शेखपुरा के गिरिहिंडा स्थित स्थाई आश्रय स्थल का आठवां स्थापना दिवस समारोहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर हर्ष और उल्लास का माहौल रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ। इसके बाद नगर परिषद के टैक्स दरोगा मो. गुलाम सरफुद्दीन उर्फ मो. कैश सहित अन्य पदाधिकारी और कर्मी, आश्रय स्थल की संचालिका किरण देवी और सीआरपी की उपस्थिति में केक काटा गया। सभी उपस्थित लोगों के बीच केक वितरित किया गया। मौके पर मौजूद नगर परिषद के पदाधिकारियों ने बताया कि इस आश्रय स्थल का निर्माण 8 साल पहले राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन योजना के तहत लगभग 20 लाख रुपये की लागत से किया गया था। यह भूले-भटके राहगीरों और अन्य जरूरतमंदों के निशुल्क ठहराव के लिए बनाया गया है। आश्रय स्थल में कुल 20 बेड उपलब्ध हैं, जिनमें 10 महिलाओं के लिए और 10 पुरुषों के लिए हैं। यहां ठहरने के साथ-साथ निशुल्क भोजन की व्यवस्था भी है। यह आश्रय स्थल वर्षों से जरूरतमंदों को सहारा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। संचालिका किरण देवी ने सभी का आभार व्यक्त किया और आश्रय स्थल को और बेहतर बनाने का संकल्प दोहराया। इस कार्यक्रम में आश्रय स्थल के लाभार्थी भी शामिल हुए, जिससे माहौल खुशनुमा रहा। शेखपुरा के गिरिहिंडा स्थित स्थाई आश्रय स्थल का आठवां स्थापना दिवस समारोहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर हर्ष और उल्लास का माहौल रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ। इसके बाद नगर परिषद के टैक्स दरोगा मो. गुलाम सरफुद्दीन उर्फ मो. कैश सहित अन्य पदाधिकारी और कर्मी, आश्रय स्थल की संचालिका किरण देवी और सीआरपी की उपस्थिति में केक काटा गया। सभी उपस्थित लोगों के बीच केक वितरित किया गया। मौके पर मौजूद नगर परिषद के पदाधिकारियों ने बताया कि इस आश्रय स्थल का निर्माण 8 साल पहले राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन योजना के तहत लगभग 20 लाख रुपये की लागत से किया गया था। यह भूले-भटके राहगीरों और अन्य जरूरतमंदों के निशुल्क ठहराव के लिए बनाया गया है। आश्रय स्थल में कुल 20 बेड उपलब्ध हैं, जिनमें 10 महिलाओं के लिए और 10 पुरुषों के लिए हैं। यहां ठहरने के साथ-साथ निशुल्क भोजन की व्यवस्था भी है। यह आश्रय स्थल वर्षों से जरूरतमंदों को सहारा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। संचालिका किरण देवी ने सभी का आभार व्यक्त किया और आश्रय स्थल को और बेहतर बनाने का संकल्प दोहराया। इस कार्यक्रम में आश्रय स्थल के लाभार्थी भी शामिल हुए, जिससे माहौल खुशनुमा रहा।

