साइको-किलर ने ट्रेन में आरपीएफ जवान बनकर सिगरेट पीते पकड़ा:UPI के जरिए परिजन से 17 हजार रुपए मंगवाए, युवक को चलती ट्रेन से फेंका

साइको-किलर ने ट्रेन में आरपीएफ जवान बनकर सिगरेट पीते पकड़ा:UPI के जरिए परिजन से 17 हजार रुपए मंगवाए, युवक को चलती ट्रेन से फेंका

चलती ट्रेन में सिगरेट पीना 21 साल के युवक नितिन कुमार को भारी पड़ गया। आरोप है कि 19 सितंबर को हैदराबाद से वैशाली आ रहे नितिन को एक साइको किलर ने खुद को RPF जवान बताकर पकड़ लिया। इसके बाद नितिन के मोबाइल से उसके परिजन को फोन कर जेल भेजने की धमकी दी और छोड़ने के नाम पर पैसे मांगे। परिवार ने पहले 5 हजार रुपए और बाद में 12 हजार रुपए बताए गए UPI खाते में भेज दिए। इसके बावजूद आरोपी लगातार और पैसे की मांग करता रहा। परिवार को भरोसा दिलाया कि नितिन को बस में बैठा दिया है, वो हाजीपुर के रास्ते सुरक्षित घर पहुंच जाएगा। लेकिन इसी बीच आरा रेलवे स्टेशन और जगजीवन हाल्ट के बीच रेलवे ट्रैक से 22 सितंबर की रात करीब 10 बजे नितिन का दो टुकड़ों में सड़ा-गला शव बरामद हुआ। UPI से पैसे मांगने और नितिन के घर न पहुंचने की शिकायत के बाद रेल पुलिस ने आरोपी को बनारस के एक होटल से गिरफ्तार किया। पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर बुधवार को दानापुर आएगी। रेल पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी रोहित तिवारी पर पहले भी ट्रेनों में यात्रियों को निशाना बनाने के आरोप हैं। आरोप है कि वो यात्रियों का सामान छीनने के बाद उन्हें बहाने से ट्रेन के गेट के पास ले जाकर बाहर फेंक देता था। हालांकि, उसने अब तक ऐसी कितनी घटनाओं को अंजाम दिया है, इस बारे में उससे पूछताछ के बाद ही क्लियर हो पाएगा। घटना से जुड़ी तीन तस्वीरें देखिए अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा मामला मृतक 21 साल का नितिन वैशाली जिले के महिसौर थाना क्षेत्र के चांदसराय गांव के रहने वाले मुकेश राय का बेटा था। के 21 वर्षीय बेटे नितिन कुमार के रूप में हुई है। नितिन हैदराबाद की एक प्राइवेट कंपनी में वेल्डिंग का काम करता था। मृतक के पिता मुकेश राय ने बताया कि नितिन कई साल से हैदराबाद में रहकर काम कर रहा था और अपनी कमाई से परिवार की मदद करता था। करीब तीन महीने पहले वो गांव आया था और फिर काम पर हैदराबाद लौट गया था। नितिन घर बनवाने के लिए वह 19 सितंबर को हैदराबाद से स्पेशल ट्रेन पकड़कर दानापुर के लिए निकला था। सफर के दौरान वह लगातार अपने परिजनों को फोन कर रास्ते की जानकारी दे रहा था। जहां पहुंचता, वहां से फोन कर परिवार को बताता था कि वह उस जगह पहुंच गया है। बक्सर पहुंचने से पहले आया पहला फोन पिता ने बताया कि 20 सितंबर की रात करीब 8 बजे नितिन ने अपने मामा उमेश राय के बेटे राजा यादव को फोन किया था। उसने बताया था कि वो बक्सर पहुंचने वाला है। रात करीब 10 बजे नितिन ने दोबारा राजा को फोन किया। इस बार उसने बताया कि सिगरेट पीने के दौरान उसे RPF ने पकड़ लिया है और उसे छोड़ने के लिए 10 हजार रुपए जुर्माना मांगा जा रहा है। परिवार वालों ने नितिन से कहा कि 200-400 रुपए देकर मामला खत्म करवा लो। इसके बाद फोन कट गया। कुछ देर बाद नितिन के मोबाइल से फिर कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को RPF जवान बताया और कहा कि पैसे नहीं दिए तो नितिन को जेल भेज दिया जाएगा। परिवार के लोगों ने पहले 5 हजार, फिर 12 हजार रुपए भेजे परिजन ने नितिन को छुड़ाने के लिए आरोपी फर्जी आरपीएफ जवान रोहित तिवारी से बातचीत की। 5 हजार रुपए में सौदा तय हुआ। इसके बाद फर्जी RPF जवान ने एक मोबाइल नंबर दिया और कहा कि इस नंबर पर रवि रंजन सिंह के UPI खाते में पैसे भेज दो। परिवार ने तत्काल 5 हजार रुपए भेज दिए। कुछ देर बाद नितिन के मोबाइल से दोबारा फोन आया। आरोपी ने कहा कि इतनी रकम में काम नहीं होगा और ऊपर तक पैसा पहुंचाना पड़ता है। इसके लिए 20 हजार रुपए और देने होंगे। परिवार ने इतनी रकम देने में असमर्थता जताई। यूपीआई अकाउंट से जुड़े नंबर पर कॉल किया चांदसराय पंचायत के मुखिया बिपिन बिहारी राय ने बताया कि 5 हजार रुपए देने के बाद भी आरोपी पैसे की मांग करता रहा। परिवार ने UPI खाते से जुड़े नंबर पर फोन किया तो रवि रंजन सिंह नाम के युवक ने खुद को फर्जी जवान रोहित तिवारी का दोस्त बताया। उसने परिवार से कहा कि पैसे भेज दीजिए, नितिन को छोड़ दिया जाएगा। परिवार ने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए रकम कम करने की गुहार लगाई। इसके बाद परिवार के लोग बक्सर रेलवे स्टेशन पहुंचे और पूरी घटना की जानकारी GRP को दी। पुलिस ने उन्हें पैसे भेजने की सलाह दी और कहा कि इससे नितिन सुरक्षित रहेगा और बाद में रकम भी रिकवर कर ली जाएगी। पुलिस के कहने पर परिवार ने उसी UPI खाते में 12 हजार रुपए और भेज दिए। पैसे भेजने के बाद परिवार लगातार नितिन से बात कराने की मांग करता रहा। लेकिन आरोपी अलग-अलग बहाने बनाता रहा। करीब 17 हजार रुपए देने के बाद जब नितिन के परिवार ने और पैसे देने से इनकार कर दिया तो आरोपी रोहित ने कहा कि नितिन को बस में बैठा दिया गया है और वो हाजीपुर के रास्ते सुरक्षित घर पहुंच जाएगा। लेकिन नितिन घर नहीं आया। परिजन तलाश में थे, 22 की रात नितिन का ट्रैक पर मिला शव नितिन के परिजन ने बताया कि जब हमारा बेटा घर नहीं आया तो उसकी तलाश शुरू कर दी गई। देर शाम आरपीएफ की ओर से जानकारी दी गई कि जगजीवन हाल्ट के पास रेलवे ट्रैक पर एक अज्ञात युवक का शव मिला है। जानकारी के बाद नितिन के परिजन घटनास्थल पर पहुंचे। परिजन ने शव की पहचान उसके हाथ में पहने कड़े और चेहरे पर हल्की दाढ़ी से नितिन कुमार के रूप में की। पुलिस के अनुसार, नितिन के शरीर पर मैरून रंग की टी-शर्ट थी और ट्रैक के किनारे काले रंग की चप्पल भी थी। शव की हालत काफी खराब थी और वो दो टुकड़ों में था। परिजनों का आरोप है कि जिस समय आरोपी उनसे पैसे की मांग कर रहा था, उसी दौरान नितिन की हत्या कर शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया था। रेलवे पुलिस ने तकनीकी जांच से आरोपी रविरंजन तक पहुंची आरा GRP थानाध्यक्ष नीतीश कुमार ने बताया कि नितिन के परिजनों ने पहले बक्सर GRP में उसके लापता होने और फर्जी RPF जवान की ओर से पैसे मांगने की शिकायत की थी। पुलिस लगातार युवक की तलाश कर रही थी। इसी बीच जगजीवन हाल्ट के समीप शव मिलने की जानकारी मिली। पुलिस को परिवार की ओर से वो मोबाइल नंबर भी दिया गया, जिस पर पैसे भेजे गए थे। तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस UPI खाते से जुड़े युवक रवि रंजन सिंह तक पहुंची। पूछताछ में रवि रंजन ने फर्जी RPF जवान रोहित तिवारी का मोबाइल नंबर पुलिस को बताया। इसके बाद पुलिस ने टॉवर डंप और सर्विलांस के जरिए आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस के अनुसार, रोहित तिवारी लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था। काफी प्रयास के बाद उसे बनारस के एक होटल से गिरफ्तार किया गया। रेल पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी रोहित तिवारी पर पहले भी ट्रेनों में यात्रियों को निशाना बनाने के आरोप हैं। आरोप है कि वह यात्रियों का सामान छीनने के बाद उन्हें ट्रेन के गेट के पास ले जाकर बाहर फेंक देता था। पुलिस अब उसके पुराने रेल अपराधों की भी जांच कर रही है। दानापुर-नेउरा स्टेशन के बीच लूट के दौरान दो यात्रियों को फेंकने की आई थी जानकारी पुलिस के अनुसार, कुछ दिन पहले दानापुर-नेउरा स्टेशन के बीच लूट के दौरान दो यात्रियों को चलती ट्रेन से फेंकने की घटना भी सामने आई थी। इसमें एक यात्री की मौत हो गई थी, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हुआ था। इन घटनाओं में आरोपी की भूमिका की भी जांच की जा रही है। रेल पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने अब तक किन-किन ट्रेनों और रेलखंडों में यात्रियों को निशाना बनाया। यात्रियों से लूटे गए सामान का क्या किया जाता था, इसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि नितिन की हत्या और पूर्व की रेल घटनाओं में आरोपी के साथ कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं। पुराने रेल अपराधों से रोहित तिवारी के संभावित संबंधों को भी खंगाला जा रहा है। चलती ट्रेन में सिगरेट पीना 21 साल के युवक नितिन कुमार को भारी पड़ गया। आरोप है कि 19 सितंबर को हैदराबाद से वैशाली आ रहे नितिन को एक साइको किलर ने खुद को RPF जवान बताकर पकड़ लिया। इसके बाद नितिन के मोबाइल से उसके परिजन को फोन कर जेल भेजने की धमकी दी और छोड़ने के नाम पर पैसे मांगे। परिवार ने पहले 5 हजार रुपए और बाद में 12 हजार रुपए बताए गए UPI खाते में भेज दिए। इसके बावजूद आरोपी लगातार और पैसे की मांग करता रहा। परिवार को भरोसा दिलाया कि नितिन को बस में बैठा दिया है, वो हाजीपुर के रास्ते सुरक्षित घर पहुंच जाएगा। लेकिन इसी बीच आरा रेलवे स्टेशन और जगजीवन हाल्ट के बीच रेलवे ट्रैक से 22 सितंबर की रात करीब 10 बजे नितिन का दो टुकड़ों में सड़ा-गला शव बरामद हुआ। UPI से पैसे मांगने और नितिन के घर न पहुंचने की शिकायत के बाद रेल पुलिस ने आरोपी को बनारस के एक होटल से गिरफ्तार किया। पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर बुधवार को दानापुर आएगी। रेल पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी रोहित तिवारी पर पहले भी ट्रेनों में यात्रियों को निशाना बनाने के आरोप हैं। आरोप है कि वो यात्रियों का सामान छीनने के बाद उन्हें बहाने से ट्रेन के गेट के पास ले जाकर बाहर फेंक देता था। हालांकि, उसने अब तक ऐसी कितनी घटनाओं को अंजाम दिया है, इस बारे में उससे पूछताछ के बाद ही क्लियर हो पाएगा। घटना से जुड़ी तीन तस्वीरें देखिए अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा मामला मृतक 21 साल का नितिन वैशाली जिले के महिसौर थाना क्षेत्र के चांदसराय गांव के रहने वाले मुकेश राय का बेटा था। के 21 वर्षीय बेटे नितिन कुमार के रूप में हुई है। नितिन हैदराबाद की एक प्राइवेट कंपनी में वेल्डिंग का काम करता था। मृतक के पिता मुकेश राय ने बताया कि नितिन कई साल से हैदराबाद में रहकर काम कर रहा था और अपनी कमाई से परिवार की मदद करता था। करीब तीन महीने पहले वो गांव आया था और फिर काम पर हैदराबाद लौट गया था। नितिन घर बनवाने के लिए वह 19 सितंबर को हैदराबाद से स्पेशल ट्रेन पकड़कर दानापुर के लिए निकला था। सफर के दौरान वह लगातार अपने परिजनों को फोन कर रास्ते की जानकारी दे रहा था। जहां पहुंचता, वहां से फोन कर परिवार को बताता था कि वह उस जगह पहुंच गया है। बक्सर पहुंचने से पहले आया पहला फोन पिता ने बताया कि 20 सितंबर की रात करीब 8 बजे नितिन ने अपने मामा उमेश राय के बेटे राजा यादव को फोन किया था। उसने बताया था कि वो बक्सर पहुंचने वाला है। रात करीब 10 बजे नितिन ने दोबारा राजा को फोन किया। इस बार उसने बताया कि सिगरेट पीने के दौरान उसे RPF ने पकड़ लिया है और उसे छोड़ने के लिए 10 हजार रुपए जुर्माना मांगा जा रहा है। परिवार वालों ने नितिन से कहा कि 200-400 रुपए देकर मामला खत्म करवा लो। इसके बाद फोन कट गया। कुछ देर बाद नितिन के मोबाइल से फिर कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को RPF जवान बताया और कहा कि पैसे नहीं दिए तो नितिन को जेल भेज दिया जाएगा। परिवार के लोगों ने पहले 5 हजार, फिर 12 हजार रुपए भेजे परिजन ने नितिन को छुड़ाने के लिए आरोपी फर्जी आरपीएफ जवान रोहित तिवारी से बातचीत की। 5 हजार रुपए में सौदा तय हुआ। इसके बाद फर्जी RPF जवान ने एक मोबाइल नंबर दिया और कहा कि इस नंबर पर रवि रंजन सिंह के UPI खाते में पैसे भेज दो। परिवार ने तत्काल 5 हजार रुपए भेज दिए। कुछ देर बाद नितिन के मोबाइल से दोबारा फोन आया। आरोपी ने कहा कि इतनी रकम में काम नहीं होगा और ऊपर तक पैसा पहुंचाना पड़ता है। इसके लिए 20 हजार रुपए और देने होंगे। परिवार ने इतनी रकम देने में असमर्थता जताई। यूपीआई अकाउंट से जुड़े नंबर पर कॉल किया चांदसराय पंचायत के मुखिया बिपिन बिहारी राय ने बताया कि 5 हजार रुपए देने के बाद भी आरोपी पैसे की मांग करता रहा। परिवार ने UPI खाते से जुड़े नंबर पर फोन किया तो रवि रंजन सिंह नाम के युवक ने खुद को फर्जी जवान रोहित तिवारी का दोस्त बताया। उसने परिवार से कहा कि पैसे भेज दीजिए, नितिन को छोड़ दिया जाएगा। परिवार ने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए रकम कम करने की गुहार लगाई। इसके बाद परिवार के लोग बक्सर रेलवे स्टेशन पहुंचे और पूरी घटना की जानकारी GRP को दी। पुलिस ने उन्हें पैसे भेजने की सलाह दी और कहा कि इससे नितिन सुरक्षित रहेगा और बाद में रकम भी रिकवर कर ली जाएगी। पुलिस के कहने पर परिवार ने उसी UPI खाते में 12 हजार रुपए और भेज दिए। पैसे भेजने के बाद परिवार लगातार नितिन से बात कराने की मांग करता रहा। लेकिन आरोपी अलग-अलग बहाने बनाता रहा। करीब 17 हजार रुपए देने के बाद जब नितिन के परिवार ने और पैसे देने से इनकार कर दिया तो आरोपी रोहित ने कहा कि नितिन को बस में बैठा दिया गया है और वो हाजीपुर के रास्ते सुरक्षित घर पहुंच जाएगा। लेकिन नितिन घर नहीं आया। परिजन तलाश में थे, 22 की रात नितिन का ट्रैक पर मिला शव नितिन के परिजन ने बताया कि जब हमारा बेटा घर नहीं आया तो उसकी तलाश शुरू कर दी गई। देर शाम आरपीएफ की ओर से जानकारी दी गई कि जगजीवन हाल्ट के पास रेलवे ट्रैक पर एक अज्ञात युवक का शव मिला है। जानकारी के बाद नितिन के परिजन घटनास्थल पर पहुंचे। परिजन ने शव की पहचान उसके हाथ में पहने कड़े और चेहरे पर हल्की दाढ़ी से नितिन कुमार के रूप में की। पुलिस के अनुसार, नितिन के शरीर पर मैरून रंग की टी-शर्ट थी और ट्रैक के किनारे काले रंग की चप्पल भी थी। शव की हालत काफी खराब थी और वो दो टुकड़ों में था। परिजनों का आरोप है कि जिस समय आरोपी उनसे पैसे की मांग कर रहा था, उसी दौरान नितिन की हत्या कर शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया था। रेलवे पुलिस ने तकनीकी जांच से आरोपी रविरंजन तक पहुंची आरा GRP थानाध्यक्ष नीतीश कुमार ने बताया कि नितिन के परिजनों ने पहले बक्सर GRP में उसके लापता होने और फर्जी RPF जवान की ओर से पैसे मांगने की शिकायत की थी। पुलिस लगातार युवक की तलाश कर रही थी। इसी बीच जगजीवन हाल्ट के समीप शव मिलने की जानकारी मिली। पुलिस को परिवार की ओर से वो मोबाइल नंबर भी दिया गया, जिस पर पैसे भेजे गए थे। तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस UPI खाते से जुड़े युवक रवि रंजन सिंह तक पहुंची। पूछताछ में रवि रंजन ने फर्जी RPF जवान रोहित तिवारी का मोबाइल नंबर पुलिस को बताया। इसके बाद पुलिस ने टॉवर डंप और सर्विलांस के जरिए आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस के अनुसार, रोहित तिवारी लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था। काफी प्रयास के बाद उसे बनारस के एक होटल से गिरफ्तार किया गया। रेल पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी रोहित तिवारी पर पहले भी ट्रेनों में यात्रियों को निशाना बनाने के आरोप हैं। आरोप है कि वह यात्रियों का सामान छीनने के बाद उन्हें ट्रेन के गेट के पास ले जाकर बाहर फेंक देता था। पुलिस अब उसके पुराने रेल अपराधों की भी जांच कर रही है। दानापुर-नेउरा स्टेशन के बीच लूट के दौरान दो यात्रियों को फेंकने की आई थी जानकारी पुलिस के अनुसार, कुछ दिन पहले दानापुर-नेउरा स्टेशन के बीच लूट के दौरान दो यात्रियों को चलती ट्रेन से फेंकने की घटना भी सामने आई थी। इसमें एक यात्री की मौत हो गई थी, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हुआ था। इन घटनाओं में आरोपी की भूमिका की भी जांच की जा रही है। रेल पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने अब तक किन-किन ट्रेनों और रेलखंडों में यात्रियों को निशाना बनाया। यात्रियों से लूटे गए सामान का क्या किया जाता था, इसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि नितिन की हत्या और पूर्व की रेल घटनाओं में आरोपी के साथ कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं। पुराने रेल अपराधों से रोहित तिवारी के संभावित संबंधों को भी खंगाला जा रहा है।  

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