सहरसा शहरी बिजली विभाग में स्मार्ट मीटर बिलिंग के दौरान करीब 200 घरेलू उपभोक्ताओं के बिल में चार्ज कैलकुलेशन की निगेटिव वैल्यू सामने आने से विभाग में हड़कंप मच गया। निगेटिव वैल्यू के कारण कुछ उपभोक्ताओं के सामने बिजली कनेक्शन कटने की स्थिति बन गई। विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी जांच शुरू कर दी है। 20 हजार से ज्यादा स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की हुई बिलिंग सोमवार को सहरसा शहरी क्षेत्र में 20 हजार से ज्यादा स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के बिजली बिल तैयार किए गए। बिलिंग के दौरान करीब 200 घरेलू उपभोक्ताओं के चार्ज कैलकुलेशन में निगेटिव वैल्यू दर्ज होने की जानकारी सामने आई। अब विभाग इन सभी मामलों की अलग-अलग जांच कर रहा है। मीटर डेटा से लेकर पुराने बकाये तक की जांच बिजली विभाग की टीम संबंधित उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर डेटा, रोजाना बिजली खपत, पुराने बकाये और बिल कैलकुलेशन का मिलान कर रही है। विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि निगेटिव वैल्यू किस स्तर पर और किस तकनीकी कारण से बनी। पुराना बकाया और अतिरिक्त शुल्क भी जांच के दायरे में कार्यपालक अभियंता अमित कुमार के अनुसार, स्मार्ट मीटर का बिल वास्तविक बिजली खपत, पुराने बकाये और मीटर से प्राप्त डेटा के आधार पर तैयार होता है। शुरुआती जांच में पुराने बकाये, डेली खपत डेटा और बिल कैलकुलेशन के बीच अंतर के साथ मंजूर लोड से अधिक बिजली इस्तेमाल करने पर लगने वाले अतिरिक्त शुल्क की भी जांच की जा रही है। जांच के बाद साफ होगी गड़बड़ी की असली वजह कार्यपालक अभियंता ने बताया कि सभी मामलों की अलग-अलग तकनीकी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद निगेटिव कैलकुलेशन की वास्तविक वजह स्पष्ट होगी। सत्यापन के आधार पर नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने गड़बड़ी को जल्द ठीक करने की बात कही है। उपभोक्ताओं से अपने बिल और बिजली खपत का विवरण जांचने तथा किसी तरह की गड़बड़ी मिलने पर तत्काल बिजली कार्यालय को सूचना देने की अपील की गई है। सहरसा शहरी बिजली विभाग में स्मार्ट मीटर बिलिंग के दौरान करीब 200 घरेलू उपभोक्ताओं के बिल में चार्ज कैलकुलेशन की निगेटिव वैल्यू सामने आने से विभाग में हड़कंप मच गया। निगेटिव वैल्यू के कारण कुछ उपभोक्ताओं के सामने बिजली कनेक्शन कटने की स्थिति बन गई। विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी जांच शुरू कर दी है। 20 हजार से ज्यादा स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की हुई बिलिंग सोमवार को सहरसा शहरी क्षेत्र में 20 हजार से ज्यादा स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के बिजली बिल तैयार किए गए। बिलिंग के दौरान करीब 200 घरेलू उपभोक्ताओं के चार्ज कैलकुलेशन में निगेटिव वैल्यू दर्ज होने की जानकारी सामने आई। अब विभाग इन सभी मामलों की अलग-अलग जांच कर रहा है। मीटर डेटा से लेकर पुराने बकाये तक की जांच बिजली विभाग की टीम संबंधित उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर डेटा, रोजाना बिजली खपत, पुराने बकाये और बिल कैलकुलेशन का मिलान कर रही है। विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि निगेटिव वैल्यू किस स्तर पर और किस तकनीकी कारण से बनी। पुराना बकाया और अतिरिक्त शुल्क भी जांच के दायरे में कार्यपालक अभियंता अमित कुमार के अनुसार, स्मार्ट मीटर का बिल वास्तविक बिजली खपत, पुराने बकाये और मीटर से प्राप्त डेटा के आधार पर तैयार होता है। शुरुआती जांच में पुराने बकाये, डेली खपत डेटा और बिल कैलकुलेशन के बीच अंतर के साथ मंजूर लोड से अधिक बिजली इस्तेमाल करने पर लगने वाले अतिरिक्त शुल्क की भी जांच की जा रही है। जांच के बाद साफ होगी गड़बड़ी की असली वजह कार्यपालक अभियंता ने बताया कि सभी मामलों की अलग-अलग तकनीकी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद निगेटिव कैलकुलेशन की वास्तविक वजह स्पष्ट होगी। सत्यापन के आधार पर नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने गड़बड़ी को जल्द ठीक करने की बात कही है। उपभोक्ताओं से अपने बिल और बिजली खपत का विवरण जांचने तथा किसी तरह की गड़बड़ी मिलने पर तत्काल बिजली कार्यालय को सूचना देने की अपील की गई है।

