Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की महायुति सरकार में वित्त मंत्रालय के बंटवारे का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की अध्यक्ष और राज्य की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस बैठक में उनके सांसद बेटे पार्थ पवार भी मौजूद थे। कद्दावर नेता अजित पवार के निधन के बाद वित्त मंत्रालय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास है। NCP लगातार यह मांग कर रही है कि वित्त मंत्रालय सुनेत्रा पवार को सौंपा जाए। ऐसे में अमित शाह के साथ हुई मुलाकात को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
बिना पटेल और तटकरे के सुनेत्रा पवार की अमित शाह से दूसरी मुलाकात
सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार की अमित शाह के साथ यह दूसरी मुलाकात बताई जा रही है, जिसमें प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे मौजूद नहीं थे। प्रफुल्ल पटेल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और सुनील तटकरे महाराष्ट्र के प्रदेश अध्यक्ष हैं। हालांकि इस बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, राज्य के वित्त मंत्रालय के बंटवारे और मराठवाड़ा की सूखे की स्थिति जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की अटकलें लगाई जा रही हैं।
अजित पवार के निधन के बाद से ही वित्त मंत्रालय को लेकर एनसीपी की मांग जारी है। पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल सहित अन्य नेताओं ने भी यह विभाग पार्टी को देने की मांग उठाई है। अब सुनेत्रा पवार की अमित शाह से मुलाकात के बाद इस मुद्दे पर फिर राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
सुनील तटकरे ने भी दोहराई वित्त मंत्रालय की मांग
NCP के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने भी पार्टी को वित्त मंत्रालय दिए जाने की मांग दोहराई है। इसके बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस विषय पर चर्चा हुई है और सभी मिलकर निर्णय लेंगे।
इस बयान के बाद महायुति में वित्त मंत्रालय के बंटवारे को लेकर चर्चा और तेज हो गई है। इससे पहले पुणे में भाजपा और NCP नेताओं के बीच समन्वय बैठक भी हुई थी। इस बैठक में वित्त मंत्रालय के मुद्दे पर चर्चा होने की जानकारी सामने आई थी। हालांकि, भाजपा की ओर से महायुति में किसी तरह की नाराजगी या विवाद होने से इनकार किया गया था।
रोहित पवार के दावे से बढ़ी सियासी चर्चा
NCP (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने 18 अक्टूबर को दावा किया था कि सुनेत्रा पवार को वित्त मंत्री का पद नहीं मिलेगा। उन्होंने अजित पवार के निधन के बाद भाजपा द्वारा वित्त मंत्रालय अपने पास रखने को लेकर भी आलोचना की थी।
वहीं, सुनेत्रा पवार ने दो दिन पहले मराठवाड़ा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव प्रचार के सिलसिले में बीड और नांदेड़ का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने कहा था कि सत्तारूढ़ महायुति में कोई विवाद नहीं है। उनके मुताबिक, गठबंधन में अलग-अलग विचारधाराओं के लोग हो सकते हैं, लेकिन साथ आने के बाद सभी को एकजुट होकर काम करना चाहिए।
सुनेत्रा पवार ने किसी का नाम लिए बिना यह भी कहा था कि कुछ लोग गलत बातें फैलाने में माहिर होते हैं। उन्होंने दोहराया कि सत्तारूढ़ गठबंधन में सब कुछ ठीक है।
शीतकालीन सत्र से पहले हो सकता है फैसला?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या महाराष्ट्र में शीतकालीन अधिवेशन से पहले वित्त मंत्रालय को लेकर कोई फैसला होगा। सुनेत्रा पवार की दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात, सुनील तटकरे की मांग और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बयान के बाद इस मुद्दे पर सबकी नजरें टिकी हैं।
हालांकि, वित्त मंत्रालय किसे सौंपा जाएगा, इसे लेकर अब तक किसी अंतिम निर्णय की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। आने वाले दिनों में महायुति के शीर्ष नेताओं के बीच होने वाली चर्चाओं के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

