गाजीपुर में सफाईकर्मी के तीन महीने का वेतन रुकने को लेकर सोमवार को जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) कार्यालय में भाजपा नेता और अधिकारी के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। भाजपा के जिला महामंत्री विष्णु प्रताप सिंह निलंबित सफाईकर्मी की पैरवी करने पहुंचे थे। डीपीआरओ रमेश चंद उपाध्याय ने आरोप लगाया कि बातचीत के दौरान भाजपा नेता ने धमकी देते हुए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। मामला कासिमाबाद क्षेत्र के एक सफाईकर्मी से जुड़ा है। उसके तीन महीने का वेतन रुका हुआ है। भाजपा जिला महामंत्री विष्णु प्रताप सिंह इसी मामले में डीपीआरओ कार्यालय पहुंचे थे। डीपीआरओ का कहना है कि संबंधित सफाईकर्मी निलंबित है और उसके वेतन को लेकर विभागीय प्रक्रिया चल रही है। डीपीआरओ का आरोप- ‘ठीक कर दिया जाएगा’ कहा डीपीआरओ रमेश चंद उपाध्याय के मुताबिक, बातचीत के दौरान भाजपा नेता ने कथित तौर पर कहा कि अगर सफाईकर्मी का वेतन नहीं मिला तो उन्हें ‘ठीक कर दिया जाएगा’। डीपीआरओ ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता ने ट्रांसफर कराने की धमकी भी दी और कहा कि ‘तुम्हें कोई बचाने वाला नहीं है।’ उपाध्याय ने कहा कि भाजपा नेता से उनकी यह पहली मुलाकात थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बातचीत के दौरान जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया गया, वह किसी अधिकारी के साथ उचित नहीं है। बार-बार धमकी देने और ट्रांसफर कराने की बात कहे जाने से वह आहत हुए। राजनीतिक पहुंच का हवाला देने का भी आरोप डीपीआरओ के अनुसार, भाजपा जिला महामंत्री ने बातचीत के दौरान अपनी राजनीतिक पहुंच का भी हवाला दिया। आरोप है कि उन्होंने महेंद्र पांडेय और कलराज मिश्रा जैसे नेताओं का नाम लेते हुए कहा कि वे ‘लड़ने वाले लोग’ हैं और जरूरत पड़ने पर बड़े नेताओं तक जाने से पीछे नहीं हटेंगे। विभागीय प्रक्रिया में है सफाईकर्मी का मामला विवाद का मूल कारण सफाईकर्मी का तीन महीने से रुका वेतन बताया जा रहा है। डीपीआरओ का कहना है कि सफाईकर्मी निलंबित है, इसलिए वेतन से संबंधित मामला विभागीय प्रक्रिया के तहत चल रहा है। इसी मामले में पैरवी को लेकर भाजपा नेता और डीपीआरओ के बीच विवाद हुआ।


