समस्तीपुर में बैंती नदी में डूबने से 12 साल के बच्चे की मौत हो गई। स्नान करने के दौरान हादसा हुआ है। आरोप है कि सूचना दिए जाने के बावजूद एसडीआरएफ और प्रखंड प्रशासन की टीम समय पर नहीं पहुंची। हादसे के विरोध में लोगों ने गंगौली-विभूतिपुर मार्ग पर जाम लगा दिया। जाम के तलते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। आक्रोशित ग्रामीण पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग कर रहे थे। मृतक की पहचान गंगौली वार्ड संख्या-2 निवासी मंगल महतो के पुत्र चंदन कुमार के रूप में हुई है। घटना विभूतिपुर थाना क्षेत्र की है। सोमवार दोपहर नदी में स्नान करने के दौरान हुआ हादसा स्थानीय पंचायत के मुखिया मनोज यादव ने बताया कि सोमवार दोपहर करीब दो बजे गंगौली पुल के डायवर्सन के पास चंदन कुमार खेलने गया था। खेलते-खेलते नदी में स्नान करने लगा। इसी दौरान वह गहरे पानी में चला गया और डूबकर लापता हो गया। जानकारी तत्काल स्थानीय प्रखंड प्रशासन और एसडीआरएफ को दी गई। ग्रामीणों के अनुसार, सोमवार रात करीब नौ बजे तक कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। ग्रामीण अपने स्तर से नदी में बच्चे की तलाश करते रहे, लेकिन सफलता नहीं मिली। देर रात केवल 112 नंबर की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। मंगलवार सुबह करीब आठ बजे एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। इससे नाराज ग्रामीणों ने गंगौली चौक के पास सड़क जाम कर दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि प्रशासनिक स्तर पर समय पर कार्रवाई नहीं होने के कारण बच्चे का शव 15 घंटे से अधिक समय तक नदी में पड़ा रहा। एसडीआरएफ की टीम ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद शव को बरामद कर लिया। बताया गया कि शव नदी में कुंभी के नीचे दबा हुआ था। मुआवजे की मांग पर अड़े ग्रामीण मुखिया मनोज यादव ने कहा कि जब तक पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा नहीं दिया जाता, तब तक सड़क जाम जारी रहेगा। जाम की सूचना मिलने पर स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। दूसरे दिन शव बरामद हुआ वहीं, इस संबंध में रोसड़ा डीएसपी संजय सिन्हा ने बताया कि स्नान करने के दौरान बच्चे की डूबने से मौत हुई थी। सोमवार रात एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची थी, लेकिन शव बरामद नहीं हो सका। मंगलवार सुबह दोबारा एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को बरामद किया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। समस्तीपुर में बैंती नदी में डूबने से 12 साल के बच्चे की मौत हो गई। स्नान करने के दौरान हादसा हुआ है। आरोप है कि सूचना दिए जाने के बावजूद एसडीआरएफ और प्रखंड प्रशासन की टीम समय पर नहीं पहुंची। हादसे के विरोध में लोगों ने गंगौली-विभूतिपुर मार्ग पर जाम लगा दिया। जाम के तलते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। आक्रोशित ग्रामीण पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग कर रहे थे। मृतक की पहचान गंगौली वार्ड संख्या-2 निवासी मंगल महतो के पुत्र चंदन कुमार के रूप में हुई है। घटना विभूतिपुर थाना क्षेत्र की है। सोमवार दोपहर नदी में स्नान करने के दौरान हुआ हादसा स्थानीय पंचायत के मुखिया मनोज यादव ने बताया कि सोमवार दोपहर करीब दो बजे गंगौली पुल के डायवर्सन के पास चंदन कुमार खेलने गया था। खेलते-खेलते नदी में स्नान करने लगा। इसी दौरान वह गहरे पानी में चला गया और डूबकर लापता हो गया। जानकारी तत्काल स्थानीय प्रखंड प्रशासन और एसडीआरएफ को दी गई। ग्रामीणों के अनुसार, सोमवार रात करीब नौ बजे तक कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। ग्रामीण अपने स्तर से नदी में बच्चे की तलाश करते रहे, लेकिन सफलता नहीं मिली। देर रात केवल 112 नंबर की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। मंगलवार सुबह करीब आठ बजे एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। इससे नाराज ग्रामीणों ने गंगौली चौक के पास सड़क जाम कर दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि प्रशासनिक स्तर पर समय पर कार्रवाई नहीं होने के कारण बच्चे का शव 15 घंटे से अधिक समय तक नदी में पड़ा रहा। एसडीआरएफ की टीम ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद शव को बरामद कर लिया। बताया गया कि शव नदी में कुंभी के नीचे दबा हुआ था। मुआवजे की मांग पर अड़े ग्रामीण मुखिया मनोज यादव ने कहा कि जब तक पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा नहीं दिया जाता, तब तक सड़क जाम जारी रहेगा। जाम की सूचना मिलने पर स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। दूसरे दिन शव बरामद हुआ वहीं, इस संबंध में रोसड़ा डीएसपी संजय सिन्हा ने बताया कि स्नान करने के दौरान बच्चे की डूबने से मौत हुई थी। सोमवार रात एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची थी, लेकिन शव बरामद नहीं हो सका। मंगलवार सुबह दोबारा एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को बरामद किया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है।

