समस्तीपुर मुसहरी में बुलडोजर चला, गरीब सड़कों पर उतरे:पर्चा-वासभूमि-आवास व पहुंचपथ की मांग, उजाड़ने में हुई क्षति का मुआवजा देने की मांग

समस्तीपुर मुसहरी में बुलडोजर चला, गरीब सड़कों पर उतरे:पर्चा-वासभूमि-आवास व पहुंचपथ की मांग, उजाड़ने में हुई क्षति का मुआवजा देने की मांग

समस्तीपुर जिले के ताजपुर प्रखंड की फतेहपुर पंचायत के वार्ड संख्या-3 स्थित मुसहरी में अंचल प्रशासन द्वारा बुलडोजर चलाकर गरीब परिवारों के आशियाने उजाड़े जाने के विरोध में शनिवार को भाकपा माले और खेग्रामस के बैनर तले प्रतिरोध मार्च निकाला गया। मार्च के बाद आयोजित सभा में प्रभावित परिवारों के लिए रैयती पर्चा, वासभूमि, आवास और पहुंचपथ उपलब्ध कराने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने इस कार्रवाई को अमानवीय और गरीब विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि वर्षों से मुसहरी में बसे गरीब मुसहर परिवारों को बिना किसी समुचित वैकल्पिक व्यवस्था के उजाड़ना गलत है। उन्होंने उजाड़ने के दौरान क्षतिग्रस्त हुए मकान, बर्तन, खाद्य सामग्री और अन्य संपत्तियों का आकलन कर प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने की भी मांग की। प्रशासन ने कार्रवाई के दौरान ऐसे गड्ढे खोदे, बच्चों के लिए खतरा बना सभा की अध्यक्षता भाकपा माले के प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने की। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने कार्रवाई के दौरान ऐसे गड्ढे खोद दिए हैं, जिनमें पानी जमा होने से बच्चों और आम लोगों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन गड्ढों में डूबने से किसी बच्चे या व्यक्ति की मौत होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। नेताओं ने तत्काल इन गड्ढों को सुरक्षित कराने और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था करने की मांग की। ‘कार्रवाई के पीछे भूमाफिया का दबाव और प्रभाव काम कर रहा’ वक्ताओं ने आरोप लगाया कि गरीब परिवारों को उजाड़ने की कार्रवाई के पीछे भूमाफिया का दबाव और प्रभाव काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी बाहा को भरने, डूबाऊ गड्ढा खोदने और गरीबों के बसे-बसाए घरों पर बुलडोजर चलाने की पूरी घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। नेताओं ने इस मामले में ताजपुर की अंचलाधिकारी आरती कुमारी समेत संबंधित अधिकारियों और राजस्वकर्मियों की भूमिका की जांच कर दोषी पाए जाने पर कार्रवाई करने की मांग की। माले नेताओं ने कहा कि भूमिहीन और गरीब परिवारों के अधिकारों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। प्रभावित परिवारों को सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि पर्चा, वासभूमि, पक्का आवास और आवागमन के लिए पहुंचपथ उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जब तक पीड़ित परिवारों को न्याय और उनकी क्षति का उचित मुआवजा नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। सभा के दौरान आगामी 3 सितंबर को समस्तीपुर अनुमंडल कार्यालय पर प्रस्तावित प्रदर्शन को सफल बनाने की अपील भी की गई। नेताओं ने बड़ी संख्या में ग्रामीणों, गरीब-भूमिहीन परिवारों, खेग्रामस कार्यकर्ताओं और समर्थकों से प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रभावित परिवारों के अधिकारों की रक्षा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। समस्तीपुर जिले के ताजपुर प्रखंड की फतेहपुर पंचायत के वार्ड संख्या-3 स्थित मुसहरी में अंचल प्रशासन द्वारा बुलडोजर चलाकर गरीब परिवारों के आशियाने उजाड़े जाने के विरोध में शनिवार को भाकपा माले और खेग्रामस के बैनर तले प्रतिरोध मार्च निकाला गया। मार्च के बाद आयोजित सभा में प्रभावित परिवारों के लिए रैयती पर्चा, वासभूमि, आवास और पहुंचपथ उपलब्ध कराने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने इस कार्रवाई को अमानवीय और गरीब विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि वर्षों से मुसहरी में बसे गरीब मुसहर परिवारों को बिना किसी समुचित वैकल्पिक व्यवस्था के उजाड़ना गलत है। उन्होंने उजाड़ने के दौरान क्षतिग्रस्त हुए मकान, बर्तन, खाद्य सामग्री और अन्य संपत्तियों का आकलन कर प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने की भी मांग की। प्रशासन ने कार्रवाई के दौरान ऐसे गड्ढे खोदे, बच्चों के लिए खतरा बना सभा की अध्यक्षता भाकपा माले के प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने की। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने कार्रवाई के दौरान ऐसे गड्ढे खोद दिए हैं, जिनमें पानी जमा होने से बच्चों और आम लोगों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन गड्ढों में डूबने से किसी बच्चे या व्यक्ति की मौत होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। नेताओं ने तत्काल इन गड्ढों को सुरक्षित कराने और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था करने की मांग की। ‘कार्रवाई के पीछे भूमाफिया का दबाव और प्रभाव काम कर रहा’ वक्ताओं ने आरोप लगाया कि गरीब परिवारों को उजाड़ने की कार्रवाई के पीछे भूमाफिया का दबाव और प्रभाव काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी बाहा को भरने, डूबाऊ गड्ढा खोदने और गरीबों के बसे-बसाए घरों पर बुलडोजर चलाने की पूरी घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। नेताओं ने इस मामले में ताजपुर की अंचलाधिकारी आरती कुमारी समेत संबंधित अधिकारियों और राजस्वकर्मियों की भूमिका की जांच कर दोषी पाए जाने पर कार्रवाई करने की मांग की। माले नेताओं ने कहा कि भूमिहीन और गरीब परिवारों के अधिकारों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। प्रभावित परिवारों को सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि पर्चा, वासभूमि, पक्का आवास और आवागमन के लिए पहुंचपथ उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जब तक पीड़ित परिवारों को न्याय और उनकी क्षति का उचित मुआवजा नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। सभा के दौरान आगामी 3 सितंबर को समस्तीपुर अनुमंडल कार्यालय पर प्रस्तावित प्रदर्शन को सफल बनाने की अपील भी की गई। नेताओं ने बड़ी संख्या में ग्रामीणों, गरीब-भूमिहीन परिवारों, खेग्रामस कार्यकर्ताओं और समर्थकों से प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रभावित परिवारों के अधिकारों की रक्षा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *