जौनपुर में सड़क हादसों में दो लोगों की मौत और एक के घायल होने से जुड़े तीन मामलों में एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल ने फैसला सुनाया है। ट्रिब्यूनल के जज मनोज कुमार अग्रवाल ने बीमा कंपनियों को मृतकों के परिवार और घायल को ब्याज समेत कुल 2 करोड़ 49 लाख रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने तीनों हादसों में वाहन चालकों की लापरवाही सामने आने के बाद यह फैसला सुनाया। पहला मामला 29 फरवरी 2024 का है। खुटहन के डिहिया गांव निवासी 58 वर्षीय प्रधानाध्यापक फूलचंद प्रजापति बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान दूसरी बाइक ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में उनकी मौत हो गई। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी को उनके परिवार को 1 करोड़ रुपए देने का आदेश दिया। बोलेरो की टक्कर में आरक्षी ने गंवाई जान दूसरा हादसा 31 दिसंबर 2022 को हुआ था। सरायख्वाजा थाने में तैनात आरक्षी संतोष तिवारी आजमगढ़ जा रहे थे। इसी दौरान बोलेरो की टक्कर से उनकी मौत हो गई। कोर्ट ने मामले में चोलामंडलम जनरल इंश्योरेंस कंपनी को मृतक आरक्षी के परिवार को 72 लाख रुपए मुआवजा देने का निर्देश दिया है। ट्रक की टक्कर से आभूषण कारोबारी का पैर टूटा तीसरा मामला 22 जनवरी 2021 का है। आभूषण व्यवसायी दिनेश सेठ सड़क हादसे में घायल हो गए थे। ट्रक की टक्कर से उनका दाहिना पैर टूट गया था। मामले में द न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को दिनेश सेठ को 77 लाख रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया गया है। दो महीने में ब्याज समेत करना होगा भुगतान कोर्ट के आदेश के मुताबिक तीनों बीमा कंपनियों को संबंधित मुआवजा दो महीने के भीतर देना होगा। मुआवजे की राशि ब्याज समेत अदा की जाएगी। तीनों मामलों में हादसों के दौरान वाहन चालकों की लापरवाही साबित हुई। इसके आधार पर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल ने मृतकों के परिवार और घायल के पक्ष में फैसला सुनाया।

