‘श्रीमद्भागवतम पार्ट 1: विष्णुरात’ का पोस्टर रिलीज़, सिनेमाघरों में भक्ति और भव्यता का संगम लेकर आ रहे है सागर पिक्चर्स

‘श्रीमद्भागवतम पार्ट 1: विष्णुरात’ का पोस्टर रिलीज़, सिनेमाघरों में भक्ति और भव्यता का संगम लेकर आ रहे है सागर पिक्चर्स
सागर पिक्चर्स एक बार फिर ऐसी कहानी लेकर बड़े पर्दे की ओर बढ़ रहा है, जिसका रिश्ता भारतीय संस्कृति और आस्था से बेहद गहरा है। ‘श्रीमद्भागवतम पार्ट 1: विष्णुरात’ का मोशन पोस्टर जारी कर दिया गया है और इसके साथ ही सात हिस्सों में तैयार की जा रही इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की फर्स्ट लुक सामने आ गई है। पोस्टर में भगवान श्रीकृष्ण के आशीर्वाद देते हाथ को केंद्र में रखा गया है। दृश्य भले ही सादा हो, लेकिन उसमें छिपा संकेत काफी बड़ा है।
फिल्म का पहला अध्याय ‘विष्णुरात’ है, जिसका अर्थ उस व्यक्ति से जुड़ा है जिसकी रक्षा स्वयं भगवान विष्णु करते हैं। भागवत महापुराण से प्रेरित यह कहानी भक्ति, धर्म और मनुष्य तथा परम शक्ति के बीच के रिश्ते को अपने केंद्र में रखेगी। निर्माताओं ने पहली झलक में चमकदार युद्ध दृश्यों या भारी-भरकम विजुअल्स के बजाय एक शांत और आध्यात्मिक छवि चुनी है। यही सादगी इस प्रोजेक्ट को लेकर उत्सुकता बढ़ाती है कि पर्दे के पीछे आखिर कितना बड़ा संसार तैयार किया जा रहा है।
 

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‘श्रीमद्भागवतम’ सागर परिवार के लिए महज एक फिल्म नहीं है, बल्कि अपनी जड़ों की ओर लौटने जैसा भी है। 1987 में ‘रामायण’ के जरिए रामानंद सागर ने भारतीय टेलीविजन पर ऐसी छाप छोड़ी थी, जिसे आज भी याद किया जाता है। अब उसी विरासत को नई पीढ़ी आगे बढ़ा रही है। रामानंद सागर के पोते आकाश सागर चोपड़ा और अमृत सागर चोपड़ा इस फिल्म का सह-निर्देशन कर रहे हैं। यानी कहानी पुरानी है, लेकिन उसे बड़े पर्दे पर पेश करने का नजरिया नई पीढ़ी का है।
फिल्म की सबसे दिलचस्प बात इसका पैमाना है। भागवत की विशाल कथा को एक फिल्म में समेटने के बजाय इसे सात भागों की सिनेमाई गाथा के रूप में तैयार किया जा रहा है। इससे कहानी के पात्रों, घटनाओं और आध्यात्मिक पहलुओं को विस्तार देने की गुंजाइश मिलती है। साथ ही, निर्माताओं के सामने चुनौती भी कम नहीं है—उन्हें भव्यता और आस्था के बीच ऐसा संतुलन बनाना होगा, जिसमें दृश्य आकर्षक हों लेकिन मूल कथा की गरिमा भी कायम रहे।
 

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फिल्म का निर्माण फिलहाल अंतिम दौर में है और इसके लिए बड़े स्तर पर प्रोडक्शन डिजाइन और विजुअल वर्ल्ड तैयार किया जा रहा है। निर्माताओं का उद्देश्य ऐसी दुनिया गढ़ना है जो देखने में भव्य होने के साथ-साथ विश्वसनीय भी लगे। अभी मोशन पोस्टर ने कहानी के पत्ते ज्यादा नहीं खोले हैं, लेकिन शायद यही इसकी रणनीति है—थोड़ा दिखाओ और दर्शकों की उत्सुकता पूरी तरह जगा दो।
सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट की ‘श्रीमद्भागवतम पार्ट 1: विष्णुरात’ 2027 में दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है, वह भी प्रीमियम फॉर्मेट में। फिलहाल मोशन पोस्टर ने बस दरवाजा खोला है; असली सिनेमाई संसार की झलक आने वाले समय में देखने को मिलेगी। अगर सागर परिवार अपनी पुरानी कहानी कहने की ताकत को आधुनिक तकनीक और बड़े पर्दे की भव्यता के साथ जोड़ने में सफल रहा, तो ‘विष्णुरात’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि भारतीय पौराणिक सिनेमा की एक नई लंबी यात्रा की शुरुआत बन सकती है।
 
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