सोशल मीडिया पर अपनी बेबाक बातों को लेकर चर्चा में आए 6 वर्षीय आदित्य कुमार अब अपने माता-पिता के साथ गर्दनीबाग धरनास्थल पर मौन धरने पर बैठ गया है। आदित्य का आरोप है कि 25 अगस्त को छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस ने उसे जबरन हिरासत में लिया और उसके माता-पिता के साथ मारपीट की। हालांकि, पटना पुलिस ने बच्चे को गिरफ्तार किए जाने के आरोप से इनकार करते हुए कहा है कि उसे सुरक्षा के लिहाज से प्रदर्शन स्थल से हटाकर थाने में रखा गया था और बाद में उसकी मां को सौंप दिया गया। डीजीपी से मिलकर दी थी चेतावनी, अब धरने पर बैठा आदित्य आदित्य शनिवार को अपने माता-पिता के साथ पटना पुलिस मुख्यालय पहुंचा था। वहां उसने बिहार के डीजीपी विनय कुमार से मुलाकात कर छात्र आंदोलन के दौरान हुई कथित कार्रवाई को लेकर शिकायत की थी। आदित्य ने कथित तौर पर दोषी पुलिसकर्मियों, विशेष रूप से एक एसपी और आईपीएस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। डीजीपी से मुलाकात के दौरान उसने कहा था कि अगर उसे न्याय नहीं मिला तो वह गर्दनीबाग धरना स्थल पर बैठकर विरोध करेगा। अब कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए आदित्य अपने माता-पिता के साथ धरना स्थल पर पहुंच गया है। उसने मौन व्रत धारण किया है और हाथ में संविधान की किताब लेकर न्याय की मांग कर रहा है। 25 अगस्त को डाकबंगला चौराहे पर हुआ था विवाद पूरे मामले की शुरुआत 25 अगस्त 2026 को पटना के डाकबंगला चौराहे से हुई थी। BPSC और TRE-4 से जुड़ी कथित अनियमितताओं तथा पेपर लीक के आरोपों को लेकर बड़ी संख्या में छात्र प्रदर्शन और मार्च कर रहे थे। आदित्य भी तिरंगा और पोस्टर लेकर प्रदर्शन में शामिल हुआ था। प्रदर्शन के दौरान स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। इसी दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया, जिसमें पुलिसकर्मी एक छोटे बच्चे को वहां से हटाकर ले जाते दिखाई दिए। इसके बाद आदित्य को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई। परिवार का आरोप- करीब 8 घंटे तक थाने में रखा आदित्य और उसके परिजनों का आरोप है कि पुलिस उसे सड़क से उठाकर अपने साथ ले गई और करीब 8 घंटे तक थाने में रखा गया। परिवार का दावा है कि इस दौरान बच्चे को डराया-धमकाया गया।
आदित्य की मां का आरोप है कि जब वह अपने बच्चे को छुड़ाने के लिए पहुंचीं तो पुलिसकर्मियों के साथ उनकी कहासुनी हुई। उनके साथ मारपीट की गई। परिवार ने इस पूरे मामले में जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने कहा- गिरफ्तार नहीं किया गया था वहीं, बच्चे को हिरासत में लिए जाने को लेकर विवाद बढ़ने के बाद पटना पुलिस ने अपनी सफाई दी थी। पुलिस के अनुसार, आदित्य को गिरफ्तार नहीं किया गया था। पुलिस का कहना था कि प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण थी और बच्चे की सुरक्षा को देखते हुए उसे उपद्रव वाले इलाके से हटाकर थाने ले जाया गया था। वहां उसे सुरक्षित रखा गया और बाद में उसकी मां को सौंप दिया गया। कौन है 6 साल का आदित्य? आदित्य मूल रूप से गया के अतरी प्रखंड के मोहम्मदपुर का रहने वाला बताया जा रहा है। वर्तमान में उसका परिवार पटना के पुनाईचक इलाके में रहता है। उसके पिता दिहाड़ी मजदूरी करते हैं, जबकि उसकी मां दूसरे लोगों के घरों में घरेलू काम करती हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य बताई जाती है। आदित्य अपने माता-पिता का इकलौता बच्चा है और फिलहाल पहली कक्षा में पढ़ता है। सोशल मीडिया पर अपनी बेबाक बातों को लेकर चर्चा में आए 6 वर्षीय आदित्य कुमार अब अपने माता-पिता के साथ गर्दनीबाग धरनास्थल पर मौन धरने पर बैठ गया है। आदित्य का आरोप है कि 25 अगस्त को छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस ने उसे जबरन हिरासत में लिया और उसके माता-पिता के साथ मारपीट की। हालांकि, पटना पुलिस ने बच्चे को गिरफ्तार किए जाने के आरोप से इनकार करते हुए कहा है कि उसे सुरक्षा के लिहाज से प्रदर्शन स्थल से हटाकर थाने में रखा गया था और बाद में उसकी मां को सौंप दिया गया। डीजीपी से मिलकर दी थी चेतावनी, अब धरने पर बैठा आदित्य आदित्य शनिवार को अपने माता-पिता के साथ पटना पुलिस मुख्यालय पहुंचा था। वहां उसने बिहार के डीजीपी विनय कुमार से मुलाकात कर छात्र आंदोलन के दौरान हुई कथित कार्रवाई को लेकर शिकायत की थी। आदित्य ने कथित तौर पर दोषी पुलिसकर्मियों, विशेष रूप से एक एसपी और आईपीएस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। डीजीपी से मुलाकात के दौरान उसने कहा था कि अगर उसे न्याय नहीं मिला तो वह गर्दनीबाग धरना स्थल पर बैठकर विरोध करेगा। अब कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए आदित्य अपने माता-पिता के साथ धरना स्थल पर पहुंच गया है। उसने मौन व्रत धारण किया है और हाथ में संविधान की किताब लेकर न्याय की मांग कर रहा है। 25 अगस्त को डाकबंगला चौराहे पर हुआ था विवाद पूरे मामले की शुरुआत 25 अगस्त 2026 को पटना के डाकबंगला चौराहे से हुई थी। BPSC और TRE-4 से जुड़ी कथित अनियमितताओं तथा पेपर लीक के आरोपों को लेकर बड़ी संख्या में छात्र प्रदर्शन और मार्च कर रहे थे। आदित्य भी तिरंगा और पोस्टर लेकर प्रदर्शन में शामिल हुआ था। प्रदर्शन के दौरान स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। इसी दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया, जिसमें पुलिसकर्मी एक छोटे बच्चे को वहां से हटाकर ले जाते दिखाई दिए। इसके बाद आदित्य को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई। परिवार का आरोप- करीब 8 घंटे तक थाने में रखा आदित्य और उसके परिजनों का आरोप है कि पुलिस उसे सड़क से उठाकर अपने साथ ले गई और करीब 8 घंटे तक थाने में रखा गया। परिवार का दावा है कि इस दौरान बच्चे को डराया-धमकाया गया।
आदित्य की मां का आरोप है कि जब वह अपने बच्चे को छुड़ाने के लिए पहुंचीं तो पुलिसकर्मियों के साथ उनकी कहासुनी हुई। उनके साथ मारपीट की गई। परिवार ने इस पूरे मामले में जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने कहा- गिरफ्तार नहीं किया गया था वहीं, बच्चे को हिरासत में लिए जाने को लेकर विवाद बढ़ने के बाद पटना पुलिस ने अपनी सफाई दी थी। पुलिस के अनुसार, आदित्य को गिरफ्तार नहीं किया गया था। पुलिस का कहना था कि प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण थी और बच्चे की सुरक्षा को देखते हुए उसे उपद्रव वाले इलाके से हटाकर थाने ले जाया गया था। वहां उसे सुरक्षित रखा गया और बाद में उसकी मां को सौंप दिया गया। कौन है 6 साल का आदित्य? आदित्य मूल रूप से गया के अतरी प्रखंड के मोहम्मदपुर का रहने वाला बताया जा रहा है। वर्तमान में उसका परिवार पटना के पुनाईचक इलाके में रहता है। उसके पिता दिहाड़ी मजदूरी करते हैं, जबकि उसकी मां दूसरे लोगों के घरों में घरेलू काम करती हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य बताई जाती है। आदित्य अपने माता-पिता का इकलौता बच्चा है और फिलहाल पहली कक्षा में पढ़ता है।

