संयम लोढ़ा बार-बार लॉरेंस गैंग के निशाने पर क्यों?:वजह- रंगदारी या पर्सनल दुश्मनी? पहले शूटर बुलाए, अब AK-47 से भूनने की धमकी

संयम लोढ़ा बार-बार लॉरेंस गैंग के निशाने पर क्यों?:वजह- रंगदारी या पर्सनल दुश्मनी? पहले शूटर बुलाए, अब AK-47 से भूनने की धमकी

सिरोही के पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता संयम लोढ़ा को लॉरेंस गैंग ने 11 अक्टूबर को विदेशी नंबरों से ऑडियो मैसेज भेजकर जान से मारने की धमकी दी। मैसेज भेजने वाले ने खुद को लॉरेंस गैंग का गैंगस्टर आरजू बताया। इससे पहले सितंबर में भी लोढ़ा पर हमले के लिए आए 2 शूटर्स पकड़े गए थे। आखिर क्यों संयम लोढ़ा लॉरेंस गैंग के निशाने पर है? क्या इसकी वजह रंगदारी है या पर्सनल दुश्मनी? इन सवालों के जवाब जानने के लिए भास्कर ने मामले को इन्वेस्टिगेट किया। 2 महीने से हमले की कोशिश और धमकी 20 सितंबर को जोधपुर में एसओजी व एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने नेपाल बॉर्डर से आए दो शूटर जसकरण सिंह और राजेंद्र सिंह उर्फ बिल्ला को गिरफ्तार किया था। दोनों ने पूर्व विधायक के फार्म हाउस की रेकी की। निकाय चुनाव के चलते फार्म हाउस पर हर समय भीड़ थी, ऐसे में दोनों हमला नहीं कर सके। पुलिस ने जांच में माना कि मामला रंगदारी से जुड़ा नहीं था। 11 अक्टूबर 2026 को पूर्व विधायक के मोबाइल पर विदेशी नंबरों से 3 इंटरनेशनल कॉल आए। कॉल रिसीव नहीं किए तो ऑडियो मैसेज भेजा। ऑडियो मैसेज भेजने वाले ने खुद को गैंगस्टर आरजू बताते हुए चुनौती दी थी- तुम चाहे जितनी सुरक्षा बढ़ा लो, घर में घुसकर स्टेनगन और AK-47 से भून देंगे। दुश्मनी के 3 संभावित कारण 2 एंगल से जांच कर रही पुलिस गैंगस्टर्स को लेकर संयम लोढ़ा के चर्चित बयान… बयान 1 : ‘जेलों से गैंग चलाना सिस्टम की नाकामी’ मार्च 2024 में संयम लोढ़ा ने पहली बार पंजाब और राजस्थान की जेलों में बंद गैंगस्टरों के मोबाइल फोन इस्तेमाल करने के मुद्दे को जोर-शोर से उठाया था। उन्होंने बयान दिया कि ‘यह हमारे कानून और सुरक्षा तंत्र के मुंह पर तमाचा है कि लॉरेंस बिश्नोई जैसा अपराधी जेल के भीतर बैठकर नेशनल टीवी पर इंटरव्यू दे देता है। वहां से रंगदारी का रैकेट चलाता है। जब तक जेलों के भीतर बैठे इन आकाओं के फोन बंद नहीं होंगे, तब तक सड़कों पर अपराध कम नहीं हो सकता।’ बयान 2: ‘सुरक्षा के लिए खुद धमकी मांगते हैं वीआईपी’ सितंबर 2026 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की चार्जशीट और इनपुट्स का हवाला देते हुए पूर्व विधायक ने मीडिया में कहा था कि ‘एनआईए की जांच से सामने आया है कि देश के कई प्रभावशाली लोग, राजनेता और सेलिब्रिटीज सिर्फ सरकार से गनमैन और वीआईपी सुरक्षा (Security) पाने के लिए खुद लॉरेंस गैंग से संपर्क करते हैं। वे गैंग को मोटी रकम देते हैं और कहते हैं कि तुम हमें जान से मारने की धमकी दो।’ पूर्व विधायक बोले- मैं धमकियों से डरने वाला नहीं भास्कर ने मामले में संयम लोढ़ा से बात की। उनका कहना है- पुलिस पता लगाएगी कि मुझे बार-बार धमकी देने वाले कौन हैं। मैं डरने वाला नहीं हूं। जनता के बीच हूं। पंचायती राज चुनावों और जनसंपर्क के कार्यों में पूरी तरह सक्रिय हूं। हाईप्रोफाइल केस होने के कारण पुलिस ने सुमेरपुर सदर थाने में दर्ज एफआईआर को हिडन कर रखा है। सिरोही एसपी अजयसिंह राठौड़ ने कहा- मामला एसओजी और एजीटीएफ देख रही है। पुलिस मुख्यालय से जो निर्देश मिले हैं, उनके अनुसार पूर्व विधायक की सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। पाली एसपी और एसओजी जोधपुर चौकी के एएसपी शाहिन ने ऑफिशियली कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। टाइगर श्रॉफ पर हमले को लेकर चर्चा में लॉरेंस गैंग बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ पर 18 अक्टूबर को मुंबई में हुए हमले की जिम्मेदारी लॉरेंस गैंग के अनिल पंडित ने ली थी। हमलावरों को राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से पुलिस ने पकड़ा था। पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपियों के निशाने पर कोई दूसरा सेलिब्रिटी था। पूरी खबर पढ़िए…

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