नेपा लिमिटेड ने 16 मार्च 2026 को सफल ट्रायल रन किया, जिसके बाद 2723 मीट्रिक टन अखबारी कागज का उत्पादन कर पूरा स्टॉक बाजार में बेच दिया गया। 79वीं वार्षिक आमसभा में सीएमडी नरेश सिंह ने बताया कि मंत्रालय मिल चलाना चाहता है। कार्यशील पूंजी के लिए कोशिशें जारी हैं, कोयले के रेक आते ही उत्पादन शुरू होगा। वित्त वर्ष 2025-26 में कार्यशील पूंजी की कमी से मिल बंद रही, कंपनी को 106.35 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। कंपनी के पास 86.33 करोड़ के ऑर्डर
भारत में 1.13 मिलियन टन अखबारी कागज की सालाना मांग का 64% आयात होता है। रुपए के कमजोर होने से आयात महंगा हुआ है। कंपनी के पास 86.33 करोड़ रुपए की ऑर्डर बुक है, जिसमें 11600 टन के 58 करोड़ रुपए के पक्के ऑर्डर शामिल हैं। कर्मचारियों की कमी और मरम्मत की दिक्कतें दूर कर ली गई हैं। 1 अप्रैल 2026 से 120 नए कर्मचारी जोड़े गए हैं, जिससे कुल स्टाफ 480 हो गया है। उत्पादन के लिए कार्यशील पूंजी की जरूरत
अब कंपनी को निरंतर उत्पादन के लिए सिर्फ कार्यशील पूंजी की जरूरत है। प्रबंधन ने भारत सरकार से शीघ्र वित्तीय सहायता का आग्रह किया है, ताकि 45000 टन के लक्ष्य के साथ 60-40 के अनुपात में अखबारी कागज और उच्च मार्जिन वाले लेखन.मुद्रण कागज का उत्पादन शुरू किया जा सके। इस अवसर पर निदेशक वित्त पीजेएम डिक्सन, कंपनी सेकेट्री धनंजय शर्मा, सीजीएम टेक्निकल राम अलागेसन, इंडिपेंडेंट डायरेक्टर हिम्मता राम चौधरी आदि मौजूद रहे।

