इस सप्ताह स्थानीय शेयर बाजार की दिशा विप्रो और एचसीएल टेक जैसी प्रमुख कंपनियों के तिमाही नतीजों, मुद्रास्फीति के आंकड़ों, वैश्विक रुझानों और कच्चे तेल की चाल से तय होगी। विश्लेषकों ने यह राय जताई है। विश्लेषकों ने कहा कि इसके अलावा निवेशकों की नजर विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की गतिविधियों, रुपये की चाल, अमेरिकी बॉण्ड प्रतिफल और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर भी रहेगी।
शोध विश्लेषक फर्म एचएसटी वेल्थ के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) हरिसेल्वन राधाकृष्णन ने कहा, ‘‘इस सप्ताह घरेलू मोर्चे पर पहले सितंबर माह के लिए खुदरा (सीपीआई) मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर नजर रहेगी। यदि आंकड़े उम्मीद से अधिक ऊंचे रहते हैं, तो इससे रिजर्व बैंक द्वारा नीतिगत दरों में और सख्ती की चिंताएं दोबारा उभर सकती हैं। इससे बैंकिंग, वाहन और रियल एस्टेट जैसे ब्याज दरों के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों पर दबाव पड़ सकता है।
साथ ही उपभोक्ता मांग में व्यापक गिरावट का जोखिम भी बढ़ सकता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘नरम आंकड़े ब्याज दरों के तेजी से बढ़ने संबंधी चिंताओं को कम कर सकते हैं, लेकिन यदि कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना रहता है तो ऐसी कोई भी राहत अल्पकालिक साबित हो सकती है। थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति के आंकड़े यह स्पष्ट संकेत देंगे कि बढ़ी हुई ऊर्जा और लॉजिस्टिक लागत का असर उत्पादक कीमतों पर किस हद तक पड़ रहा है। उन्होंने आगे कहा कि आईटी क्षेत्र पर विशेष नजर रहेगी क्योंकि एचसीएल टेक्नोलॉजीज, विप्रो और टेक महिंद्रा अपने सितंबर तिमाही के वित्तीय परिणाम घोषित करेंगी।
इस सप्ताह अन्य प्रमुख नतीजों में बीएचईएल, केनरा बैंक, एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज, एचडीएफसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी और नेस्ले के परिणाम शामिल हैं। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के शोध प्रमुख (संपत्ति प्रबंधन) सिद्धार्थ खेमका ने कहा, ‘‘इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजारों में सीमित दायरे में कारोबार देखने को मिल सकता है, क्योंकि बाजार बेहतर होती घरेलू आय के रुझान और बढ़ते वैश्विक जोखिमों के बीच संतुलन साधने की कोशिश कर रहे हैं। ब्रेंट क्रूड का 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना रहना और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार बिकवाली धारणा को प्रभावित कर रही है।’’
उन्होंने कहा कि लगातार आठ सप्ताह की गिरावट के बाद पिछले सप्ताह निफ्टी-50 में 0.4 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जो निचले स्तर पर कुछ स्थिरता का संकेत देती है।
पिछले सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 562.63 अंक या 0.78 प्रतिशत चढ़ा था, जबकि एनएसई का निफ्टी 98.5 अंक या 0.43 प्रतिशत बढ़कर बंद हुआ था। ऑनलाइन ट्रेडिंग फर्म एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर ने कहा, ‘‘सितंबर तिमाही के नतीजे आने साथ ही कंपनियों के वित्तीय परिणाम स्थानीय स्तर पर प्रदर्शन को तेजी से प्रभावित करेंगे। टीसीएस के नतीजों ने आईटी शेयरों में सुधार को गति दी, जिससे शुक्रवार को व्यापक सूचकांकों को समर्थन मिला।

