सहारनपुर में निर्धारित मानदेय समेत विभिन्न मांगों को लेकर आशा कार्यकत्रियों का मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय पर धरना जारी है। आंदोलन के छठे दिन भी बड़ी संख्या में आशा कार्यकत्रियों ने प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। उन्होंने 30 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय निर्धारित करने, राज्य कर्मचारी का दर्जा देने और शोषण पर रोक लगाने की मांग उठाई। आशाओं के आंदोलन का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ने की आशंका है, क्योंकि वे गांव-गांव तक स्वास्थ्य योजनाओं को पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। संयुक्त आशा संगठन के संयोजक संजय वालिया के नेतृत्व में आयोजित धरने में आशा कार्यकत्रियों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। संजय वालिया ने कहा कि आशा कार्यकत्रियां स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। वे गर्भवती महिलाओं की देखभाल, बच्चों के स्वास्थ्य, टीकाकरण और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने में अहम जिम्मेदारी निभाती हैं। इसके बावजूद उन्हें काम के अनुपात में उचित मानदेय नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकत्रियां अपने परिवार की चिंता छोड़कर दिन-रात स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान देती हैं। इसके बावजूद उनकी आर्थिक और सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। सरकार को उनकी मेहनत और जिम्मेदारियों को देखते हुए सम्मानजनक मानदेय सुनिश्चित करना चाहिए। आंदोलनकारी आशा कार्यकत्रियों ने सरकार से 30 हजार रुपये प्रतिमाह निर्धारित मानदेय देने और राज्य कर्मचारी का दर्जा प्रदान करने की मांग की। इसके अलावा प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर तैनात चिकित्सा अधिकारियों के स्थानांतरण तथा जिला स्तर पर आशा कार्यकत्रियों के कथित शोषण पर रोक लगाने की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए, ताकि वे बिना दबाव के अपनी जिम्मेदारियां निभा सकें। धरने में लता,लालतेश,मिथिलेश,नेहा,भावना,पूनम देवपुरा, सुदेश संगाथेड़ा, ममता भनैड़ा, पिंकी मोहरा, सुनीता, बोबी, प्रवीन,रविता,कविता,सीमा,ओमलता,मोनिका, राजकी देवी, प्रीति शर्मा, रीना, काजल, मौसम देवी, उर्मिला, गीता, रचना, मीनाक्षी महेश्वरी, दीपमाला, सुषमा, बबली, सोनिया, बबीता, पुनीता, शारदा, सरिता, रेखा, उषा, सविता, संगीता, सुमन, राधा, विमला, नीलम, अर्चना, निशा, नीलू, ललिता, रुकसाना, राजवती, मीरा, माया, राखी, कमलेश, पूजा, प्रवेश, शीतल, दीपा और सुरजला समेत बड़ी संख्या में आशा कार्यकत्रियां शामिल रहीं।

