लखनऊ के अलीगंज स्थित कलास्रोत आर्ट गैलरी में रविवार से समूह कला प्रदर्शनी बियॉन्ड द फ्रेम्स शुरू हो गई हैं। इसमें देशभर के आठ कलाकारों की कलाकृतियां प्रदर्शित की गई हैं। प्रदर्शनी में राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता रामचंद्र खरातमाल के साथ अन्य कलाकारों की बनाई हुई कला कृतियां शामिल हैं। यह प्रदर्शनी 13 से 18 सितंबर तक देखी जा सकेगी। प्रदर्शनी में कलाकारों ने अपनी कला के जरिए यादों, पुरानी कहानियों, परंपराओं और आज की जिंदगी को अलग-अलग अंदाज में दिखाया है। रामचंद्र खरातमाल की कलाकृतियों में संयुक्त परिवार और घर-परिवार से जुड़े भाव नजर आते हैं। वहीं वर्षा खरातमाल ने अपनी रचनाओं में महिलाओं के मन और घर से जुड़ी भावनाओं को जगह दी है। आदिवासी परंपरा से शहर की जिंदगी तक दिखी राजस्थान के गौरी शंकर सोनी की कलाकृतियों में मिट्टी, प्रकृति और अपनी जड़ों से जुड़ी बातें दिखाई देती हैं। उमेंद्र प्रताप सिंह ने अपनी कला में इंसानी जीवन और उसकी परिस्थितियों को सामने रखा है। सुकांता दास की रचनाओं में बंगाल की कला, सपनों और कल्पना की झलक मिलती है। सीआर हेम्ब्रम की कलाकृतियों में संताल समाज की परंपराएं और आदिवासी जीवन को नए अंदाज में दिखाया गया है। विश्वास एम ने अलग-अलग चीजों और शहरी जीवन को आधार बनाकर अपनी कला तैयार की है। तरन्नुम की रचनाओं में शांति, रोशनी और सोचने का भाव दिखाई देता है।

