नीमच में ‘अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस’ के मौके पर जिला अस्पताल के सामने स्थित रेडक्रॉस परिसर में बुधवार शाम एक विशेष कार्यक्रम और प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बधिर और श्रवण बाधित लोगों के अधिकारों के प्रति समाज में जागरूकता फैलाना और सांकेतिक भाषा के महत्व को रेखांकित करना था। रेडक्रॉस सचिव डॉ. स्वप्निल वधवा ने बताया कि दिव्यांगजनों का हौसला बढ़ाने के लिए चित्रकला, एकल नृत्य, समूह नृत्य और गायन प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इसमें मूक-बधिर बच्चों ने खुद सांस्कृतिक कार्यक्रम तैयार कर मंच पर प्रस्तुत किए। दोपहर में पीजी कॉलेज के विद्यार्थियों और मूक-बधिर बच्चों के बीच चित्रकला प्रतियोगिता भी हुई, जिसमें विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। अतिथियों ने बढ़ाया बच्चों का उत्साह कार्यक्रम में एडीएम बी एल कलेश, डिप्टी कलेक्टर श्रुति और समाजसेवी सुनील बटवाल समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। रेडक्रॉस सोसाइटी ने सभी दिव्यांगजनों के लिए मुफ्त भोजन की व्यवस्था की। इस आयोजन में दिव्यांग पुनर्वास केंद्र और शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग की संस्थाओं का सराहनीय योगदान रहा।

