सहरसा में डिजिटल पत्रकार अभिषेक कुमार के साथ कथित मारपीट के विरोध में रविवार को छात्र, युवा और सामाजिक संगठनों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन वीर कुंवर सिंह चौक पर हुआ। प्रदर्शनकारियों ने सिविल सर्जन डॉ. राजनारायण प्रसाद का पुतला फूंका और घटना में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शनिवार दोपहर पत्रकार अभिषेक कुमार सदर अस्पताल में मिड-डे मील में छिपकली मिलने की खबर लेने गए थे। इसी दौरान सदर अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉ. एसके आजाद और अस्पताल प्रबंधक सिंपी कुमारी ने बड़ी संख्या में पैरामेडिकल छात्रों को बुलाया। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, इन लोगों ने पत्रकार के साथ कथित तौर पर मारपीट की। घायल पत्रकार का नारायण मेडिकल में इलाज कराया गया। शिकायत के बाद कार्रवाई नहीं होने का आरोप प्रदर्शनकारियों ने बताया कि सदर थाने में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसको लेकर छात्र और युवा संगठनों ने प्रदर्शन किया। 48 घंटे में कार्रवाई नहीं हुई तो सहरसा बंद की चेतावनी पुतला दहन कार्यक्रम में युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद के उम्मीदवार मनीष कुमार ने कहा कि पत्रकार अभिषेक कुमार सदर अस्पताल की कथित खराब व्यवस्थाओं को उजागर कर रहे थे। उन्होंने हमले को गंभीर घटना बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि 48 घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो चरणबद्ध आंदोलन करते हुए सहरसा बंद का ऐलान किया जाएगा। एआईएसएफ के पूर्व छात्र नेता शंकर कुमार ने अस्पताल प्रबंधक सिंपी कुमारी की नियुक्ति की जांच की मांग की। अस्पताल प्रशासन से जुड़े मामलों की जांच की मांग आरवाईए के राष्ट्रीय परिषद सदस्य कुंदन यादव ने पत्रकारों की सुरक्षा की मांग की। सोहन झा ने घटना की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। अभाविप के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मोनु झा ने पूछा कि किस अधिकार के तहत पत्रकार के साथ मारपीट की गई। छात्र राजद के निवर्तमान जिलाध्यक्ष धीरज सम्राट ने अस्पताल प्रबंधक की नियुक्ति और शैक्षणिक योग्यता की जांच की मांग की। युवा कांग्रेस नेता विक्रम यादव ने अस्पताल प्रशासन और चिकित्सकों से जुड़े विभिन्न आरोपों की जांच की मांग उठाई। समाजसेवी रोशन कुमार माधव और कौशल क्रांतिकारी ने घटना में शामिल लोगों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की मांग की। वित्तीय और सामग्री संबंधी अनियमितताओं की जांच की मांग जदयू नेता प्रवीण कुमार ने अस्पताल में कथित वित्तीय एवं सामग्री संबंधी अनियमितताओं की जांच की मांग की। NSUI जिला उपाध्यक्ष बंटी झा ने कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी और पुलिस प्रशासन से पत्रकार के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने, हमले में शामिल सभी आरोपितों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई करने और पत्रकारों को सुरक्षा का भरोसा देने की मांग की। कार्यक्रम में रुपेश यादव, आदित्य राव यादव, विक्रम यादव, रतन मिश्रा, संजय पासवान, मुकेश कुमार साह, बिट्टू कुमार, अनीश कुमार, आयुष राधे, मनीष कुमार, कौशल कुमार, अमन कुमार, अमित कुमार, पवन कुमार साह, मोहम्मद जाबिर, अकरम अली, मनु कुमार यादव, मोहम्मद इरफान, मोहम्मद शमी, पारस पासवान, राजेश रमन, दिलखुश शाह, सोनू मिश्रा, प्रदीप कुमार सहित बड़ी संख्या में छात्र, युवा एवं सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद थे। सहरसा में डिजिटल पत्रकार अभिषेक कुमार के साथ कथित मारपीट के विरोध में रविवार को छात्र, युवा और सामाजिक संगठनों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन वीर कुंवर सिंह चौक पर हुआ। प्रदर्शनकारियों ने सिविल सर्जन डॉ. राजनारायण प्रसाद का पुतला फूंका और घटना में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शनिवार दोपहर पत्रकार अभिषेक कुमार सदर अस्पताल में मिड-डे मील में छिपकली मिलने की खबर लेने गए थे। इसी दौरान सदर अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉ. एसके आजाद और अस्पताल प्रबंधक सिंपी कुमारी ने बड़ी संख्या में पैरामेडिकल छात्रों को बुलाया। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, इन लोगों ने पत्रकार के साथ कथित तौर पर मारपीट की। घायल पत्रकार का नारायण मेडिकल में इलाज कराया गया। शिकायत के बाद कार्रवाई नहीं होने का आरोप प्रदर्शनकारियों ने बताया कि सदर थाने में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसको लेकर छात्र और युवा संगठनों ने प्रदर्शन किया। 48 घंटे में कार्रवाई नहीं हुई तो सहरसा बंद की चेतावनी पुतला दहन कार्यक्रम में युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद के उम्मीदवार मनीष कुमार ने कहा कि पत्रकार अभिषेक कुमार सदर अस्पताल की कथित खराब व्यवस्थाओं को उजागर कर रहे थे। उन्होंने हमले को गंभीर घटना बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि 48 घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो चरणबद्ध आंदोलन करते हुए सहरसा बंद का ऐलान किया जाएगा। एआईएसएफ के पूर्व छात्र नेता शंकर कुमार ने अस्पताल प्रबंधक सिंपी कुमारी की नियुक्ति की जांच की मांग की। अस्पताल प्रशासन से जुड़े मामलों की जांच की मांग आरवाईए के राष्ट्रीय परिषद सदस्य कुंदन यादव ने पत्रकारों की सुरक्षा की मांग की। सोहन झा ने घटना की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। अभाविप के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मोनु झा ने पूछा कि किस अधिकार के तहत पत्रकार के साथ मारपीट की गई। छात्र राजद के निवर्तमान जिलाध्यक्ष धीरज सम्राट ने अस्पताल प्रबंधक की नियुक्ति और शैक्षणिक योग्यता की जांच की मांग की। युवा कांग्रेस नेता विक्रम यादव ने अस्पताल प्रशासन और चिकित्सकों से जुड़े विभिन्न आरोपों की जांच की मांग उठाई। समाजसेवी रोशन कुमार माधव और कौशल क्रांतिकारी ने घटना में शामिल लोगों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की मांग की। वित्तीय और सामग्री संबंधी अनियमितताओं की जांच की मांग जदयू नेता प्रवीण कुमार ने अस्पताल में कथित वित्तीय एवं सामग्री संबंधी अनियमितताओं की जांच की मांग की। NSUI जिला उपाध्यक्ष बंटी झा ने कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी और पुलिस प्रशासन से पत्रकार के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने, हमले में शामिल सभी आरोपितों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई करने और पत्रकारों को सुरक्षा का भरोसा देने की मांग की। कार्यक्रम में रुपेश यादव, आदित्य राव यादव, विक्रम यादव, रतन मिश्रा, संजय पासवान, मुकेश कुमार साह, बिट्टू कुमार, अनीश कुमार, आयुष राधे, मनीष कुमार, कौशल कुमार, अमन कुमार, अमित कुमार, पवन कुमार साह, मोहम्मद जाबिर, अकरम अली, मनु कुमार यादव, मोहम्मद इरफान, मोहम्मद शमी, पारस पासवान, राजेश रमन, दिलखुश शाह, सोनू मिश्रा, प्रदीप कुमार सहित बड़ी संख्या में छात्र, युवा एवं सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद थे।

