सांसद पप्पू यादव शनिवार को दिवंगत मंत्री सुदीव्य कुमार सोनू के परिजनों से मिलने गिरिडीह पहुंचे। यहां उन्होंने दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन और देश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर केंद्र सरकार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हिटलर से भी ऊपर बताते हुए आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है और लोगों को उनके मताधिकार से वंचित किया जा रहा है। अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा
पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान देश की बच्चियों और युवाओं के साथ मारपीट की गई। उन्होंने इसके लिए RSS से जुड़े लोगों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि अब इसका जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश में ऐसी परिस्थितियां पैदा हो गई हैं, जहां आम लोगों को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। पप्पू यादव ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि करीब 13 करोड़ लोगों को उनके वोट के अधिकार से वंचित कर दिया गया है। उन्होंने चुनाव आयोग में RSS के आईटी सेल से जुड़े लोगों के प्रभाव का भी आरोप लगाया। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने अपने संबोधन में कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया। देश में 1.65 लाख स्कूल बंद कर दिए गए
उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र की हत्या की जा रही है और विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि देश में 1.65 लाख स्कूल बंद कर दिए गए हैं और पेपर लीक जैसी घटनाओं से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए पप्पू यादव ने कहा कि देश में तानाशाही का माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान भारी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी और पूरी दिल्ली को जैसे कैद कर दिया गया था। एकजुट होकर संघर्ष करने की अपील
पप्पू यादव ने कहा कि आजादी की लड़ाई के दौरान 1942 में जिस तरह लोगों ने संघर्ष किया था, आज देश उससे भी बड़ी गुलामी जैसी परिस्थितियों का सामना कर रहा है। उन्होंने विपक्षी दलों से जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने की अपील की। पप्पू यादव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का समर्थन करते हुए आशंका जताई कि केंद्र सरकार उन्हें नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकती है। उन्होंने कहा कि देश की जनता की आवाज उठाने वाले नेताओं की सुरक्षा महत्वपूर्ण है। उन्होंने दावा किया कि देश के बड़े हिस्से की जनता राहुल गांधी के साथ खड़ी है। लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जरूरी
पप्पू यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए विवादित टिप्पणी की। साथ ही उन्होंने ज्ञानेश कुमार को छोटी मछली बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को निशाने पर लिया। पप्पू यादव ने कहा कि देश में लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जरूरी है। उन्होंने विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं से जनता के अधिकारों के लिए एकजुट होने की अपील की। कुल मिलाकर, गिरिडीह में पप्पू यादव के इस बयान ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। उनके निशाने पर केंद्र सरकार, RSS और चुनाव आयोग रहे। उनके आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद मामले की राजनीतिक तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी। सांसद पप्पू यादव शनिवार को दिवंगत मंत्री सुदीव्य कुमार सोनू के परिजनों से मिलने गिरिडीह पहुंचे। यहां उन्होंने दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन और देश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर केंद्र सरकार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हिटलर से भी ऊपर बताते हुए आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है और लोगों को उनके मताधिकार से वंचित किया जा रहा है। अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा
पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान देश की बच्चियों और युवाओं के साथ मारपीट की गई। उन्होंने इसके लिए RSS से जुड़े लोगों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि अब इसका जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश में ऐसी परिस्थितियां पैदा हो गई हैं, जहां आम लोगों को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। पप्पू यादव ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि करीब 13 करोड़ लोगों को उनके वोट के अधिकार से वंचित कर दिया गया है। उन्होंने चुनाव आयोग में RSS के आईटी सेल से जुड़े लोगों के प्रभाव का भी आरोप लगाया। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने अपने संबोधन में कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया। देश में 1.65 लाख स्कूल बंद कर दिए गए
उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र की हत्या की जा रही है और विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि देश में 1.65 लाख स्कूल बंद कर दिए गए हैं और पेपर लीक जैसी घटनाओं से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए पप्पू यादव ने कहा कि देश में तानाशाही का माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान भारी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी और पूरी दिल्ली को जैसे कैद कर दिया गया था। एकजुट होकर संघर्ष करने की अपील
पप्पू यादव ने कहा कि आजादी की लड़ाई के दौरान 1942 में जिस तरह लोगों ने संघर्ष किया था, आज देश उससे भी बड़ी गुलामी जैसी परिस्थितियों का सामना कर रहा है। उन्होंने विपक्षी दलों से जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने की अपील की। पप्पू यादव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का समर्थन करते हुए आशंका जताई कि केंद्र सरकार उन्हें नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकती है। उन्होंने कहा कि देश की जनता की आवाज उठाने वाले नेताओं की सुरक्षा महत्वपूर्ण है। उन्होंने दावा किया कि देश के बड़े हिस्से की जनता राहुल गांधी के साथ खड़ी है। लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जरूरी
पप्पू यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए विवादित टिप्पणी की। साथ ही उन्होंने ज्ञानेश कुमार को छोटी मछली बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को निशाने पर लिया। पप्पू यादव ने कहा कि देश में लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जरूरी है। उन्होंने विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं से जनता के अधिकारों के लिए एकजुट होने की अपील की। कुल मिलाकर, गिरिडीह में पप्पू यादव के इस बयान ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। उनके निशाने पर केंद्र सरकार, RSS और चुनाव आयोग रहे। उनके आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद मामले की राजनीतिक तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।

