समस्तीपुर जिले में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने गुरुवार को मोहिउद्दीननगर और मोहनपुर प्रखंड के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने मौके पर बाढ़ की मौजूदा स्थिति, जलस्तर, आवागमन, तटबंधों की सुरक्षा और प्रभावित लोगों को मिल रही सुविधाओं का जायजा लिया। डीएम ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिया कि बाढ़ की स्थिति में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहे। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पटोरी के अनुमंडल पदाधिकारी, मोहिउद्दीननगर और मोहनपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी और बाढ़ प्रमंडल के इंजीनियरों को बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगातार और कड़ी निगरानी रखने को कहा। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी इमरजेंसी होने पर तुरंत कार्रवाई की जाए, ताकि बाढ़ पीड़ितों को कोई दिक्कत न हो। कैंप मोड में काम करने का निर्देश डीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों को कैंप मोड में काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रभावित इलाकों में अधिकारी और कर्मचारी लगातार मौजूद रहें और स्थानीय स्तर पर आने वाली समस्याओं को तुरंत सुलझाया जाए। प्रशासनिक टीम को खास तौर पर तटबंधों और संवेदनशील जगहों पर लगातार नजर रखने को कहा गया। तटबंधों की सुरक्षा पर पैनी नजर रखने को कहा बाढ़ प्रमंडल के इंजीनियरों को निर्देश दिया गया कि वे तटबंधों की स्थिति पर पैनी नजर रखें। जरूरत पड़ने पर तुरंत सुरक्षा और बचाव के कदम उठाएं। जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी संवेदनशील जगह पर स्थिति बिगड़ने का इंतजार न किया जाए, बल्कि संभावित खतरे को देखते हुए पहले से ही जरूरी कदम उठाए जाएं। पेयजल, स्वास्थ्य और स्वच्छता पर विशेष ध्यान उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में आमजन की जरूरतों का लगातार आकलन करने तथा प्रशासनिक स्तर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। लोगों के आवागमन, पेयजल, स्वास्थ्य, स्वच्छता सहित अन्य जरूरी सेवाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने देने की भी हिदायत दी गई। राहत एवं बचाव कार्यों की सतत निगरानी जिलाधिकारी ने अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन राजेश सिंह को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों तथा प्रशासनिक तैयारियों की सतत निगरानी करने का निर्देश दिया। साथ ही प्रतिदिन की स्थिति एवं किए जा रहे कार्यों से जिलाधिकारी को अवगत कराने को कहा। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट डीएम ने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन बाढ़ की स्थिति को लेकर पूरी तरह अलर्ट है। प्रभावित इलाकों में प्रशासनिक एवं तकनीकी टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। निरीक्षण के दौरान मोहिउद्दीननगर के विधायक राजेश सिंह, उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह, अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन राजेश सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी पटोरी विकास पांडे समेत संबंधित प्रखंडों के बीडीओ, सीओ, बाढ़ प्रमंडल के अभियंता एवं अन्य अधिकारी-कर्मी मौजूद रहे। समस्तीपुर जिले में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने गुरुवार को मोहिउद्दीननगर और मोहनपुर प्रखंड के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने मौके पर बाढ़ की मौजूदा स्थिति, जलस्तर, आवागमन, तटबंधों की सुरक्षा और प्रभावित लोगों को मिल रही सुविधाओं का जायजा लिया। डीएम ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिया कि बाढ़ की स्थिति में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहे। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पटोरी के अनुमंडल पदाधिकारी, मोहिउद्दीननगर और मोहनपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी और बाढ़ प्रमंडल के इंजीनियरों को बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगातार और कड़ी निगरानी रखने को कहा। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी इमरजेंसी होने पर तुरंत कार्रवाई की जाए, ताकि बाढ़ पीड़ितों को कोई दिक्कत न हो। कैंप मोड में काम करने का निर्देश डीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों को कैंप मोड में काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रभावित इलाकों में अधिकारी और कर्मचारी लगातार मौजूद रहें और स्थानीय स्तर पर आने वाली समस्याओं को तुरंत सुलझाया जाए। प्रशासनिक टीम को खास तौर पर तटबंधों और संवेदनशील जगहों पर लगातार नजर रखने को कहा गया। तटबंधों की सुरक्षा पर पैनी नजर रखने को कहा बाढ़ प्रमंडल के इंजीनियरों को निर्देश दिया गया कि वे तटबंधों की स्थिति पर पैनी नजर रखें। जरूरत पड़ने पर तुरंत सुरक्षा और बचाव के कदम उठाएं। जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी संवेदनशील जगह पर स्थिति बिगड़ने का इंतजार न किया जाए, बल्कि संभावित खतरे को देखते हुए पहले से ही जरूरी कदम उठाए जाएं। पेयजल, स्वास्थ्य और स्वच्छता पर विशेष ध्यान उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में आमजन की जरूरतों का लगातार आकलन करने तथा प्रशासनिक स्तर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। लोगों के आवागमन, पेयजल, स्वास्थ्य, स्वच्छता सहित अन्य जरूरी सेवाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने देने की भी हिदायत दी गई। राहत एवं बचाव कार्यों की सतत निगरानी जिलाधिकारी ने अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन राजेश सिंह को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों तथा प्रशासनिक तैयारियों की सतत निगरानी करने का निर्देश दिया। साथ ही प्रतिदिन की स्थिति एवं किए जा रहे कार्यों से जिलाधिकारी को अवगत कराने को कहा। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट डीएम ने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन बाढ़ की स्थिति को लेकर पूरी तरह अलर्ट है। प्रभावित इलाकों में प्रशासनिक एवं तकनीकी टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। निरीक्षण के दौरान मोहिउद्दीननगर के विधायक राजेश सिंह, उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह, अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन राजेश सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी पटोरी विकास पांडे समेत संबंधित प्रखंडों के बीडीओ, सीओ, बाढ़ प्रमंडल के अभियंता एवं अन्य अधिकारी-कर्मी मौजूद रहे।

