क्षत्रिय करणी सेना के युवा जिलाध्यक्ष सचिन राघव पर हमले और इसके विरोध में वाल्मीकि समाज की ओर से किए गए आंदोलन के बाद करणी सेना ने 27 सितंबर को अलीगढ़ में महापंचायत बुलाई थी। मथुरा रोड स्थित निजी गेस्ट हाउस में प्रस्तावित इस महापंचायत में करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरजपाल सिंह अम्मू के पहुंचने का कार्यक्रम भी तय था। अम्मू ने खुद सोशल मीडिया के जरिए अलीगढ़ आने की जानकारी साझा की थी। हालांकि, जिला प्रशासन से अनुमति नहीं मिलने के कारण अब महापंचायत को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।
करणी सेना के हरिगढ़ जिलाध्यक्ष सुमित तोमर ने बुधवार को जारी सूचना में महापंचायत स्थगित किए जाने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रशासन की अनुमति नहीं मिलने के कारण 27 सितंबर का कार्यक्रम आगे के लिए स्थगित किया जा रहा है। संगठन की ओर से प्रशासन से दोबारा अनुमति लेने की प्रक्रिया की जाएगी।
दो-तीन दिन में नई तारीख पर फैसला
सुमित तोमर के मुताबिक, प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद दो-तीन दिन में महापंचायत की नई तारीख तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की आगामी तारीख और इससे संबंधित जानकारी संगठन की ओर से उचित समय पर साझा की जाएगी।
उन्होंने करणी सैनिकों और समाज के सम्मानित लोगों से शांति व संयम बनाए रखने की अपील भी की। जारी संदेश में कहा गया है कि संगठन कानून और प्रशासन का सम्मान करता है तथा प्रशासन के विरोध में किसी तरह का कार्य करना उसका उद्देश्य नहीं है।
हमले के बाद बढ़ा था तनाव
सचिन राघव पर हमले के बाद मामले को लेकर करणी सेना और वाल्मीकि समाज आमने-सामने आ गए थे। वाल्मीकि समाज की ओर से भी विरोध-प्रदर्शन किया गया था। इसी घटनाक्रम के बाद करणी सेना ने अपनी बात रखने और आगे की रणनीति पर चर्चा के लिए महापंचायत की घोषणा की थी। अब प्रशासन की अनुमति नहीं मिलने के बाद 27 सितंबर का कार्यक्रम टल गया है। संगठन की अगली गतिविधि प्रशासन से अनुमति मिलने और नई तारीख तय होने के बाद स्पष्ट होगी।

