उदयपुर में बड़गांव पंचायत समिति क्षेत्र के मदार गांव में टूटी और खस्ताहाल सड़क से परेशान ग्रामीणों के सब्र का बांध आखिरकार टूट गया। बार-बार गुहार लगाने के बाद भी सुनवाई न होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने आगामी चुनावों के पूर्ण बहिष्कार का ऐलान किया। गुस्साए ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए थूर रोड पर चक्काजाम कर दिया, जिससे मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलने पर बड़गांव थाना अधिकारी हितेश कुमार यादव मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से समझाइश कर जाम खुलवाया। आश्वासन के 2 महीने बाद भी नहीं शुरू हुआ काम
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की बदहाली को लेकर वे कई बार आवेदन दे चुके हैं। पूर्व में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान भी ग्रामीणों ने काम का बहिष्कार करते हुए धरना दिया था और ग्राम पंचायत कार्यालय के ताला जड़ दिया था। उस समय प्रशासनिक अधिकारियों ने जल्द काम शुरू कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन दो महीने बीत जाने के बाद भी धरातल पर कोई काम नहीं हुआ। कलेक्टर को ज्ञापन के बाद भी अनदेखी
अधिकारियों की वादाखिलाफी से नाराज ग्रामीणों ने पिछले महीने 25 सितंबर को जिला कलेक्ट्री पहुंचकर चुनाव बहिष्कार की चेतावनी का ज्ञापन सौंपा था। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा सड़क निर्माण को लेकर कोई कदम नहीं उठाया गया। आखिर में परेशान होकर पूरे गांव ने एकराय होकर चुनाव बहिष्कार का फैसला लिया है। पैच वर्क से नहीं मानेंगे, चाहिए पक्की सड़क
ग्रामीणों ने साफ कहा है कि इस बार वे पीडब्ल्यूडी और प्रशासन के किसी पैच वर्क या लीपापोती के झांसे में नहीं आएंगे। उनकी मुख्य मांग है कि चुनाव आचार संहिता से पहले ‘थूर की पाल’ से लेकर ‘मदार’ तक पूरी तरह पक्की सड़क बनाई जाए। कलेक्ट्रेट घेराव की चेतावनी
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि जब तक सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं होता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। अपनी मांगों को लेकर ग्रामीण सोमवार को पंचायत भवन का घेराव करेंगे और इसके बाद कलेक्ट्री पर उग्र प्रदर्शन और धरना देंगे।

