Swara Bhasker Padmaavat Controversy: अभिनेत्री स्वरा भास्कर एक बार फिर अपने बयान को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ के जौहर वाले सीन पर स्वरा की टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हुआ है। कुछ लोगों ने उनके बयान का अर्थ ये निकाला कि उन्होंने रानी पद्मावती और जौहर करने वाली महिलाओं को कायर कहा था। अब इस पूरे विवाद में उनके पति और NCP-SP नेता फहाद अहमद ने स्वरा का खुलकर बचाव किया है।
फहाद अहमद ने आरोप लगाने वालों को दी चुनौती
फहाद अहमद ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर कोई ये साबित कर दे कि स्वरा ने रानी पद्मावती को कायर कहा था, तो वह कानूनी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार हैं। उनका कहना है कि बात केवल माफी मांगने तक सीमित नहीं होगी, बल्कि यदि आरोप सही साबित होता है तो देश के कानून के मुताबिक मिलने वाली सजा भी स्वीकार की जाएगी।
फहाद ने अपने पोस्ट में यह भी आरोप लगाया कि स्वरा के बयान को एक अलग अर्थ देकर उनके खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह ऐसे आरोपों के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।
आखिर स्वरा ने क्या कहा था?
विवाद उस वक्त शुरू हुआ जब स्वरा का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर दोबारा वायरल होने लगा। इसमें वह ‘पद्मावत’ के क्लाइमैक्स में दिखाए गए जौहर के प्रसंग पर अपनी राय रखती नजर आई थीं।
स्वरा का कहना है कि उनकी बात को गलत तरीके से पेश किया गया। अभिनेत्री ने सफाई देते हुए स्पष्ट किया कि उन्होंने रानी पद्मावती या जौहर करने वाली महिलाओं को कायर नहीं बताया था। उनके मुताबिक उनकी टिप्पणी का मकसद महिलाओं के जीवन और उनकी गरिमा से जुड़े एक बड़े सवाल को उठाना था।
रेप सर्वाइवर्स को लेकर उठाया सवाल
स्वरा ने अपने बयान की व्याख्या करते हुए कहा कि वह यह सवाल उठा रही थीं कि अगर कोई महिला यौन हिंसा का शिकार होने के बाद भी जीवित रहती है, तो क्या समाज उसे इस तरह महसूस कराए कि उसे मर जाना चाहिए था।
उन्होंने अपनी बात को मौजूदा समाज में महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा के मामलों से जोड़ते हुए कहा कि किसी महिला की जिंदगी की कीमत उसकी शारीरिक ‘पवित्रता’ से कम नहीं हो सकती। इसी संदर्भ में उन्होंने दिल्ली-एनसीआर से जुड़े एक कथित यौन उत्पीड़न मामले और निर्भया कांड का भी उल्लेख किया।
स्वरा ने दी अपनी सफाई
स्वरा ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में कहा कि उनके बयान का गलत अनुवाद और गलत व्याख्या करके एक अलग नैरेटिव बनाया गया। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले उनका मूल बयान सुनें।
अभिनेत्री ने यह भी कहा कि उनके बयान से असहमति रखने वाले लोग उनकी आलोचना कर सकते हैं, लेकिन आरोप तथ्य के आधार पर लगाए जाने चाहिए। उन्होंने दोहराया कि उनका मुद्दा महिलाओं के जीने के अधिकार और यौन हिंसा से बचे लोगों के प्रति समाज के रवैये से जुड़ा था। फिलहाल स्वरा भास्कर के बयान को लेकर सोशल मीडिया पर बहस जारी है। वहीं फहाद अहमद के समर्थन के बाद यह विवाद राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय भी बन गया है।

