्रा के साथ बैंक अधिकारी बनकर ठगी की गई। शिकायत के अनुसार 27 नवंबर से 27 दिसंबर 2025 के बीच ठगों ने उन्हें बैंक अधिकारी बताकर फोन किया। इस दौरान उनसे संवेदनशील बैंकिंग जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद उनके बैंक खाते से कई अनधिकृत लेनदेन किए गए। पीड़ित ने पुलिस को दी गई शिकायत में कुल 36 लाख 34 हजार 330 रुपये की धोखाधड़ी का उल्लेख किया गया है।

शेयर बाजार में निवेश
विजय वर्मा को एक वेबसाइट के जरिए विदेशी शेयर बाजार में निवेश का लालच दिया गया। आरोपियों ने उन्हें अधिक मुनाफे का भरोसा दिलाकर अलग-अलग किस्तों में रकम जमा कराई। इस तरह उनसे 46 लाख 41 हजार 14 रुपये की ठगी कर ली गई। चौथे मामले में शुभम खंडेलवाल को वाटसऐप ग्रुप के माध्यम से निवेश का झांसा दिया गया। उनकी बातों में आकर पीड़ित ने 13 लाख रुपये लगा दिए।

बाद में रकम वापस नहीं मिली तो ठगी का पता चला। मुनेश शर्मा को बीमा पॉलिसी के नाम पर निशाना बनाया गया। आरोपियों ने पॉलिसी से संबंधित लाभ दिलाने का झांसा देकर उनसे अलग-अलग किस्तों में 5 लाख 25 हजार एक रुपये जमा करा लिए। बाद में आरोपियों ने संपर्क करना बंद कर दिया।

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