सहरसा के नवहट्टा नगर पंचायत क्षेत्र के शाहीडीह गांव स्थित प्रसिद्ध बाबा राज राजेश्वर मंदिर परिसर में सोमवार को दो दिवसीय राजकीय श्रावणी महोत्सव का शुभारंभ हुआ। इस महोत्सव का उद्घाटन बिहार सरकार के आपदा मंत्री रत्नेश सादा ने दीप प्रज्वलित कर किया। यह महोत्सव 17 और 18 अगस्त तक चलेगा। करीब 500 साल पुराने बाबा राज राजेश्वर मंदिर का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व काफी अधिक है। यह मंदिर शक्ति साधना के लिए पूरे क्षेत्र में प्रसिद्ध है। उद्घाटन समारोह में अपर समाहर्ता निशांत, सदर एसडीएम श्रेयांश तिवारी, पूर्व विधायक सह जदयू जिलाध्यक्ष गूंजेश्वर साह, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी स्नेहा कुमारी सहित कई अधिकारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम स्थल पर खाली दिखी कुर्सियां हालांकि, उद्घाटन के दौरान हुई बारिश के कारण आम लोगों की उपस्थिति कम रही और कार्यक्रम स्थल पर कई कुर्सियां खाली दिखी। इसके बावजूद, अधिकारियों और मंदिर कमेटी ने मंदिर के विकास, साफ-सफाई और अतिक्रमण हटाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। मंदिर कमेटी के सचिव अरुण कुमार सिंह ने बताया कि मंदिर के नाम करीब 22 एकड़ जमीन है, जिस पर कई लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। उन्होंने मंच से जिला प्रशासन से मंदिर की जमीन को अतिक्रमणमुक्त कराने की मांग की। इस पर अपर समाहर्ता निशांत ने जवाब दिया कि मंदिर कमेटी के सचिव संबंधित दस्तावेज लेकर एडीएम कोर्ट में जमा करें। दस्तावेजों की जांच के आधार पर मंदिर के नाम जमाबंदी कायम करने के साथ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। 1 साल से राजकीय महोत्सव के रूप में किया गया विकसित अपर समाहर्ता निशांत ने यह भी बताया कि प्राचीन मंदिरों को राज्य स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने पिछले वर्ष से बाबा राज राजेश्वर मंदिर को राजकीय महोत्सव के रूप में विकसित करने की पहल शुरू की है। उन्होंने सदर एसडीएम, बीडीओ और अंचलाधिकारी को मंदिर परिसर एवं आसपास समुचित साफ-सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मंदिर के विकास के लिए जिला प्रशासन हरसंभव प्रयास करेगा और यदि यहां कांवरियों का जत्था पहुंचने लगे तो मंदिर के साथ-साथ पूरे क्षेत्र का भी कायाकल्प संभव है। सहरसा के नवहट्टा नगर पंचायत क्षेत्र के शाहीडीह गांव स्थित प्रसिद्ध बाबा राज राजेश्वर मंदिर परिसर में सोमवार को दो दिवसीय राजकीय श्रावणी महोत्सव का शुभारंभ हुआ। इस महोत्सव का उद्घाटन बिहार सरकार के आपदा मंत्री रत्नेश सादा ने दीप प्रज्वलित कर किया। यह महोत्सव 17 और 18 अगस्त तक चलेगा। करीब 500 साल पुराने बाबा राज राजेश्वर मंदिर का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व काफी अधिक है। यह मंदिर शक्ति साधना के लिए पूरे क्षेत्र में प्रसिद्ध है। उद्घाटन समारोह में अपर समाहर्ता निशांत, सदर एसडीएम श्रेयांश तिवारी, पूर्व विधायक सह जदयू जिलाध्यक्ष गूंजेश्वर साह, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी स्नेहा कुमारी सहित कई अधिकारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम स्थल पर खाली दिखी कुर्सियां हालांकि, उद्घाटन के दौरान हुई बारिश के कारण आम लोगों की उपस्थिति कम रही और कार्यक्रम स्थल पर कई कुर्सियां खाली दिखी। इसके बावजूद, अधिकारियों और मंदिर कमेटी ने मंदिर के विकास, साफ-सफाई और अतिक्रमण हटाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। मंदिर कमेटी के सचिव अरुण कुमार सिंह ने बताया कि मंदिर के नाम करीब 22 एकड़ जमीन है, जिस पर कई लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। उन्होंने मंच से जिला प्रशासन से मंदिर की जमीन को अतिक्रमणमुक्त कराने की मांग की। इस पर अपर समाहर्ता निशांत ने जवाब दिया कि मंदिर कमेटी के सचिव संबंधित दस्तावेज लेकर एडीएम कोर्ट में जमा करें। दस्तावेजों की जांच के आधार पर मंदिर के नाम जमाबंदी कायम करने के साथ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। 1 साल से राजकीय महोत्सव के रूप में किया गया विकसित अपर समाहर्ता निशांत ने यह भी बताया कि प्राचीन मंदिरों को राज्य स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने पिछले वर्ष से बाबा राज राजेश्वर मंदिर को राजकीय महोत्सव के रूप में विकसित करने की पहल शुरू की है। उन्होंने सदर एसडीएम, बीडीओ और अंचलाधिकारी को मंदिर परिसर एवं आसपास समुचित साफ-सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मंदिर के विकास के लिए जिला प्रशासन हरसंभव प्रयास करेगा और यदि यहां कांवरियों का जत्था पहुंचने लगे तो मंदिर के साथ-साथ पूरे क्षेत्र का भी कायाकल्प संभव है।

