मथुरा में समाजवादी पार्टी ने रविवार को दो नेताओं भारत भूषण शर्मा और राघवेंद्र सिंह को पार्टी से निष्कासित कर दिया। दोनों पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। सपा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य और पूर्व राज्यसभा सांसद अरविंद कुमार सिंह ने बयान जारी कर कार्रवाई की जानकारी दी। निष्कासन के बाद जिले की सियासत में पार्टी के अंदर चल रही खींचतान और गुटबाजी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। राघवेंद्र बोले- सोची-समझी रणनीति के तहत निकाला पार्टी से निष्कासन के बाद राघवेंद्र सिंह ने कहा कि उन्हें सोची-समझी रणनीति के तहत पार्टी से बाहर किया गया है। उन्होंने खुद को समाजवादी पार्टी का वफादार कार्यकर्ता बताते हुए कहा कि वह आगे भी पार्टी के साथ रहेंगे। राघवेंद्र ने कहा कि उन्होंने जीवनभर सपा का कार्यकर्ता रहने का संकल्प लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ पार्टी के बड़े नेताओं को गलत रिपोर्ट भेजी गई है। राघवेंद्र के मुताबिक वह जल्द ही शीर्ष नेतृत्व के सामने अपना पक्ष रखेंगे और पूरे मामले की जानकारी देंगे। भारत भूषण बोले- मुझे निष्कासन की जानकारी नहीं वहीं, भारत भूषण शर्मा ने कहा कि उन्हें अभी तक पार्टी की ओर से निष्कासन का कोई पत्र नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि पार्टी की ओर से उन्हें निष्कासन की कोई सूचना भी नहीं दी गई है। 2027 चुनाव से पहले संगठन में मतभेद चर्चा में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सपा समेत सभी दल संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं। ऐसे में जिले में दो नेताओं के खिलाफ हुई कार्रवाई ने पार्टी के अंदरूनी समीकरणों को चर्चा में ला दिया है। एक तरफ पार्टी कार्यकर्ताओं को चुनाव की तैयारियों में सक्रिय कर रही है, वहीं दूसरी ओर नेताओं के बीच मतभेद और कार्रवाई के मामले सामने आ रहे हैं। अब देखना होगा कि सपा नेतृत्व इस घटनाक्रम को किस तरह संभालता है और इसका चुनावी तैयारियों पर क्या असर पड़ता है।

