शेखपुरा में श्मशान घाट पर डंपिंग यार्ड का विरोध:निर्माण के समय ग्रामीणों और अधिकारियों में हुई थी झड़प और पथराव

शेखपुरा में श्मशान घाट पर डंपिंग यार्ड का विरोध:निर्माण के समय ग्रामीणों और अधिकारियों में हुई थी झड़प और पथराव

शेखपुरा में शुक्रवार को डीएम ऑफिस में ‘सबका सम्मान जीवन आसान’ कार्यक्रम के तहत जनता दरबार लगा। इसमें ज्यादातर मामले जमीन से जुड़े थे। बरबीघा के दरिया चक गांव में 4 दिन पहले शुरू किए गए डंपिंग यार्ड निर्माण का ग्रामीणों ने विरोध किया। गांव के एक खास प्रतिनिधिमंडल ने अपनी बड़ी समस्या लेकर शुक्रवार को डीएम शेखर आनंद से मुलाकात की। ग्रामीणों ने जो आवेदन दिया, उस पर कुल 73 लोगों के हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान थे। शिकायतकर्ताओं ने डीएम को बताया कि दरिया चक गांव में श्मशान घाट की जमीन पर प्रशासन कचरा डंपिंग यार्ड बना रहा है। डंपिंग यार्ड के लिए दूसरी जगह चुनने का अनुरोध ग्रामीणों ने साफ किया कि इस जगह का इस्तेमाल लंबे समय से गांव के सभी समुदायों द्वारा शवों के अंतिम संस्कार और दफनाने के लिए किया जाता रहा है। श्मशान घाट की जमीन पर कचरा डंपिंग यार्ड बनने से न केवल धार्मिक और सामाजिक भावनाएं आहत हो रही हैं, बल्कि इलाके में भारी गंदगी और बीमारियां फैलने का खतरा भी है। ग्रामीणों ने डीएम से तुरंत इस निर्माण कार्य को रोकने और डंपिंग यार्ड के लिए कोई और सही जगह चुनने का अनुरोध किया। लोगों के हित में जरूरी कदम उठाए जाएंगे – DM डीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों की बातें ध्यान से सुनीं। उन्होंने संबंधित अंचल अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे मौके पर जाकर निष्पक्ष जांच करें और तुरंत एक सही व पूरी जांच रिपोर्ट दें। डीएम ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर कानून के हिसाब से और लोगों के हित में जरूरी कदम उठाए जाएंगे। बता दें कि दरियाचक में डंपिंग यार्ड का काम शुरू होने के बाद ग्रामीण और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच विवाद बढ़ गया था। इसके बाद झड़प, हाथापाई और पथराव भी हुआ था। इस घटना के बाद जूनियर इंजीनियर ने बरबीघा थाने में दरियाचक गांव के लोगों के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें 10 लोगों को नामजद और 20 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया था। शेखपुरा में शुक्रवार को डीएम ऑफिस में ‘सबका सम्मान जीवन आसान’ कार्यक्रम के तहत जनता दरबार लगा। इसमें ज्यादातर मामले जमीन से जुड़े थे। बरबीघा के दरिया चक गांव में 4 दिन पहले शुरू किए गए डंपिंग यार्ड निर्माण का ग्रामीणों ने विरोध किया। गांव के एक खास प्रतिनिधिमंडल ने अपनी बड़ी समस्या लेकर शुक्रवार को डीएम शेखर आनंद से मुलाकात की। ग्रामीणों ने जो आवेदन दिया, उस पर कुल 73 लोगों के हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान थे। शिकायतकर्ताओं ने डीएम को बताया कि दरिया चक गांव में श्मशान घाट की जमीन पर प्रशासन कचरा डंपिंग यार्ड बना रहा है। डंपिंग यार्ड के लिए दूसरी जगह चुनने का अनुरोध ग्रामीणों ने साफ किया कि इस जगह का इस्तेमाल लंबे समय से गांव के सभी समुदायों द्वारा शवों के अंतिम संस्कार और दफनाने के लिए किया जाता रहा है। श्मशान घाट की जमीन पर कचरा डंपिंग यार्ड बनने से न केवल धार्मिक और सामाजिक भावनाएं आहत हो रही हैं, बल्कि इलाके में भारी गंदगी और बीमारियां फैलने का खतरा भी है। ग्रामीणों ने डीएम से तुरंत इस निर्माण कार्य को रोकने और डंपिंग यार्ड के लिए कोई और सही जगह चुनने का अनुरोध किया। लोगों के हित में जरूरी कदम उठाए जाएंगे – DM डीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों की बातें ध्यान से सुनीं। उन्होंने संबंधित अंचल अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे मौके पर जाकर निष्पक्ष जांच करें और तुरंत एक सही व पूरी जांच रिपोर्ट दें। डीएम ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर कानून के हिसाब से और लोगों के हित में जरूरी कदम उठाए जाएंगे। बता दें कि दरियाचक में डंपिंग यार्ड का काम शुरू होने के बाद ग्रामीण और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच विवाद बढ़ गया था। इसके बाद झड़प, हाथापाई और पथराव भी हुआ था। इस घटना के बाद जूनियर इंजीनियर ने बरबीघा थाने में दरियाचक गांव के लोगों के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें 10 लोगों को नामजद और 20 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया था।  

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