संवेदक संघ ने डीसी से की झारखंड में प्रभावी संशोधित अनुसूचित दर के अनुरूप पुनः प्राक्कलन कराने की मांग

संवेदक संघ ने डीसी से की झारखंड में प्रभावी संशोधित अनुसूचित दर के अनुरूप पुनः प्राक्कलन कराने की मांग

पश्चिमी सिंहभूम ग्रामीण संवेदक संघ ने जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएम एफटी) फंड से वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रस्तावित निर्माण एवं विकास योजनाओं की निविदा प्रक्रिया को लेकर उपायुक्त को पत्र सौंपा है। संघ के अध्यक्ष सुनील सिरका ने उपायुक्त से मांग की है कि जिन डीएमएफटी योजनाओं की निविदा प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है, उनका 31 अगस्त 2026 से पूरे झारखंड में प्रभावी संशोधित अनुसूचित दर शेड्यूल ऑफ़ रेट्स 2026 के अनुरूप पुनः प्राक्कलन कराया जाए। इसके बाद ही उन योजनाओं की निविदा प्रक्रिया शुरू की जाए। बैठक में विस्तृत विचार-विमर्श के बाद झारखंड दर अनुसूची निर्धारण मानक संचालन प्रक्रिया, 2020 में निर्धारित प्रावधानों के आलोक में संशोधित अनुसूचित दर को अनुमोदित किया गया। साथ ही 31 अगस्त 2026 से पूरे झारखंड में सभी विभागों में संशोधित अनुसूचित दर लागू करने का निर्णय लिया गया। संघ का कहना है कि वर्तमान समय में निर्माण सामग्री, मजदूरी, परिवहन सहित निर्माण कार्य से जुड़ी विभिन्न लागतों में बदलाव हो चुका है। ऐसे में यदि 31 अगस्त 2026 से प्रभावी संशोधित एसओआर को नजरअंदाज कर पुरानी अनुसूचित दर के आधार पर डीएम एफटी योजनाओं की निविदा निकाली जाती है, तो कार्य निष्पादन के दौरान संवेदकों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। संघ ने आशंका जताई है कि पुराने प्राक्कलन पर कार्य आवंटित होने के बाद बढ़ी हुई लागत और वास्तविक खर्च के बीच अंतर संवेदकों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। इसका असर योजनाओं के निर्धारित समय में पूरा होने तथा निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी पड़ने की संभावना है। ग्रामीण संवेदक संघ ने उपायुक्त से स्पष्ट रूप से आग्रह किया है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में डीएमएफटी फंड से कराए जाने वाले उन सभी निर्माण एवं विकास कार्यों, जिनकी निविदा प्रक्रिया अभी प्रारंभ नहीं हुई है। नए एसआरओ के अनुरूप पुनः प्राक्कलन कराया जाए। संघ द्वारा कई कार्यपालक अभियंताओं को भी इसकी प्रतिलिपि भेजी गई है। पश्चिमी सिंहभूम ग्रामीण संवेदक संघ ने जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएम एफटी) फंड से वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रस्तावित निर्माण एवं विकास योजनाओं की निविदा प्रक्रिया को लेकर उपायुक्त को पत्र सौंपा है। संघ के अध्यक्ष सुनील सिरका ने उपायुक्त से मांग की है कि जिन डीएमएफटी योजनाओं की निविदा प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है, उनका 31 अगस्त 2026 से पूरे झारखंड में प्रभावी संशोधित अनुसूचित दर शेड्यूल ऑफ़ रेट्स 2026 के अनुरूप पुनः प्राक्कलन कराया जाए। इसके बाद ही उन योजनाओं की निविदा प्रक्रिया शुरू की जाए। बैठक में विस्तृत विचार-विमर्श के बाद झारखंड दर अनुसूची निर्धारण मानक संचालन प्रक्रिया, 2020 में निर्धारित प्रावधानों के आलोक में संशोधित अनुसूचित दर को अनुमोदित किया गया। साथ ही 31 अगस्त 2026 से पूरे झारखंड में सभी विभागों में संशोधित अनुसूचित दर लागू करने का निर्णय लिया गया। संघ का कहना है कि वर्तमान समय में निर्माण सामग्री, मजदूरी, परिवहन सहित निर्माण कार्य से जुड़ी विभिन्न लागतों में बदलाव हो चुका है। ऐसे में यदि 31 अगस्त 2026 से प्रभावी संशोधित एसओआर को नजरअंदाज कर पुरानी अनुसूचित दर के आधार पर डीएम एफटी योजनाओं की निविदा निकाली जाती है, तो कार्य निष्पादन के दौरान संवेदकों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। संघ ने आशंका जताई है कि पुराने प्राक्कलन पर कार्य आवंटित होने के बाद बढ़ी हुई लागत और वास्तविक खर्च के बीच अंतर संवेदकों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। इसका असर योजनाओं के निर्धारित समय में पूरा होने तथा निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी पड़ने की संभावना है। ग्रामीण संवेदक संघ ने उपायुक्त से स्पष्ट रूप से आग्रह किया है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में डीएमएफटी फंड से कराए जाने वाले उन सभी निर्माण एवं विकास कार्यों, जिनकी निविदा प्रक्रिया अभी प्रारंभ नहीं हुई है। नए एसआरओ के अनुरूप पुनः प्राक्कलन कराया जाए। संघ द्वारा कई कार्यपालक अभियंताओं को भी इसकी प्रतिलिपि भेजी गई है।  

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