शेखपुरा DM ने बाढ़-सुखाड़ की तैयारियों की रिव्यु की:अधिकारियों को अलर्ट किया, समय पर तैयारी पूरी करने के निर्देश

शेखपुरा DM ने बाढ़-सुखाड़ की तैयारियों की रिव्यु की:अधिकारियों को अलर्ट किया, समय पर तैयारी पूरी करने के निर्देश

शेखपुरा में गुरुवार को डीएम शेखर आनंद की अध्यक्षता में बाढ़ और सुखाड़ की तैयारियों को लेकर एक बैठक हुई। यह बैठक समाहरणालय के मंथन सभागार में आयोजित की गई। डीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों को आपदा से निपटने के लिए तैयार रहने और सभी जरूरी तैयारियां समय पर पूरी करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति में खाद्यान्न पैकेजिंग, पॉलीथिन शीट्स का वितरण और राहत शिविरों के साथ-साथ सामुदायिक रसोई का सफल संचालन किया जाए। सड़कों की मरम्मत कराने, प्रभावित क्षेत्रों में नाद बनाने, चापाकल और टैंकर से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। निबंधन और परिचालन की व्यवस्था करने को भी कहा नगर निकायों में जलजमाव से निपटने के लिए पंपिंग और साफ-सफाई की पुख्ता व्यवस्था करने को भी कहा गया। बाढ़ और सुखाड़ के दौरान जलजनित बीमारियों और स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त दवाएं उपलब्ध रखने, डॉक्टरों की पूरी उपस्थिति सुनिश्चित करने और पंचायत स्तर पर स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए गए। पशुओं के लिए चारा और भूसा उपलब्ध कराने, पशु चिकित्सा शिविर चलाने और नावों के आसान निबंधन और परिचालन की व्यवस्था करने को भी कहा गया। आपदा के समय बिजली सप्लाई बाधित न हो, इसके लिए विद्युत कार्यपालक अभियंता को ट्रांसफार्मर लोड प्रबंधन, कृषि फीडरों का संचालन और लाइनों के रखरखाव को दुरुस्त रखने का निर्देश दिया गया। 10 शरणस्थल और सामुदायिक रसोई केंद्र चिन्हित डीएम ने बताया कि जिले का घाटकुसुम्भा अंचल मुख्य रूप से जल-जमाव से प्रभावित होता है। इस अंचल की 5 पंचायत के 24 राजस्व ग्राम हरोहर नदी के किनारे स्थित हैं। जिले में 15 निजी नावों के साथ करार किया गया है। आपात स्थिति के लिए 22 गोताखोर और 19 लाइफ जैकेट उपलब्ध हैं। जिले में 6510 पॉलीथिन शीट्स भी मौजूद हैं। बाढ़ प्रभावित घाटकुसुम्भा और शेखपुरा अंचल में 10 शरणस्थल और सामुदायिक रसोई केंद्र चिन्हित किए गए हैं। खरीफ 2026 में 28,330.7 हेक्टेयर के लक्ष्य के मुकाबले 27,432.5 हेक्टेयर (96.83%) में फसल आच्छादन पूरा हो चुका है। पशुओं के लिए 4 बाढ़ सहाय्य केंद्र चिन्हित हैं और 32 प्रकार की पशु दवाएं उपलब्ध हैं। मानव स्वास्थ्य के लिए 62 प्रकार की जीवन रक्षक दवाएं और 54 मेडिकल टीमों का गठन किया गया है। शेखपुरा में गुरुवार को डीएम शेखर आनंद की अध्यक्षता में बाढ़ और सुखाड़ की तैयारियों को लेकर एक बैठक हुई। यह बैठक समाहरणालय के मंथन सभागार में आयोजित की गई। डीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों को आपदा से निपटने के लिए तैयार रहने और सभी जरूरी तैयारियां समय पर पूरी करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति में खाद्यान्न पैकेजिंग, पॉलीथिन शीट्स का वितरण और राहत शिविरों के साथ-साथ सामुदायिक रसोई का सफल संचालन किया जाए। सड़कों की मरम्मत कराने, प्रभावित क्षेत्रों में नाद बनाने, चापाकल और टैंकर से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। निबंधन और परिचालन की व्यवस्था करने को भी कहा नगर निकायों में जलजमाव से निपटने के लिए पंपिंग और साफ-सफाई की पुख्ता व्यवस्था करने को भी कहा गया। बाढ़ और सुखाड़ के दौरान जलजनित बीमारियों और स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त दवाएं उपलब्ध रखने, डॉक्टरों की पूरी उपस्थिति सुनिश्चित करने और पंचायत स्तर पर स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए गए। पशुओं के लिए चारा और भूसा उपलब्ध कराने, पशु चिकित्सा शिविर चलाने और नावों के आसान निबंधन और परिचालन की व्यवस्था करने को भी कहा गया। आपदा के समय बिजली सप्लाई बाधित न हो, इसके लिए विद्युत कार्यपालक अभियंता को ट्रांसफार्मर लोड प्रबंधन, कृषि फीडरों का संचालन और लाइनों के रखरखाव को दुरुस्त रखने का निर्देश दिया गया। 10 शरणस्थल और सामुदायिक रसोई केंद्र चिन्हित डीएम ने बताया कि जिले का घाटकुसुम्भा अंचल मुख्य रूप से जल-जमाव से प्रभावित होता है। इस अंचल की 5 पंचायत के 24 राजस्व ग्राम हरोहर नदी के किनारे स्थित हैं। जिले में 15 निजी नावों के साथ करार किया गया है। आपात स्थिति के लिए 22 गोताखोर और 19 लाइफ जैकेट उपलब्ध हैं। जिले में 6510 पॉलीथिन शीट्स भी मौजूद हैं। बाढ़ प्रभावित घाटकुसुम्भा और शेखपुरा अंचल में 10 शरणस्थल और सामुदायिक रसोई केंद्र चिन्हित किए गए हैं। खरीफ 2026 में 28,330.7 हेक्टेयर के लक्ष्य के मुकाबले 27,432.5 हेक्टेयर (96.83%) में फसल आच्छादन पूरा हो चुका है। पशुओं के लिए 4 बाढ़ सहाय्य केंद्र चिन्हित हैं और 32 प्रकार की पशु दवाएं उपलब्ध हैं। मानव स्वास्थ्य के लिए 62 प्रकार की जीवन रक्षक दवाएं और 54 मेडिकल टीमों का गठन किया गया है।  

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